{"_id":"674b7dc516b992d1660f2f84","slug":"aids-is-spreading-rapidly-in-the-district-244-infected-people-were-found-this-year-panipat-news-c-244-1-pnp1001-128284-2024-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: जिले में तेजी पाव पसार रही एड्स, इस साल 244 संक्रमित मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: जिले में तेजी पाव पसार रही एड्स, इस साल 244 संक्रमित मिले
विज्ञापन
पानीपत। एड्स तेजी के साथ पाव पसार रही है। जिले में करीब 2626 संक्रमित हैं। इसी साल की बात करें तो अब तक करीब 244 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 21 गर्भवती हैं। इनका इलाज कर बच्चों को संक्रमण से रोकने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
विश्व एड्स दिवस हर साल एक दिसंबर को मनाया जाता है। इस बार इसका थीम राइट टू टेक पाथ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एड्स को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार जागरूक कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
इसके साथ संक्रमित लोगों का संभावित इलाज भी किया जा रहा है। विभाग के जानकारों की माने तो इस साल सामान्य रूप से 11500 लोगों की एड्स की जांच की। इनमें 223 एड्स संक्रमित मिले। वहीं 5654 गर्भवतियों की एड्स की जांच की। इनमें 12 गर्भवती एड्स संक्रमित मिली। जिले की बात करें तो 2626 एड्स संक्रमित हैं। इनमें से 2433 का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
टैटू में सूंई का दोबारा प्रयोग करना भी कारण
एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि आजकल हर किसी में टैटू बनवाने का ट्रेंड है। युवा और महिलाओं में यह कुछ अधिक है। कई बार देखने में आया है कि टैटू बनाते समय उसी सूंई का दूसरे व्यक्ति पर प्रयोग कर दिया जाता है। इस तरह संक्रमित व्यक्ति पर प्रयोग की सूंई दूसरे व्यक्ति को लगना ज्यादा खतरनाक है।
बच्चा संक्रमण से बच सकता है
एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि एड्स संक्रमित होने पर किसी को डरना नहीं चाहिए। इसका इलाज कुछ हद तक संभव हो गया है। गर्भवती महिला संक्रमित मिलती है तो उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से दवा खाने की जरूरत है।
लोगों को लगातार किया जा रहा है जागरूक
जिला नागरिक अस्पताल के एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि लोगों को एड्स को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल में जांच करने के साथ उनको कार्यस्थल पर भी जागरूक किया जाता है। विश्व एड्स दिवस पर जिला नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम किया जाएगा। इसके साथ रेलवे स्टेशन और खुखराना गांव स्थित सीमेंट फैक्ट्री में कार्यक्रम किया जाएगा।
विज्ञापन
विश्व एड्स दिवस हर साल एक दिसंबर को मनाया जाता है। इस बार इसका थीम राइट टू टेक पाथ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एड्स को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार जागरूक कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इसके साथ संक्रमित लोगों का संभावित इलाज भी किया जा रहा है। विभाग के जानकारों की माने तो इस साल सामान्य रूप से 11500 लोगों की एड्स की जांच की। इनमें 223 एड्स संक्रमित मिले। वहीं 5654 गर्भवतियों की एड्स की जांच की। इनमें 12 गर्भवती एड्स संक्रमित मिली। जिले की बात करें तो 2626 एड्स संक्रमित हैं। इनमें से 2433 का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
टैटू में सूंई का दोबारा प्रयोग करना भी कारण
एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि आजकल हर किसी में टैटू बनवाने का ट्रेंड है। युवा और महिलाओं में यह कुछ अधिक है। कई बार देखने में आया है कि टैटू बनाते समय उसी सूंई का दूसरे व्यक्ति पर प्रयोग कर दिया जाता है। इस तरह संक्रमित व्यक्ति पर प्रयोग की सूंई दूसरे व्यक्ति को लगना ज्यादा खतरनाक है।
बच्चा संक्रमण से बच सकता है
एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि एड्स संक्रमित होने पर किसी को डरना नहीं चाहिए। इसका इलाज कुछ हद तक संभव हो गया है। गर्भवती महिला संक्रमित मिलती है तो उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से दवा खाने की जरूरत है।
लोगों को लगातार किया जा रहा है जागरूक
जिला नागरिक अस्पताल के एड्स काउंसलर रविंद्र कुमार ने बताया कि लोगों को एड्स को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल में जांच करने के साथ उनको कार्यस्थल पर भी जागरूक किया जाता है। विश्व एड्स दिवस पर जिला नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम किया जाएगा। इसके साथ रेलवे स्टेशन और खुखराना गांव स्थित सीमेंट फैक्ट्री में कार्यक्रम किया जाएगा।