{"_id":"66f6dc0387381820e6013e0d","slug":"acp-records-summons-from-corporation-in-bribery-case-panipat-news-c-244-1-pnp1004-124955-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: रिश्वत मामले में एसीपी ने निगम से रिकॉर्ड किया तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: रिश्वत मामले में एसीपी ने निगम से रिकॉर्ड किया तलब
विज्ञापन
पानीपत। नगर निगम की पालिका बाजार इमारत स्थित संपत्तिकर शाखा में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वीरवार को फिर से दस्तक दे दी। एसीपी ने ब्रांच कर्मचारी को रिश्वत समेत रंगे हाथाें गिरफ्तार करने का मामले में निगम से रिकॉर्ड तलब किया है।
इस बार एसीबी पिछले सप्ताह रंगे हाथों गिरफ्तार हुए कर्मचारी अजय कुमार के मामले में निगम पहुंची। थाना प्रभारी हेमराज ने निगम अधिकारियों से आरोपी कर्मचारी का रिकॉर्ड तलब किया। वहीं, जिस महेंद्र की शिकायत पर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था उसका भी रिकॉर्ड लिया। एसीबी ने नगर निगम के संपत्तिकर शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच में शामिल होने के आदेश भी दिए। एसीबी से इंस्पेक्टर हेमराज ने कहा कि उक्त मामले में अगर किसी अन्य की संलिप्तता मिली तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
थाना प्रभारी वीरवार दोपहर करीब दो बजे पालिका बाजार कार्यालय में पहुंचे। यहां क्षेत्रीय कराधान अधिकारी जोगिंद्र से मिले। उन्होंने अधिकारी से सवाल किए कि आरोपी कब से नगरपालिका समालखा में बतौर हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत नियुक्त हुआ था। किस आधार पर किसने आरोपी को नपा समालखा से पानीपत नगर निगम में शिफ्ट कराया। आरोपी कर्मचारी ने जिससे रिश्वत मांगी थी उसकी त्रुटि पर कितनी बार आपत्ति दर्ज कराई गई थी। त्रुटि पर आपत्ति दर्ज कराने के बाद उसका हल करने का काम किस किस अधिकारी या कर्मचारी का था। पहले आपत्ति दर्ज कराने पर उसे किस आधार पर सही क्यों नहीं किया गया।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पिछले शुक्रवार को निगम कार्यालय की संपत्तिकर शाखा से क्लर्क अजय कुमार को आठ हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी ने शहर के एक युवक से 12 हजार रिश्वत की डिमांड की थी। एसीबी ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में जांच में शामिल होने वाले और तथ्यों के आधार पर गलत काम करने वाले अन्य संलिप्त कर्मचारियों पर भी एसीबी की गाज गिर सकती है। एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रभारी हेमराज ने कहा कि मामले की तह तक जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में निगम अधिकारियों से आरोपी कर्मचारी और संबंधित शिकायतकर्ता की फाइल का रिकॉर्ड लिया जा रहा है। जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इस बार एसीबी पिछले सप्ताह रंगे हाथों गिरफ्तार हुए कर्मचारी अजय कुमार के मामले में निगम पहुंची। थाना प्रभारी हेमराज ने निगम अधिकारियों से आरोपी कर्मचारी का रिकॉर्ड तलब किया। वहीं, जिस महेंद्र की शिकायत पर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था उसका भी रिकॉर्ड लिया। एसीबी ने नगर निगम के संपत्तिकर शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच में शामिल होने के आदेश भी दिए। एसीबी से इंस्पेक्टर हेमराज ने कहा कि उक्त मामले में अगर किसी अन्य की संलिप्तता मिली तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
थाना प्रभारी वीरवार दोपहर करीब दो बजे पालिका बाजार कार्यालय में पहुंचे। यहां क्षेत्रीय कराधान अधिकारी जोगिंद्र से मिले। उन्होंने अधिकारी से सवाल किए कि आरोपी कब से नगरपालिका समालखा में बतौर हरियाणा रोजगार कौशल निगम के तहत नियुक्त हुआ था। किस आधार पर किसने आरोपी को नपा समालखा से पानीपत नगर निगम में शिफ्ट कराया। आरोपी कर्मचारी ने जिससे रिश्वत मांगी थी उसकी त्रुटि पर कितनी बार आपत्ति दर्ज कराई गई थी। त्रुटि पर आपत्ति दर्ज कराने के बाद उसका हल करने का काम किस किस अधिकारी या कर्मचारी का था। पहले आपत्ति दर्ज कराने पर उसे किस आधार पर सही क्यों नहीं किया गया।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पिछले शुक्रवार को निगम कार्यालय की संपत्तिकर शाखा से क्लर्क अजय कुमार को आठ हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी ने शहर के एक युवक से 12 हजार रिश्वत की डिमांड की थी। एसीबी ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में जांच में शामिल होने वाले और तथ्यों के आधार पर गलत काम करने वाले अन्य संलिप्त कर्मचारियों पर भी एसीबी की गाज गिर सकती है। एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रभारी हेमराज ने कहा कि मामले की तह तक जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में निगम अधिकारियों से आरोपी कर्मचारी और संबंधित शिकायतकर्ता की फाइल का रिकॉर्ड लिया जा रहा है। जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।