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ग्रामीण इलाकों में जाने वाली 35 बसें पांच बजे ही डिपो में हुई खड़ी, 60 गांव प्रभावित
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:01 AM IST
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ग्रामीण इलाकों में जाने वाली 35 बसें पांच बजे ही डिपो में हुई खड़ी, 60 गांव प्रभावित
पानीपत। रोडवेज विभाग ने गत दिनों ही ग्रामीण इलाकों में बस का ठहराव बंद करने के आदेश जारी किये थे, जिसके बाद शाम पांच बजे ही डिपो में सभी बसें खड़ी हो रही है। जिस कारण 60 गांव के यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर से गांव तक जाने वाले यात्रियों को चार या साढ़े चार बजे के बाद बस नहीं मिल रही है। वहीं सुबह जल्दी आने वाले ग्रामीणों को भी बस नहीं मिल रही है। जिस कारण गांव के लोगों को सुबह और शाम प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हड़ताल के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा दो फैसले लिए है, जिनके बाद यात्रियों को परेशानी हुई है।
मेडिकल स्टोर से रोजाना साढ़े 6 बजे आता था, आज नहीं मिली बस: शर्मा
गांव बल्ला निवासी अनिल शर्मा ने कहा कि वह रोजाना साढ़े 6 बजे वाली बस से गांव जाता है, लेकिन आज उसे पता चला कि गांव के लिए रात को कोई बस नहीं जा रही है। इसलिए अब प्राइवेट वाहन के ही भरोसे हैं।
पांच बजे से है बस का इंतजार, गांव के लिए कोई प्राइवेट वाहन भी नहीं: बेबी
गांव कुडल्याण निवासी बेबी ने कहा कि वह पांच बजे से अपने छोटे से बच्चे के साथ बस के इंतजार में हैं। उनके गांव में कोई प्राइवेट वाहन भी नहीं जाता है। दो घंटे इंतजार कर के घर से ही किसी को बाइक लेकर बुलाया है।
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मोबाइल की दुकान से रोजाना 6 बजे जाता है आज नहीं मिली बस: गौरव
सालवान निवासी गौरव ने कहा कि वह रोजाना 6 बजे मोबाइल फोन कि दुकान से गांव के लिए जाता है, लेकिन जब से गांव में बसों की नाइट बंद की है तब से ही वह परेशानियों का सामना कर रहा है।
नाइट बंद के बाद विकल्प के तौर पर केवल निजी वाहन:
गांव में नाइट स्टे बंद होने के बाद ग्रामिणों के लिए विकल्प के तौर पर केवल निजी वाहन ही बचे हैं। निजी वाहनों का कोई निर्धारित समय नहीं होता, जिस कारण यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ेेेगी। वहीं निजी वाहन छत तक यात्रियों से भरते हैं, जिस कारण यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा। प्राइवेट वाहनों में तो छत पर बैठकर व लटकर यात्रा करने के भी पैसे देने पड़ते हैं।
जिनके बने हुए है बस पास अब वो भी लगाएंगे किराया:
जिन विद्यार्थियों के बस पास बने हुए है, उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कई कॉलेजों की छुट्टी शाम पांच बजे होती है, लेकिन चार या साढ़े चार बजे के बाद गांव में बसे नहीं जाती जिस कारण बस पास वालों को भी किराया देना पड़ेगा।
इन गांव में हुए रूट प्रभावित
1. राक्सेड़ा रूट पर शाम 6 बजे अंतिम बस जाती थी, लेकिन शाम पांच बजे अंतिम चक्कर लगाकर बस डिपों में खड़ी हो गई। यह रूट समालखा से राक्सेड़ा तक है, जिसपर 6 गांव लगते हैं। जो पांवटी, गढ़ी केबल, डिकाडला, हथवाला, कारकौली गढ़ व जीतगढ़ है। इस रूट पर दो बस चलती थी।
2. खोजकीपुर रूट की आखिरी बस शाम पांच बजे जाती थी, जो आज अब साढ़े तीन बजे ही आखिरी चक्कर गांव में लेकर गई और फिर गांव से खाली चलकर ही शाम पांच बजे डिपो में आकर खड़ी हो गई। यह रूट समालखा से खोजकीपुर तक है, जिसपर जौरासी, जीतगढ़, आट्टा, बिलासपुर, खोजकीपुर, रायमालपुर व मतरौली सात गांव लगते हैं।
3. नारायणा गवालड़ा रूट पर पानीपत डिपो से अंतिम बस 6 बजे जाती थी, लेकिन वह अब पांच बजे ही डिपो में खड़ी हो गई।
4. बबैल व राणा माजरा के रूट पर भी अंतिम चक्कर शाम 6 बजे का था, जिसपर भी पांच बजे के बाद कोई बस नहीं गई।
5. अहर कुराना वाया मतलौडा रुट पर पांच बजे आखिरी बस जाती थी, जो चार अब चार बजे जाने लगी। इस रूट पर अहर कुराना मतलौडा सहित अटावला गांव भी लगता है।
6. खानपुर पीजीआई की सेवाएं भी शाम 6 बजकर ़15 मिनट तक थी जो अब केवल पांच बजे तक रह गई है। इस रूट पर पुठर शामड़ी सहित अन्य 8 गांव लगते हैं, जिन सभी यात्रियों को अब इस फैसले से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
7. सिंख पाथरी के लिए डिपो से चार बजे के बाद केवल तीन बस जाती थी, लेकिन अब चार बजे के बाद कोई बस नहीं जाएगी। इस रूट पर दर्जन भर गांव प्रभावित हो रहे हें।
8. बापौली रूट पर 6 बस चलती थी, जोकि नन्हेडा सहित कईं छोटे गांवो से होकर गुजरती थी। इस रूट पर साढ़े चार बजे के बाद बस तीन बस जाती थी, लेकिन अब वह बसें शाम को डिपो में ही खड़ी रहती है।
9. गोला गांव में चार बस रूकती थी जो सनौली क्षेत्र के दर्जनों गांवों के यात्रियों को सुबह शाम लेकर जाती थी। इस रूट पर नाइट बंद करने से सनौली, बापौली सहित दर्जनों गांव प्रभावित होंगे।
10. रेर कलां वाले रूट पर शाम साढ़े पांच बजे बस जाती थी, जो अब नहीं जा रही।
इसके अलावा नारायणा, डिडवाड़ी, जाटल, बादड़, बराना, पाढ़ा, मानपुरा, कुराड़, कालखा, लौहारी, तारपुर, मालपुर, नारायणा, गवालडा, देहरा, मांवटी, पट्टीकल्याणा, धर्मगढ़, खंडरा, संजौली सहित अन्य भी दर्जनों गांव के यात्री प्रभावित हो रहे हैं।
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पानीपत। रोडवेज विभाग ने गत दिनों ही ग्रामीण इलाकों में बस का ठहराव बंद करने के आदेश जारी किये थे, जिसके बाद शाम पांच बजे ही डिपो में सभी बसें खड़ी हो रही है। जिस कारण 60 गांव के यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर से गांव तक जाने वाले यात्रियों को चार या साढ़े चार बजे के बाद बस नहीं मिल रही है। वहीं सुबह जल्दी आने वाले ग्रामीणों को भी बस नहीं मिल रही है। जिस कारण गांव के लोगों को सुबह और शाम प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हड़ताल के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा दो फैसले लिए है, जिनके बाद यात्रियों को परेशानी हुई है।
मेडिकल स्टोर से रोजाना साढ़े 6 बजे आता था, आज नहीं मिली बस: शर्मा
गांव बल्ला निवासी अनिल शर्मा ने कहा कि वह रोजाना साढ़े 6 बजे वाली बस से गांव जाता है, लेकिन आज उसे पता चला कि गांव के लिए रात को कोई बस नहीं जा रही है। इसलिए अब प्राइवेट वाहन के ही भरोसे हैं।
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पांच बजे से है बस का इंतजार, गांव के लिए कोई प्राइवेट वाहन भी नहीं: बेबी
गांव कुडल्याण निवासी बेबी ने कहा कि वह पांच बजे से अपने छोटे से बच्चे के साथ बस के इंतजार में हैं। उनके गांव में कोई प्राइवेट वाहन भी नहीं जाता है। दो घंटे इंतजार कर के घर से ही किसी को बाइक लेकर बुलाया है।
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मोबाइल की दुकान से रोजाना 6 बजे जाता है आज नहीं मिली बस: गौरव
सालवान निवासी गौरव ने कहा कि वह रोजाना 6 बजे मोबाइल फोन कि दुकान से गांव के लिए जाता है, लेकिन जब से गांव में बसों की नाइट बंद की है तब से ही वह परेशानियों का सामना कर रहा है।
नाइट बंद के बाद विकल्प के तौर पर केवल निजी वाहन:
गांव में नाइट स्टे बंद होने के बाद ग्रामिणों के लिए विकल्प के तौर पर केवल निजी वाहन ही बचे हैं। निजी वाहनों का कोई निर्धारित समय नहीं होता, जिस कारण यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ेेेगी। वहीं निजी वाहन छत तक यात्रियों से भरते हैं, जिस कारण यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा। प्राइवेट वाहनों में तो छत पर बैठकर व लटकर यात्रा करने के भी पैसे देने पड़ते हैं।
जिनके बने हुए है बस पास अब वो भी लगाएंगे किराया:
जिन विद्यार्थियों के बस पास बने हुए है, उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कई कॉलेजों की छुट्टी शाम पांच बजे होती है, लेकिन चार या साढ़े चार बजे के बाद गांव में बसे नहीं जाती जिस कारण बस पास वालों को भी किराया देना पड़ेगा।
इन गांव में हुए रूट प्रभावित
1. राक्सेड़ा रूट पर शाम 6 बजे अंतिम बस जाती थी, लेकिन शाम पांच बजे अंतिम चक्कर लगाकर बस डिपों में खड़ी हो गई। यह रूट समालखा से राक्सेड़ा तक है, जिसपर 6 गांव लगते हैं। जो पांवटी, गढ़ी केबल, डिकाडला, हथवाला, कारकौली गढ़ व जीतगढ़ है। इस रूट पर दो बस चलती थी।
2. खोजकीपुर रूट की आखिरी बस शाम पांच बजे जाती थी, जो आज अब साढ़े तीन बजे ही आखिरी चक्कर गांव में लेकर गई और फिर गांव से खाली चलकर ही शाम पांच बजे डिपो में आकर खड़ी हो गई। यह रूट समालखा से खोजकीपुर तक है, जिसपर जौरासी, जीतगढ़, आट्टा, बिलासपुर, खोजकीपुर, रायमालपुर व मतरौली सात गांव लगते हैं।
3. नारायणा गवालड़ा रूट पर पानीपत डिपो से अंतिम बस 6 बजे जाती थी, लेकिन वह अब पांच बजे ही डिपो में खड़ी हो गई।
4. बबैल व राणा माजरा के रूट पर भी अंतिम चक्कर शाम 6 बजे का था, जिसपर भी पांच बजे के बाद कोई बस नहीं गई।
5. अहर कुराना वाया मतलौडा रुट पर पांच बजे आखिरी बस जाती थी, जो चार अब चार बजे जाने लगी। इस रूट पर अहर कुराना मतलौडा सहित अटावला गांव भी लगता है।
6. खानपुर पीजीआई की सेवाएं भी शाम 6 बजकर ़15 मिनट तक थी जो अब केवल पांच बजे तक रह गई है। इस रूट पर पुठर शामड़ी सहित अन्य 8 गांव लगते हैं, जिन सभी यात्रियों को अब इस फैसले से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
7. सिंख पाथरी के लिए डिपो से चार बजे के बाद केवल तीन बस जाती थी, लेकिन अब चार बजे के बाद कोई बस नहीं जाएगी। इस रूट पर दर्जन भर गांव प्रभावित हो रहे हें।
8. बापौली रूट पर 6 बस चलती थी, जोकि नन्हेडा सहित कईं छोटे गांवो से होकर गुजरती थी। इस रूट पर साढ़े चार बजे के बाद बस तीन बस जाती थी, लेकिन अब वह बसें शाम को डिपो में ही खड़ी रहती है।
9. गोला गांव में चार बस रूकती थी जो सनौली क्षेत्र के दर्जनों गांवों के यात्रियों को सुबह शाम लेकर जाती थी। इस रूट पर नाइट बंद करने से सनौली, बापौली सहित दर्जनों गांव प्रभावित होंगे।
10. रेर कलां वाले रूट पर शाम साढ़े पांच बजे बस जाती थी, जो अब नहीं जा रही।
इसके अलावा नारायणा, डिडवाड़ी, जाटल, बादड़, बराना, पाढ़ा, मानपुरा, कुराड़, कालखा, लौहारी, तारपुर, मालपुर, नारायणा, गवालडा, देहरा, मांवटी, पट्टीकल्याणा, धर्मगढ़, खंडरा, संजौली सहित अन्य भी दर्जनों गांव के यात्री प्रभावित हो रहे हैं।