{"_id":"6a39a4996d2501d8480a5112","slug":"after-the-panchkalyanak-mahotsav-in-delhi-lord-parshvanath-will-be-enshrined-in-panipat-panipat-news-c-244-1-pnp1001-159413-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: दिल्ली में पंचकल्याणक महोत्सव के बाद पानीपत में विराजमान होंगे श्री पार्श्वनाथ भगवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: दिल्ली में पंचकल्याणक महोत्सव के बाद पानीपत में विराजमान होंगे श्री पार्श्वनाथ भगवान
विज्ञापन
श्री पार्श्वनाथ भगवान अष्टधातु जिन बिम्ब
पानीपत। श्री पार्श्वनाथ भगवान की अष्टधातु जिन बिम्ब (प्रतिमा) जल्द ही पानीपत के बड़े दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान की जाएगी। वर्तमान में इस पावन जिन बिम्ब का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव दिल्ली के द्वारका नगरी में आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव के तहत सोमवार को भगवान के जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर विशेष पूजन व भव्य जन्माभिषेक संपन्न हुआ। महोत्सव आचार्य श्री 108 सौभाग्य सागर महाराज के ससंघ पावन सानिध्य में संपन्न हो रहा है। दिल्ली में आयोजित इस पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्ण होने के उपरांत, इस अष्टधातु जिन बिम्ब को पानीपत लाया जाएगा।
श्री दिगंबर जैन पंचायत के प्रबंधक पुनीत जैन ने बताया कि इसके बाद पानीपत स्थित जैन मोहल्ला के बड़े दिगंबर जैन मंदिर में पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान की इस प्रतिमा की विधिवत स्थापना (वेदी प्रतिष्ठा) की जाएगी।
विज्ञापन
जैन धर्म की प्रतिष्ठा विधि के अनुसार भगवान की किसी भी नवीन प्रतिमा की स्थापना से पूर्व उनके पांच कल्याणक गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और निर्वाण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता और जैन शास्त्रों के अनुसार, भगवान के इन पांचों कल्याणकों को संपन्न कराने के लिए स्वर्ग से स्वयं सौधर्म इंद्र आकर बड़े हर्षोल्लास के साथ इस भक्तिमय क्रिया को पूर्ण करते हैं।
विज्ञापन
महोत्सव के तहत सोमवार को भगवान के जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर विशेष पूजन व भव्य जन्माभिषेक संपन्न हुआ। महोत्सव आचार्य श्री 108 सौभाग्य सागर महाराज के ससंघ पावन सानिध्य में संपन्न हो रहा है। दिल्ली में आयोजित इस पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पूर्ण होने के उपरांत, इस अष्टधातु जिन बिम्ब को पानीपत लाया जाएगा।
विज्ञापन
श्री दिगंबर जैन पंचायत के प्रबंधक पुनीत जैन ने बताया कि इसके बाद पानीपत स्थित जैन मोहल्ला के बड़े दिगंबर जैन मंदिर में पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान की इस प्रतिमा की विधिवत स्थापना (वेदी प्रतिष्ठा) की जाएगी।
विज्ञापन
जैन धर्म की प्रतिष्ठा विधि के अनुसार भगवान की किसी भी नवीन प्रतिमा की स्थापना से पूर्व उनके पांच कल्याणक गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और निर्वाण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता और जैन शास्त्रों के अनुसार, भगवान के इन पांचों कल्याणकों को संपन्न कराने के लिए स्वर्ग से स्वयं सौधर्म इंद्र आकर बड़े हर्षोल्लास के साथ इस भक्तिमय क्रिया को पूर्ण करते हैं।