फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   850 quintals of millet distributed on paper

अब फिर सामने आया बाजरा वितरण का बड़ा गोलमाल, कागजों में ही बेच दिया 850 क्विंटल बाजरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 02:21 AM IST
विज्ञापन
850 quintals of millet distributed on paper
डीआरटी राशन टोकन योजना के बाद अब बाजरा वितरण में भी बड़ा गोलमाल सामने आया है। करीब 850 क्विंटल बाजरा कागजों में बांट दिया गया। इस अनाज को डिपो धारकों न धड़ल्ले से बीस रुपये किलो तक में बेच दिया। डीएफएससी की ओर से गठित टीम उपभोक्ताओं से बयान लेने में जुटी है, लेकिन अब तक किसी भी डिपो धारक पर कार्रवाई नहीं हुई है। डीएफएससी का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
विज्ञापन

जुलाई 2020 में प्रदेश के सभी खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को प्रदेश में अलॉट हुए करीब 2056. 52 मीट्रिक टन बकाया बाजरे के पूर्ण वितरण के आदेश जारी किए थे। नियंत्रकों को बार-बार आदेश के बावजूद बाजरा वितरण नहीं हो सका। लाभार्थियों को बाजारा एक रुपये किलो के हिसाब से मुहैया कराना था, लेकिन कुछ ही डिपो धारकों ने बाजारा वितरित किया, बाकी हजम कर दिया गया।
विज्ञापन

जुलाई तक स्टॉक में था 12 सौ क्विंटल बाजरा
खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट के अनुसार जुलाई 2020 के जिला स्टॉक में करीब 1214 क्विंटल बाजरा स्टॉक में था। इसमें से 1151 क्विंटल से भी अधिक बाजरे का वितरण डिपो धारकों द्वारा जुलाई में कर दिया गया। अगस्त के अंत में भी 5462 किलोग्राम बाजरा स्टॉक में दिखाई दिया। जबकि विभाग द्वारा इस बाजरे का स्टॉक डिपो धारकों के पास नंवबर व दिसंबर 2019 में ही आ चुका था, इसे उपभोक्ताओं को देने की बजाए डिपो धारकों ने स्टॉक में लगाकर रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

घोटाले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है। डिपो पर एक रुपये किलो के हिसाब से बाजरा अलॉट करना होता है, सर्दी में आए बाजरे को गर्मी तक नहीं दिया जाता क्योंकि गर्मी में कोई बाजरा लेता ही नहीं। इसके बाद इसे अगली सर्दियों में ब्लैक में बेचा जाता है। ब्लैक में इस बाजरे की कीमत 18 से 20 रुपये किलो तक होती है।

टीम गठित की, जांच चल रही है- डीएफएससी
करीब 850 क्विंटल बाजरे के स्टॉक व वितरण को लेकर जिला में कई अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम बनाई गई हैं। ये हर डिपो पर जाकर उपभोक्ताओं से बयान लेती हैं। अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है, इसलिए मामला सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी, इसके बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
- मंजुला दहिया, डीएफएससी, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed