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अदियाना गांव में लोगों को भेड़िये ने नहीं, कुते ने काटा था
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:25 PM IST
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अदियाना गांव में लोगों को भेड़िये ने नहीं, कुत्ते ने काटा था
गांव में पहुंच वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। अदियाना गांव में रविवार को भेड़ियों के हमला करने की बात झूठ साबित हुई। सोमवार को वन्य जीव प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर श्रीनिवास, सबइंस्पेक्टर राजबीर व सूरजभान ने अदियाना गांव के लोगों से पूछताछ करने और खेतों में जाकर पैरों के निशान देखे। खेतों में कहीं पर भी भेड़िये के पैरों के निशान नहीं पाए गए। पीड़ितों ने उन्हें बताया कि उन्हें कुत्ते ने काटा था।
सोमवार को वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों की टीम इंस्पेक्टर श्रीनिवास के नेतृत्व में अदियाना गांव पहुंची। उन्होंने गांव में पहुंचकर पहले तो ग्रामीणों की बैठक ली और पीड़ित महिला के बारे में जानकारी हासिल की। लोगों ने बताया कि 20 लोगों को भेड़ियों के काटने की बात झूठी है। खेतों में भेड़िया नहीं बल्कि कुत्ते जैसा दिखने वाला कोई जानवर बताया गया। इसके बाद वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों ने खेतों में जाकर देखा तो कुत्तों के पैरों के निशान पाए गए। उन्होंने बताया कि भेड़िया तो घने जंगलों में पाया जाता है। जहां खेतों में हर समय आदमी रहते हैं। ऐसी जगह भेड़िये का आना नामुमकिन है। उन्होंने बताया कि खेतों में हैंचरी लगी है। हैंचरी मालिकों द्वारा मृत मुर्गों को खेतों में फेंक दिया जाता है। इन्हें खाकर कुत्ते मांसाहारी हो जाते हैं और मांस न मिलने पर वह कुत्ते लोगों पर हमला कर बैठते हैं।
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गांव में पहुंच वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। अदियाना गांव में रविवार को भेड़ियों के हमला करने की बात झूठ साबित हुई। सोमवार को वन्य जीव प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर श्रीनिवास, सबइंस्पेक्टर राजबीर व सूरजभान ने अदियाना गांव के लोगों से पूछताछ करने और खेतों में जाकर पैरों के निशान देखे। खेतों में कहीं पर भी भेड़िये के पैरों के निशान नहीं पाए गए। पीड़ितों ने उन्हें बताया कि उन्हें कुत्ते ने काटा था।
सोमवार को वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों की टीम इंस्पेक्टर श्रीनिवास के नेतृत्व में अदियाना गांव पहुंची। उन्होंने गांव में पहुंचकर पहले तो ग्रामीणों की बैठक ली और पीड़ित महिला के बारे में जानकारी हासिल की। लोगों ने बताया कि 20 लोगों को भेड़ियों के काटने की बात झूठी है। खेतों में भेड़िया नहीं बल्कि कुत्ते जैसा दिखने वाला कोई जानवर बताया गया। इसके बाद वन्य जीव प्राणी विभाग के अधिकारियों ने खेतों में जाकर देखा तो कुत्तों के पैरों के निशान पाए गए। उन्होंने बताया कि भेड़िया तो घने जंगलों में पाया जाता है। जहां खेतों में हर समय आदमी रहते हैं। ऐसी जगह भेड़िये का आना नामुमकिन है। उन्होंने बताया कि खेतों में हैंचरी लगी है। हैंचरी मालिकों द्वारा मृत मुर्गों को खेतों में फेंक दिया जाता है। इन्हें खाकर कुत्ते मांसाहारी हो जाते हैं और मांस न मिलने पर वह कुत्ते लोगों पर हमला कर बैठते हैं।
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