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आंगनबाड़ी वर्करों ने रोका जीटी रोड
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 15 Nov 2013 11:24 PM IST
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पानीपत के आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने अपनी मांगों के लिए जीटी रोड पर शहर विधायक के कार्यालय के बाहर जाम लगा दिया। आधा घंटा जाम लगा रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई बीमार भी जाम में फंस गए।
प्रशासन को लगातार तीसरे दिन कर्मियों की नारेबाजी सुननी पड़ी। यूनियन नेताओं ने मांगे लागू न होने पर 12 दिसंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
सीटू के नेतृत्व में आंगनबाड़ी और आशा वर्कर शुक्रवार सुबह वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जीटी रोड स्थित शहर विधायक बलबीर पाल शाह के कार्यालय के सामने जाम लगा दिया। कुछ ही देर में जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया और पुलिस के पसीने छूट गए।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। वे तालियां बजाकर सरकार विरोधी नारे लगाती रहीं।
सीटू के जिला प्रधान सुनील दत्त ने कहा कि सरकार आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के साथ भेदभाव कर रही है।
वे लंबे समय से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को सरकार के सामने रख रही है। सीटू भी उनकी मांगों का समर्थन करता है। यूनियन की राज्य नेता सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण और हरियाणा नंबर का दावा कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश में इनमें से आज कोई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की 20 हजार आशा वर्कर अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
लेकिन सरकार उनको अनदेखा कर रही है। इससे पहले आशा और आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंची। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा करती है तो वे 12 दिसंबर को जंतर-मंतर दिल्ली में एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगी। इस मौके पर यूनियन की राज्य नेता सुमन शर्मा, जिला प्रधान सरबती, सचिव नन्ही देवी, पिंकी, सुशीला, संतोष, आशा, सीमा, उषा, सुशीला, रीना, गायत्री, सुनीता, सीमा, मीना और लक्ष्मी मौजूद रहे।
ये रही मांग
सरकार उनके साथ भेदभाव व बंद करें।
आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करें।
आशा वर्करों को 15 हजार न्यूनतम वेतनतान दिया जाएं।
उनको ड्रेस के साथ-साथ दिन व रात का अलग-अलग चार्ज दिया जाएं।
आंगनबाड़ी में राशन बनाने वाली सहयोगियों का वेतन निर्धारित किया जाएं।
राशन तैयार करने में आने वाला खर्च भी विभाग द्वारा दिया जाना चाहिए।
उनको प्रति बच्चे के हिसाब से मजदूर देना बंद किया जाएं।
बीमारों ने भुगती परेशानी
आंगनबाड़ी और आशा वर्करों की हड़ताल के चलते जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया और कई बीमार भी इसमें फंस गए। बिलासपुर निवासी जेलाराम को पीजीआई खानुपर ले जाया जा रहा था। लेकिन उसको एंबुलेंस में होने पर भी जगह नहीं मिली। परिजनों की खुशामद करने के बाद भी महिलाएं जीटी रोड से नहीं हटी। इसके अलावा अन्य वाहन चालक भी जाम में फंसे रहे। जीटी रोड पर आधा घंटा जाम का असर कई घंटे तक रहा।
विधायक नहीं आए बाहर
आंगनबाड़ी और आशा वर्कर विधायक के सामने अपनी मांगों को रखने पहुंची थी। लेकिन महिलाओं के आधा घंटे तक जाम लगाए रहने के बाद भी वे कार्यालय से बाहर नहीं निकले। नगर सुधार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मुकेश टुटेजा ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और विधायक की तबीयत खराब होने की कही, लेकिन महिलाओं ने उनको अनसुना कर दिया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद करीब डेढ़ बजे जाम खुलवाया।
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प्रशासन को लगातार तीसरे दिन कर्मियों की नारेबाजी सुननी पड़ी। यूनियन नेताओं ने मांगे लागू न होने पर 12 दिसंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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सीटू के नेतृत्व में आंगनबाड़ी और आशा वर्कर शुक्रवार सुबह वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जीटी रोड स्थित शहर विधायक बलबीर पाल शाह के कार्यालय के सामने जाम लगा दिया। कुछ ही देर में जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया और पुलिस के पसीने छूट गए।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। वे तालियां बजाकर सरकार विरोधी नारे लगाती रहीं।
सीटू के जिला प्रधान सुनील दत्त ने कहा कि सरकार आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के साथ भेदभाव कर रही है।
वे लंबे समय से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को सरकार के सामने रख रही है। सीटू भी उनकी मांगों का समर्थन करता है। यूनियन की राज्य नेता सुमन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण और हरियाणा नंबर का दावा कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश में इनमें से आज कोई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की 20 हजार आशा वर्कर अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
लेकिन सरकार उनको अनदेखा कर रही है। इससे पहले आशा और आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंची। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा करती है तो वे 12 दिसंबर को जंतर-मंतर दिल्ली में एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगी। इस मौके पर यूनियन की राज्य नेता सुमन शर्मा, जिला प्रधान सरबती, सचिव नन्ही देवी, पिंकी, सुशीला, संतोष, आशा, सीमा, उषा, सुशीला, रीना, गायत्री, सुनीता, सीमा, मीना और लक्ष्मी मौजूद रहे।
ये रही मांग
सरकार उनके साथ भेदभाव व बंद करें।
आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करें।
आशा वर्करों को 15 हजार न्यूनतम वेतनतान दिया जाएं।
उनको ड्रेस के साथ-साथ दिन व रात का अलग-अलग चार्ज दिया जाएं।
आंगनबाड़ी में राशन बनाने वाली सहयोगियों का वेतन निर्धारित किया जाएं।
राशन तैयार करने में आने वाला खर्च भी विभाग द्वारा दिया जाना चाहिए।
उनको प्रति बच्चे के हिसाब से मजदूर देना बंद किया जाएं।
बीमारों ने भुगती परेशानी
आंगनबाड़ी और आशा वर्करों की हड़ताल के चलते जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया और कई बीमार भी इसमें फंस गए। बिलासपुर निवासी जेलाराम को पीजीआई खानुपर ले जाया जा रहा था। लेकिन उसको एंबुलेंस में होने पर भी जगह नहीं मिली। परिजनों की खुशामद करने के बाद भी महिलाएं जीटी रोड से नहीं हटी। इसके अलावा अन्य वाहन चालक भी जाम में फंसे रहे। जीटी रोड पर आधा घंटा जाम का असर कई घंटे तक रहा।
विधायक नहीं आए बाहर
आंगनबाड़ी और आशा वर्कर विधायक के सामने अपनी मांगों को रखने पहुंची थी। लेकिन महिलाओं के आधा घंटे तक जाम लगाए रहने के बाद भी वे कार्यालय से बाहर नहीं निकले। नगर सुधार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मुकेश टुटेजा ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और विधायक की तबीयत खराब होने की कही, लेकिन महिलाओं ने उनको अनसुना कर दिया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद करीब डेढ़ बजे जाम खुलवाया।