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Panipat News: अपार आईडी 30 तक बनाई जाएगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 03:56 AM IST
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Apar ID will be made till 30
पानीपत। अब कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों का शैक्षणिक ब्योरा एक क्लिक में देखा जा सकेगा। इसके लिए 12वीं कक्षा तक के बच्चों की अपार आईडी के माध्यम से शैक्षणिक कुंडली बनाई जाएगी जो डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर विद्यार्थी की हमेशा के लिए पहचान रहेगा। जिले के सभी स्कूलों के बच्चों की अपार आईडी बनाई जा रही है। वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। राजकीय स्कूलों में सभी विद्यार्थियों की आईडी 30 नवंबर तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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यू डाइस प्लस पोर्टल के माध्यम से ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी का सृजन किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर इसके लिए जिला स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसमें बच्चों से संबंधित सभी तरह का विवरण दर्ज किया जाएगा।
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योजना के तहत पानीपत जिले के 422 राजकीय विद्यालयों में पंजीकृत करीब 1.10 लाख विद्यार्थियों सहित निजी विद्यालयों के करीब 2.5 लाख विद्यार्थियों को भी इस योजना में पंजीकृत किया जाएगा। इसमें जिले के सभी राजकीय विद्यालय, निजी विद्यालय, मॉडल संस्कृति, पीएमश्री स्कूल, सीबीएसई बोर्ड, हरियाणा बोर्ड आदि से जुड़े हुए छात्र-छात्राओं को इस आईडी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
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12 अंकों का जारी होगा यूनिक नंबर

अपार आईडी एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें भारत सरकार की ओर से स्कूली शिक्षा में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए 12 अंकों का एक यूनिक नंबर जारी होगा। परमानेंट एजुकेशन नंबर के आधार पर तैयार इस आईडी को आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। इसकी सहायता से भविष्य में सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रगति की ट्रैकिंग की जा सकेगी।



आधार के बिना नहीं बनेगी अपार आईडी

शिक्षा अधिकारियों के अनुसार अपार आईडी के लिए विद्यार्थी के पास आधार कार्ड होना चाहिए। साथ ही यू डाइस प्लस पर विद्यार्थी का डाटा स्कूल द्वारा सत्यापित होना चाहिए। यू डाइस पोर्टल पर माता-पिता, अभिभावक का सही मोबाइल नंबर उपलब्ध होना चाहिए। जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड नहीं है, उन्हें आधार बनवा लेना चाहिए। इसके बिना अपार आईडी जेनरेट नहीं होगी।





रोजगार व विभिन्न नौकरियों में होगी आसानी

अपार आईडी के माध्यम से रोजगार व अन्य नौकरियों में सेवायोजक को आसानी होगी। इस आईडी के माध्यम से वह छात्र-छात्राओं से जुड़ी हुई सभी तरह की डिटेल आसानी से देख सकेंगे। इसमें अलग से सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। वहीं फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल करना आसान नहीं रह जाएगा। स्कूल के दौरान बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने वाले ड्रॉपआउट बच्चों को पहचान इस अपार आईडी के माध्यम से आसानी से किया जा सकेगा।






वर्जन-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में छात्रों के लिए एक अद्वितीय आईडी बनाने पर जोर दिया गया था। अब इसे लागू करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। माता-पिता अभिभावक से अपार आईडी से संबंधित सहमति पत्र भरवाकर आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 30 नवंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रणाली छात्रों के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान होगी जो उनके भविष्य के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।

- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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