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ग्रैप के तहत प्रशासन नहीं कर रहा सड़कों व पेड़ पौधों पर छिड़काव, रोज औसतन 30 अंक बढ़ रहा एक्यूआई, शुक्रवार को 302 दर्ज
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जिले का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को पानीपत प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 302 पर पहुंच गया। इस माह दूसरी बाद एक्यूआई 300 के पार हुआ है। लगातार बढ़ रहे एक्यूआई का कारण ग्रैप का सख्ती से पालन न होना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक सप्ताह पहले एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए थे। ग्रैप के तहत पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रदूषण नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन किसी भी विभाग ने अपना काम जिम्मेदारी से नहीं किया। यही कारण है कि शहर की वायु लगातार जहरीली हो रही है। स्मॉग के कारण दमा व नेत्र के रोगी बढ़ रहे हैं।
किसी भी विभाग ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
नगर निगम को शहर के अंदर सड़कों के किनारे, पीडब्ल्यूडी को स्टेट हाईवे के किनारे व एएनएचआई को जीटी रोड पर सड़कों के किनारे पानी के छिड़काव का काम सौंपा गया था, लेकिन किसी भी विभाग ने जिम्मेदारी को ईमानदारी से नहीं निभाया। किसी भी सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ। हवा में धूल के कणों के कारण ही शहर का एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है।
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यहां जारी की थी पाबंदी
ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, शिक्षण संस्थान, मॉल आदि में जेनरेटर सेट पर पाबंदी के निर्देश दिए गए थे। ईपीसीए ने पहले ही साफ कर दिया था कि हाउसिंग सोसायटी में सिर्फ लिफ्ट के इस्तेमाल में छूट रहेगी।
प्रशासन को ये करानी हैं एक्टिविटी
1. सड़क निर्माण, स्ट्रॉम वाटर, ड्रेनेज और सीवरेज लाइन निर्माण में पर्यावरण नियमों का पालन करवाना।
2. रबड़ प्लास्टिक और कपड़ा आदि कचरे को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना।
3. कचरा जलाने और बायोमास जलाने वालों को रोकने के लिए टीमों का गठन करना।
4. ठोस कचरा ले जाने वाले वाहनों को पर्याप्त रूप से कवर करवाना।
5. रात के समय में नियमों की अवहेलना पर अंकुश लगाना।
6. नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने विभिन्न स्थानों पर पड़े कचरे और मलबे को उठाने की एक्टिविटी।
7. सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगाना।
8. अनाधिकृत निर्माण गतिविधियों को रोकना शामिल है।
पानीपत देश का 11 वें नंबर का सबसे प्रदूषित शहर
एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार पानीपत प्रदेश का दूसरा और देश का 11 वें नंबर का सबसे प्रदूषित शहर है। पानीपत में अवैध रूप से 5 हजार से अधिक फैक्टरियां चल रही हैं। हर रोज यहां से 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। साथ ही डाई हाउस में चप्पल व जूते जलाए जाते हैं।
पिछले 10 दिन का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
19 अक्तूबर 78
20 अक्तूबर 159
21 अक्तूबर 244
22 अक्तूबर 238
23 अक्तूबर 168
24 अक्तूबर 141
25 अक्तूबर 54
26 अक्तूबर 123
27 अक्तूबर 195
28 अक्तूबर 232
29 अक्तूबर 302
ग्रैप के तहत सभी विभागों को काम करने की जिम्मेदारी : आरओ
ग्रैप के तहत एएनएआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पुलिस को मिलकर काम करना है। सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी है। वे प्रदूषण फैलाने वाले श्रोतों को चिह्नित कर रिपोर्ट डीसी को दे रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
--कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक सप्ताह पहले एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए थे। ग्रैप के तहत पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रदूषण नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन किसी भी विभाग ने अपना काम जिम्मेदारी से नहीं किया। यही कारण है कि शहर की वायु लगातार जहरीली हो रही है। स्मॉग के कारण दमा व नेत्र के रोगी बढ़ रहे हैं।
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किसी भी विभाग ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
नगर निगम को शहर के अंदर सड़कों के किनारे, पीडब्ल्यूडी को स्टेट हाईवे के किनारे व एएनएचआई को जीटी रोड पर सड़कों के किनारे पानी के छिड़काव का काम सौंपा गया था, लेकिन किसी भी विभाग ने जिम्मेदारी को ईमानदारी से नहीं निभाया। किसी भी सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ। हवा में धूल के कणों के कारण ही शहर का एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है।
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यहां जारी की थी पाबंदी
ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, शिक्षण संस्थान, मॉल आदि में जेनरेटर सेट पर पाबंदी के निर्देश दिए गए थे। ईपीसीए ने पहले ही साफ कर दिया था कि हाउसिंग सोसायटी में सिर्फ लिफ्ट के इस्तेमाल में छूट रहेगी।
प्रशासन को ये करानी हैं एक्टिविटी
1. सड़क निर्माण, स्ट्रॉम वाटर, ड्रेनेज और सीवरेज लाइन निर्माण में पर्यावरण नियमों का पालन करवाना।
2. रबड़ प्लास्टिक और कपड़ा आदि कचरे को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना।
3. कचरा जलाने और बायोमास जलाने वालों को रोकने के लिए टीमों का गठन करना।
4. ठोस कचरा ले जाने वाले वाहनों को पर्याप्त रूप से कवर करवाना।
5. रात के समय में नियमों की अवहेलना पर अंकुश लगाना।
6. नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने विभिन्न स्थानों पर पड़े कचरे और मलबे को उठाने की एक्टिविटी।
7. सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगाना।
8. अनाधिकृत निर्माण गतिविधियों को रोकना शामिल है।
पानीपत देश का 11 वें नंबर का सबसे प्रदूषित शहर
एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार पानीपत प्रदेश का दूसरा और देश का 11 वें नंबर का सबसे प्रदूषित शहर है। पानीपत में अवैध रूप से 5 हजार से अधिक फैक्टरियां चल रही हैं। हर रोज यहां से 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। साथ ही डाई हाउस में चप्पल व जूते जलाए जाते हैं।
पिछले 10 दिन का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
19 अक्तूबर 78
20 अक्तूबर 159
21 अक्तूबर 244
22 अक्तूबर 238
23 अक्तूबर 168
24 अक्तूबर 141
25 अक्तूबर 54
26 अक्तूबर 123
27 अक्तूबर 195
28 अक्तूबर 232
29 अक्तूबर 302
ग्रैप के तहत सभी विभागों को काम करने की जिम्मेदारी : आरओ
ग्रैप के तहत एएनएआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पुलिस को मिलकर काम करना है। सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी है। वे प्रदूषण फैलाने वाले श्रोतों को चिह्नित कर रिपोर्ट डीसी को दे रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
--कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड