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छोटे उद्योगों को बताएंगे- कैसा माल तैयार करें कि दुनिया खरीदे
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:19 AM IST
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छोटे उद्योगों को बताएंगे- कैसा माल तैयार करें कि दुनिया खरीदे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एसएमएमई विकास संस्थान अब उद्यमियों के बीच जाकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों की जरूरतों और बाजार की डिमांड को जानेगा। इसके लिए भारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई विकास संस्थान करनाल की ओर से आठ और नौ दिसंबर को रिफाइनरी टाउनशिप में राष्ट्रीय वेंडर विकास कार्यक्रम एवं औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। दो दिवसीय
प्रदर्शनी के माध्यम से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों की जरूरतों और बाजार की मांग का अध्ययन किया जाएगा। इसमें उत्तर भारत केे उद्योगपति और व्यापारी भाग लेंगे।
इसको लेकर एमएसएमई विकास संस्थान करनाल के निदेशक मेजर सिंह सेक्टर 25 स्थित एक कंपनी के परिसर में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत अब देश-विदेश के व्यापारियों को 20 प्रतिशत माल अनिवार्य रूप से छोटे उद्योगों से लेना होगा, लेकिन छोटे उद्योगों को भी विश्व बाजार की मांग के अनुसार उच्च कोटि का माल तैयार करना होगा। यह तभी संभव है जब सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों के मालिकों व प्रबंधकों को विश्व बाजार के स्तर के माल की जानकारी होगी। इसी के दृष्टिगत दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसमें व्यापारियों से विभिन्न विषयों पर राय लेकर रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
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सरकार सस्ते कर्ज की सुविधा दे रही
मेजर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार छोटे और मझोले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सस्ते कर्ज की सुविधा देने पर विशेष जोर दे रही है। सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को वैश्विक स्तर प्रदान करने के लिए ही योजना लागू की जा रही है, ताकि नए उद्यमी, नए विचारों और नई अवधारणा और जोखिम मुक्त होकर नए उद्योग में लागू कर सकें। उन्होंने सरकार की स्टार्ट अप, स्टैंड अप और मुद्रा वित्त पोषण योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इसके बाद निदेशक और अन्य प्रतिनिधियों ने स्वच्छता अभियान का शुभारंभ भी किया। इस मौके पर हरचरण सिंह धम्मू, प्रीतम सिंह, सुशील आहूजा, ओमप्रकाश चौधरी, राजेंद्र सिंह, कमल खुराना, सुभाष नारंग, गोविंद सिंह, कुलदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह व रणजीत सिंह मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एसएमएमई विकास संस्थान अब उद्यमियों के बीच जाकर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों की जरूरतों और बाजार की डिमांड को जानेगा। इसके लिए भारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई विकास संस्थान करनाल की ओर से आठ और नौ दिसंबर को रिफाइनरी टाउनशिप में राष्ट्रीय वेंडर विकास कार्यक्रम एवं औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। दो दिवसीय
प्रदर्शनी के माध्यम से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों की जरूरतों और बाजार की मांग का अध्ययन किया जाएगा। इसमें उत्तर भारत केे उद्योगपति और व्यापारी भाग लेंगे।
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इसको लेकर एमएसएमई विकास संस्थान करनाल के निदेशक मेजर सिंह सेक्टर 25 स्थित एक कंपनी के परिसर में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत अब देश-विदेश के व्यापारियों को 20 प्रतिशत माल अनिवार्य रूप से छोटे उद्योगों से लेना होगा, लेकिन छोटे उद्योगों को भी विश्व बाजार की मांग के अनुसार उच्च कोटि का माल तैयार करना होगा। यह तभी संभव है जब सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों के मालिकों व प्रबंधकों को विश्व बाजार के स्तर के माल की जानकारी होगी। इसी के दृष्टिगत दो दिवसीय प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसमें व्यापारियों से विभिन्न विषयों पर राय लेकर रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
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सरकार सस्ते कर्ज की सुविधा दे रही
मेजर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार छोटे और मझोले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सस्ते कर्ज की सुविधा देने पर विशेष जोर दे रही है। सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को वैश्विक स्तर प्रदान करने के लिए ही योजना लागू की जा रही है, ताकि नए उद्यमी, नए विचारों और नई अवधारणा और जोखिम मुक्त होकर नए उद्योग में लागू कर सकें। उन्होंने सरकार की स्टार्ट अप, स्टैंड अप और मुद्रा वित्त पोषण योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इसके बाद निदेशक और अन्य प्रतिनिधियों ने स्वच्छता अभियान का शुभारंभ भी किया। इस मौके पर हरचरण सिंह धम्मू, प्रीतम सिंह, सुशील आहूजा, ओमप्रकाश चौधरी, राजेंद्र सिंह, कमल खुराना, सुभाष नारंग, गोविंद सिंह, कुलदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह व रणजीत सिंह मौजूद रहे।