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बिना सेफ्टी रॉड के फैक्टरी मालिक ने मैकेनिक से चलवाई मशीन, दोनों पैर टूटे
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पालीवाल नगर में फैक्टरी के मालिक के दबाव में मैकेनिक को सुरक्षा को दरकिनार कर बिना सेफ्टी रॉड के काम करना पड़ा। मशीन में श्रमिक के दोनों पैर आ गए और पैर की हड्डियां कई जगह से टूट गई। श्रमिक ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में आरोपी फैक्टरी मालिकों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र कुमार पुत्र सीता राम निवासी एकता विहार कॉलोनी ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि वो बेटों व बेटियों का पिता है। वो संजय चौक के पास पालिका नगर में अमोलक हैंडलूम वर्कस में मशीन मैकेनिक के रूप में काम करता है। 23 जनवरी को वो फैक्टरी में मशीन पर ताना चढ़ाने के लिए गया था। उसने ताना चढ़ाने से पहले देखा कि मशीन पर सेफ्टी रॉड नहीं है। उसने सुरक्षा के मद्देनजर ताना चढ़ाने से इंकार कर दिया। लेकिन फैक्टरी मालिक हरदेव अमोलक सिह और उसके छोटे भाई ने उसको ताना चढ़ाने के लिए मजबूर किया और कहा कि अगर ताना नहीं चढ़ाओंगे तो वो पैसे काट लेंगे। उसने ताना चढ़ाना शुरू किया तो सेफ्टी रॉड ना होने के कारण उसके दोनों पैर मशीन में आ गए। उसके दोनों पैरों की हड्डियां कई जगह से टूट गई। उसकी पसली भी टूट गई। साथी श्रमिकों ने उसको बचाया और निजी अस्पताल में दाखिल कराया। यहां से उसको चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसकी पुलिस से मांग है कि उसको ईलाज का खर्च दिलाया जाए और आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।
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सुरेंद्र कुमार पुत्र सीता राम निवासी एकता विहार कॉलोनी ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि वो बेटों व बेटियों का पिता है। वो संजय चौक के पास पालिका नगर में अमोलक हैंडलूम वर्कस में मशीन मैकेनिक के रूप में काम करता है। 23 जनवरी को वो फैक्टरी में मशीन पर ताना चढ़ाने के लिए गया था। उसने ताना चढ़ाने से पहले देखा कि मशीन पर सेफ्टी रॉड नहीं है। उसने सुरक्षा के मद्देनजर ताना चढ़ाने से इंकार कर दिया। लेकिन फैक्टरी मालिक हरदेव अमोलक सिह और उसके छोटे भाई ने उसको ताना चढ़ाने के लिए मजबूर किया और कहा कि अगर ताना नहीं चढ़ाओंगे तो वो पैसे काट लेंगे। उसने ताना चढ़ाना शुरू किया तो सेफ्टी रॉड ना होने के कारण उसके दोनों पैर मशीन में आ गए। उसके दोनों पैरों की हड्डियां कई जगह से टूट गई। उसकी पसली भी टूट गई। साथी श्रमिकों ने उसको बचाया और निजी अस्पताल में दाखिल कराया। यहां से उसको चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी उस पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसकी पुलिस से मांग है कि उसको ईलाज का खर्च दिलाया जाए और आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।
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