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Panipat News: आश्वासनों के बीच उलझे अंसल के 2700 परिवार
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पानीपत। एक साल बाद भी बिजली निगम, नगर निगम, एचएसवीपी और नेताओं के आश्वासनों के बीच अंसल के 2700 परिवार उलझे हुए हैं। यहां के लोगों को सदन में प्रस्ताव पास होने और नेताओं के आश्वासन के बाद भी आज तक न तो नगर निगम में शामिल किया गया। न ही अंसल के डिफॉल्टर होने के बाद यहां की सड़कों की मरम्मत एचएसवीपी ने कराई और एक माह तक धरना देने के बाद भी न यहां के लोगाें को अपने अलग अलग बिजली के मीटर मिले। जिसकी वजह से शहर का सबसे पॉर्श एरिया होने के बाद भी यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इसे लेकर मंगलवार को अंसल के लोगों ने कांग्रेसी नेताओं के साथ भाजपा नेताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनसे जवाब मांगा है।
इनका कहना है कि अब भाजपा सरकार के दस साल पूरे होने जा रहे हैं। सौ बार आश्वासन देने के बाद भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया है। अब तक भाजपा के नेता क्या कर रहे हैं। उनके हर काम मुख्यालयों में जाकर क्यों अटक जाते हैं। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर वे उनकी समस्याओं के समाधान नहीं करा सकते तो उन्हें स्पष्ट जवाब दें।
अंसल निवासी एडवोकेट एवं कांग्रेसी नेता सुरभि शर्मा ने कहा कि अंसल के लोगों ने 11 माह पहले बिजली की किल्लत को लेकर लगातार एक माह तक धरना प्रदर्शन किया था। उनकी 11 केवी की लाइन तो लग गई लेकिन उनको अलग अलग बिजली मीटर नहीं मिले। अंसल का रखरखाव का ज्यादातर बजट अंसल के बिजली के बिल में ही चला जाता है। हर बार अंसल पर 70 से 80 लाख रुपये तक बकाया बिल रहता है। बकाया बिल पर बिजली निगम जुर्माना लगाता है। जिसे लोगों को भुगतना पड़ता है। ये एक गंभीर समस्या है। जिसका समाधान आज तक नहीं हो पाया है।
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उन्होंने कहा कि अंसल के डिफॉल्टर होने के बाद अंसल को एचएसवीपी ने शामिल कर लिया था लेकिन आज तक अंसल की 24 मीटर वाली सड़कें नहीं बन पाई हैं। न इन सड़कों की मरम्मत हो सकी है। नगर निगम नेताओं ने धरने पर आकर उनको निगम में शामिल करने का आश्वासन दिया था। सदन में प्रस्ताव पास किया गया लेकिन आज तक अंसल को निगम में शामिल नहीं किया जा सका। जिसका खामियाजा अंसल के 2700 परिवारों को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस में शामिल हुए वार्ड 26 के निवर्तमान पार्षद विजय जैन ने ग्रामीण विधायक एवं राज्य मंत्री महिपाल ढांडा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके आश्वासन जुमले साबित हुए हैं। अब विधानसभा चुनाव के तीन माह ही बचे हैं। अब तक वे अंसल के बकाया काम करवा सकते हैं।
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इनका कहना है कि अब भाजपा सरकार के दस साल पूरे होने जा रहे हैं। सौ बार आश्वासन देने के बाद भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया है। अब तक भाजपा के नेता क्या कर रहे हैं। उनके हर काम मुख्यालयों में जाकर क्यों अटक जाते हैं। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर वे उनकी समस्याओं के समाधान नहीं करा सकते तो उन्हें स्पष्ट जवाब दें।
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अंसल निवासी एडवोकेट एवं कांग्रेसी नेता सुरभि शर्मा ने कहा कि अंसल के लोगों ने 11 माह पहले बिजली की किल्लत को लेकर लगातार एक माह तक धरना प्रदर्शन किया था। उनकी 11 केवी की लाइन तो लग गई लेकिन उनको अलग अलग बिजली मीटर नहीं मिले। अंसल का रखरखाव का ज्यादातर बजट अंसल के बिजली के बिल में ही चला जाता है। हर बार अंसल पर 70 से 80 लाख रुपये तक बकाया बिल रहता है। बकाया बिल पर बिजली निगम जुर्माना लगाता है। जिसे लोगों को भुगतना पड़ता है। ये एक गंभीर समस्या है। जिसका समाधान आज तक नहीं हो पाया है।
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उन्होंने कहा कि अंसल के डिफॉल्टर होने के बाद अंसल को एचएसवीपी ने शामिल कर लिया था लेकिन आज तक अंसल की 24 मीटर वाली सड़कें नहीं बन पाई हैं। न इन सड़कों की मरम्मत हो सकी है। नगर निगम नेताओं ने धरने पर आकर उनको निगम में शामिल करने का आश्वासन दिया था। सदन में प्रस्ताव पास किया गया लेकिन आज तक अंसल को निगम में शामिल नहीं किया जा सका। जिसका खामियाजा अंसल के 2700 परिवारों को भुगतना पड़ता है। कांग्रेस में शामिल हुए वार्ड 26 के निवर्तमान पार्षद विजय जैन ने ग्रामीण विधायक एवं राज्य मंत्री महिपाल ढांडा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके आश्वासन जुमले साबित हुए हैं। अब विधानसभा चुनाव के तीन माह ही बचे हैं। अब तक वे अंसल के बकाया काम करवा सकते हैं।