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...और गार्ड ने डॉक्टर को जड़ा थप्पड़
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पानीपत। सिविल अस्पताल में एक सिक्योरिटी गार्ड ने ट्रेनी डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिए। डॉक्टर कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए गया था, यहां गार्ड ने उसे सीधा रूम में जाने से रोक दिया। डॉक्टर ने विरोध किया तो गार्ड ने थप्पड़ जड़ दिए। ट्रेनी डॉक्टर ने एमएलआर कटवाकर इसकी शिकायत सिटी थाना पुलिस व पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर को दी। डॉ. संजीव ग्रोवर ने डॉ. केतन भारद्वाज को मामले की जांच सौंप दी है।
डॉ. गौरव निवासी सेक्टर 7 ने बताया कि वो एक साल पहले रूस से एमबीबीएस की पढ़ाई करके लौटा था। अब वो सिविल अस्पताल में ट्रेनिंग कर रहा है। उसका बड़ा भाई डॉ. दीपक भी यहीं पर ट्रेनिंग करता है। वो सोमवार को टीकाकरण केंद्र पर कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए गया था। उसका जानकार भी साथ आया था। जब वो केंद्र के अंदर जाने लगे तो वहां तैैनात सिक्योरिटी गार्ड रूबल ने उन्हें रोक दिया।
उन्होंने बताया कि वो सिविल अस्पताल के डॉक्टर है, लेकिन रूबल ने इसे अनसुना कर दिया। जब वो केंद्र के अंदर जाने लगे तो कॉलर पकड़कर पीछे खींच लिया। उसने विरोध किया तो रूबल ने थप्पड़ मारे। उसने ईएनटी ओपीडी में तैनात अपने बड़े भाई डॉ. दीपक को इस बारे में बताया। जब वो शिकायत लेकर डॉ. केतन के पास गए, तब तक गार्ड वहां से भाग गया। उन्होंने अपना मेडिकल कराकर इसकी शिकायत पीएमओ व पुलिस चौकी में दी है।
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रोते हुए बोला- तभी सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाहते डॉक्टर
डॉ. गौरव इस घटना से इतना आहत हुए कि उन्होंने घर पर कॉल कर अपनी मां को बुला लिया। मां को देखकर डॉ. गौरव भावुक हो गए। उन्होंने मां के सामने रोते हुए कहा कि मां इसलिए डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाहते, क्योंकि यहां डॉक्टरों की कोई कदर नहीं है। यहां के सिक्योरिटी गार्ड ही डॉक्टरों के साथ मारपीट कर देते हैं।
मामले की चल रही जांच
उन्हें ट्रेनी डॉक्टर के साथ मारपीट की शिकायत मिली है। मामले की जांच डॉ. केतन भारद्वाज को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
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डॉ. गौरव निवासी सेक्टर 7 ने बताया कि वो एक साल पहले रूस से एमबीबीएस की पढ़ाई करके लौटा था। अब वो सिविल अस्पताल में ट्रेनिंग कर रहा है। उसका बड़ा भाई डॉ. दीपक भी यहीं पर ट्रेनिंग करता है। वो सोमवार को टीकाकरण केंद्र पर कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए गया था। उसका जानकार भी साथ आया था। जब वो केंद्र के अंदर जाने लगे तो वहां तैैनात सिक्योरिटी गार्ड रूबल ने उन्हें रोक दिया।
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उन्होंने बताया कि वो सिविल अस्पताल के डॉक्टर है, लेकिन रूबल ने इसे अनसुना कर दिया। जब वो केंद्र के अंदर जाने लगे तो कॉलर पकड़कर पीछे खींच लिया। उसने विरोध किया तो रूबल ने थप्पड़ मारे। उसने ईएनटी ओपीडी में तैनात अपने बड़े भाई डॉ. दीपक को इस बारे में बताया। जब वो शिकायत लेकर डॉ. केतन के पास गए, तब तक गार्ड वहां से भाग गया। उन्होंने अपना मेडिकल कराकर इसकी शिकायत पीएमओ व पुलिस चौकी में दी है।
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रोते हुए बोला- तभी सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाहते डॉक्टर
डॉ. गौरव इस घटना से इतना आहत हुए कि उन्होंने घर पर कॉल कर अपनी मां को बुला लिया। मां को देखकर डॉ. गौरव भावुक हो गए। उन्होंने मां के सामने रोते हुए कहा कि मां इसलिए डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाहते, क्योंकि यहां डॉक्टरों की कोई कदर नहीं है। यहां के सिक्योरिटी गार्ड ही डॉक्टरों के साथ मारपीट कर देते हैं।
मामले की चल रही जांच
उन्हें ट्रेनी डॉक्टर के साथ मारपीट की शिकायत मिली है। मामले की जांच डॉ. केतन भारद्वाज को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल