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असंध रोड से रिफाईनरी रोड व बाल विकास शोड का निर्माण कार्य वन विभाग ने रोका, नगर निगम ने सड़क निर्माण का जिम्मा सिचाई विभाग को सौ
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:57 AM IST
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असंध रोड से रिफाइनरी रोड व बाल विकास रोड का निर्माण कार्य वन विभाग ने रोका, नगर निगम ने सड़क निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग को सौंपा
- वन विभाग से एनओसी मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य
- लगभग डेढ़ किमी की सड़क बनने से शहर के ट्रैफिक का दबाव होगा कम, आधा दर्जन से अधिक कालोनी को जोड़ेगी यह सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम की ओर से शहर के ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही सड़क के निर्माण को वन विभाग ने एनओसी न होने के कारण रोक दिया है। निगम ने यह जिम्मा अब सिंचाई विभाग को सौंपा है। सिंचाई विभाग ने सड़क बनाने के लिए वन विभाग से मांगी एनओसी। एनओसी के मिलते निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।
नगर निगम ने असंध रोड से बाल विकास व उसके दूसरे टुकड़े को रिफाइनरी की सड़क से जोड़ रहा था। लगभग दो करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया। सिंचाई विभाग की इस जमीन पर नगर निगम ने काम शुरू किया तो वन विभाग से आपत्ति दर्ज कराते हुए सड़क बनने का काम रोक दिया गया। नगर निगम की दलील थी कि जमीन सिंचाई विभाग की है। उससे एनओसी लेकर काम शुरू किया गया।
वन विभाग की ओर से अनुमति न मिलता देख इस काम को अब सिंचाई विभाग को सौंपा गया है। इस पर आने वाला खर्च नगर निगम देगा। तर्क यह है कि नगर निगम वन विभाग से एनओसी मांग ही नहीं सकता है। जमीन का मालिकाना हक सिंचाई विभाग के पास है। जिसके चलते सिंचाई विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है। उसे वन विभाग की ओर से अनुमति मिलने का इंतजार है।
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इन्हें होगा लाभ..
शांति नगर, करतार शाह नगर, लतीफ नगर, अग्रसेन कालोनी, विराट नगर , किशोर नगर, डींगढ़ा कालोनी आदि। यह सड़क दो वार्ड के क्षेत्र में बसी कालोनियों को जोड़ता है।
सड़क बन जाने से मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव होगा कम
इस सड़क के निर्माण से माडल टाउन व उसके आस-पास रहने वाले लोग अगर करनाल की ओर जाते हैं तो उन्हें टोल के बजाय रिफाइनरी रोड से निकलने में सुविधा होगा। इस मार्ग पर चलने वालों का समय बचेगा साथ ही मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा।
नगर निगम के टेंडर के कारण सड़क हो चुकी और खराब
नगर निगम की ओर से इसका दो करोड़ का टेंडर हुआ था। लगभग 700 फिट तक सड़क बना दी गई है। स्थानीय पार्षद संजीव दहयिा की ओर से उपायुक्त सुमेधा कटारिया से मुलाकात भी की जा चुकी है। जिसमें बताया गया है कि सड़क निर्माण चलते कुछ दूर तक सड़क खोद दी गई है। इससे और परेशानी हो रही है।
बयान..
नगर निगम की ओर से उक्त सड़क के निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग को दिया गया है। सिंचाई विभाग की ओर से वन विभाग की एनओसी मिलते कार्य शुरू किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण से शहर के ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
प्रदीप डागर, आयुक्त, नगर निगम पानीपत।
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असंध रोड से रिफाइनरी रोड व बाल विकास रोड का निर्माण कार्य वन विभाग ने रोका, नगर निगम ने सड़क निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग को सौंपा
- वन विभाग से एनओसी मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य
- लगभग डेढ़ किमी की सड़क बनने से शहर के ट्रैफिक का दबाव होगा कम, आधा दर्जन से अधिक कालोनी को जोड़ेगी यह सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम की ओर से शहर के ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही सड़क के निर्माण को वन विभाग ने एनओसी न होने के कारण रोक दिया है। निगम ने यह जिम्मा अब सिंचाई विभाग को सौंपा है। सिंचाई विभाग ने सड़क बनाने के लिए वन विभाग से मांगी एनओसी। एनओसी के मिलते निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।
नगर निगम ने असंध रोड से बाल विकास व उसके दूसरे टुकड़े को रिफाइनरी की सड़क से जोड़ रहा था। लगभग दो करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया। सिंचाई विभाग की इस जमीन पर नगर निगम ने काम शुरू किया तो वन विभाग से आपत्ति दर्ज कराते हुए सड़क बनने का काम रोक दिया गया। नगर निगम की दलील थी कि जमीन सिंचाई विभाग की है। उससे एनओसी लेकर काम शुरू किया गया।
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वन विभाग की ओर से अनुमति न मिलता देख इस काम को अब सिंचाई विभाग को सौंपा गया है। इस पर आने वाला खर्च नगर निगम देगा। तर्क यह है कि नगर निगम वन विभाग से एनओसी मांग ही नहीं सकता है। जमीन का मालिकाना हक सिंचाई विभाग के पास है। जिसके चलते सिंचाई विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है। उसे वन विभाग की ओर से अनुमति मिलने का इंतजार है।
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इन्हें होगा लाभ..
शांति नगर, करतार शाह नगर, लतीफ नगर, अग्रसेन कालोनी, विराट नगर , किशोर नगर, डींगढ़ा कालोनी आदि। यह सड़क दो वार्ड के क्षेत्र में बसी कालोनियों को जोड़ता है।
सड़क बन जाने से मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव होगा कम
इस सड़क के निर्माण से माडल टाउन व उसके आस-पास रहने वाले लोग अगर करनाल की ओर जाते हैं तो उन्हें टोल के बजाय रिफाइनरी रोड से निकलने में सुविधा होगा। इस मार्ग पर चलने वालों का समय बचेगा साथ ही मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा।
नगर निगम के टेंडर के कारण सड़क हो चुकी और खराब
नगर निगम की ओर से इसका दो करोड़ का टेंडर हुआ था। लगभग 700 फिट तक सड़क बना दी गई है। स्थानीय पार्षद संजीव दहयिा की ओर से उपायुक्त सुमेधा कटारिया से मुलाकात भी की जा चुकी है। जिसमें बताया गया है कि सड़क निर्माण चलते कुछ दूर तक सड़क खोद दी गई है। इससे और परेशानी हो रही है।
बयान..
नगर निगम की ओर से उक्त सड़क के निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग को दिया गया है। सिंचाई विभाग की ओर से वन विभाग की एनओसी मिलते कार्य शुरू किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण से शहर के ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
प्रदीप डागर, आयुक्त, नगर निगम पानीपत।