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Panipat News: उठान नहीं होने से मंडियों में अटका 7,541 मीट्रिक टन धान
Mon, 19 Oct 2026 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 19 Oct 2026 03:44 AM IST
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पानीपत। जिला पानीपत की विभिन्न अनाज मंडियों में धान की आवक और सरकारी खरीद की प्रक्रिया भले ही जारी हो, लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर से धान के उठान (लिफ्टिंग) की बेहद सुस्त गति ने प्रशासनिक व्यवस्था और दावों की पोल खोल दी है। सरकारी खरीद एजेंसियों हैफेड व एचडब्ल्यूसी की ओर से खरीदे गए कुल धान में से महज 14.39 प्रतिशत फसल का ही उठान हो पाया है। इसके चलते मंडियों में 7,541.37 मीट्रिक टन धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। इससे मंडियों में जाम और जगह की किल्लत की स्थिति पैदा हो रही है।
जिले की आठ प्रमुख मंडियों में अब तक 1,37,832 मीट्रिक टन धान की कुल आवक दर्ज की गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 1,509 किस्म का है। इसकी 1,27,417 मीट्रिक टन आवक हुई है। इसके अतिरिक्त पीआर किस्म की 10,398 मीट्रिक टन और बासमती/1121 किस्म की 17 मीट्रिक टन आवक हुई है। इस आवक में से 1,36,150.6 मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है। खरीद के बड़े हिस्से पर निजी मिलरों और डीलरों का कब्जा है। निजी खरीदारों ने अकेले 1,27,342 मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जबकि सरकारी एजेंसियां (हैफेड व एचडब्ल्यूसी) मिलकर केवल 8,808.6 मीट्रिक टन धान ही खरीद पाई हैं। जिला की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 8,808.6 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसके मुकाबले एजेंसियां अब तक केवल 1,267.23 मीट्रिक टन धान का ही उठान करवा सकी हैं। हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचडब्ल्यूसी) ने 6,062.1 मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसमें से केवल 847.1 मीट्रिक टन का ही उठान संभव हो सका है। हैफेड ने 2746.5 मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जबकि उठान महज 420.13 मीट्रिक टन का ही कराया गया है। उठान की इस कछुआ चाल के कारण मंडियों में खरीदा गया धान अंबार के रूप में जमा हो रहा है, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
समालखा मंडी आवक में शीर्ष पर, सनौली व बबैल में शून्य आवक
समालखा मंडी आवक और खरीद में जिला में सबसे आगे है। समालखा में 77,067 मीट्रिक टन आवक और 77,279.6 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई है। पानीपत मंडी में 24,162 मीट्रिक टन आवक, इसराना में 11,104 मीट्रिक टन, मडलौडा में 12,672 मीट्रिक टन और बाबरपुर में 7,889 मीट्रिक टन आवक हुई है। वहीं बापौली मंडी में 4,938 मीट्रिक टन धान पहुंचा है, जबकि सनौली और बबैल मंडियों में फिलहाल आवक शून्य दर्ज की गई है।
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आढ़ती और किसानों को उठान का इंतजार
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मवीर मलिक ने बताया कि धान का उठान अपेक्षाकृत गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसे में आढ़तियों के साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान रमेश और हरपाल ने बताया कि मंडी में धान की खरीद नहीं हो पा रही है। एजेंसी धान में नमी बता रही हैं, जबकि प्राइवेट मिलर धान को खरीद रहे है। यह विषय गंभीर बना हुआ है। ब्यूरो
वर्जन
मंडियों में धान आवक के साथ खरीद को भी गति मिली है। उठान तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त।
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जिले की आठ प्रमुख मंडियों में अब तक 1,37,832 मीट्रिक टन धान की कुल आवक दर्ज की गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 1,509 किस्म का है। इसकी 1,27,417 मीट्रिक टन आवक हुई है। इसके अतिरिक्त पीआर किस्म की 10,398 मीट्रिक टन और बासमती/1121 किस्म की 17 मीट्रिक टन आवक हुई है। इस आवक में से 1,36,150.6 मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है। खरीद के बड़े हिस्से पर निजी मिलरों और डीलरों का कब्जा है। निजी खरीदारों ने अकेले 1,27,342 मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जबकि सरकारी एजेंसियां (हैफेड व एचडब्ल्यूसी) मिलकर केवल 8,808.6 मीट्रिक टन धान ही खरीद पाई हैं। जिला की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 8,808.6 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसके मुकाबले एजेंसियां अब तक केवल 1,267.23 मीट्रिक टन धान का ही उठान करवा सकी हैं। हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचडब्ल्यूसी) ने 6,062.1 मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसमें से केवल 847.1 मीट्रिक टन का ही उठान संभव हो सका है। हैफेड ने 2746.5 मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जबकि उठान महज 420.13 मीट्रिक टन का ही कराया गया है। उठान की इस कछुआ चाल के कारण मंडियों में खरीदा गया धान अंबार के रूप में जमा हो रहा है, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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समालखा मंडी आवक में शीर्ष पर, सनौली व बबैल में शून्य आवक
समालखा मंडी आवक और खरीद में जिला में सबसे आगे है। समालखा में 77,067 मीट्रिक टन आवक और 77,279.6 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई है। पानीपत मंडी में 24,162 मीट्रिक टन आवक, इसराना में 11,104 मीट्रिक टन, मडलौडा में 12,672 मीट्रिक टन और बाबरपुर में 7,889 मीट्रिक टन आवक हुई है। वहीं बापौली मंडी में 4,938 मीट्रिक टन धान पहुंचा है, जबकि सनौली और बबैल मंडियों में फिलहाल आवक शून्य दर्ज की गई है।
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आढ़ती और किसानों को उठान का इंतजार
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मवीर मलिक ने बताया कि धान का उठान अपेक्षाकृत गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसे में आढ़तियों के साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान रमेश और हरपाल ने बताया कि मंडी में धान की खरीद नहीं हो पा रही है। एजेंसी धान में नमी बता रही हैं, जबकि प्राइवेट मिलर धान को खरीद रहे है। यह विषय गंभीर बना हुआ है। ब्यूरो
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मंडियों में धान आवक के साथ खरीद को भी गति मिली है। उठान तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त।