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-स्वास्थ्य विभाग अपनी इज्जत बचाने के लिए पॉलिटिकल प्रेशर से निकला बाहर
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:15 AM IST
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अमर अस्पताल के संचालक दंपति समेत तीन डॉक्टरों पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/मतलौडा। स्वास्थ्य विभाग मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन अल्ट्रासाउंड करते पकड़े जाने के मामले में अस्पताल संचालक पर कार्रवाई करने के लिए आगे आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने थाना मतलौडा पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल संचालक डॉक्टर नरेंद्र गहलावत, उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत व तीसरे डॉक्टर डॉ. नरेंद्र गर्ग पर पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। थाना मतलौडा पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर अस्पताल संचालक दंपति समेत तीन डॉक्टरों पर तीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विदित है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार दोपहर बाद मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में डिकॉय की मदद से दबिश दी थी। टीम ने अस्पताल संचालिका डॉक्टर नरेंद्र गहलावत व उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत को एक का अल्ट्रासाउंड करते पकड़ा था। डॉक्टरों के अनुसार डॉ. सुमन गहलावत महिला के नीचले हिस्से की जांच कर चुकी थी और ऊपरी हिस्से में आ रही थी। डॉक्टर नरेंद्र गहलावत उनके साथ खड़े थे, जबकि अस्पताल के पास अल्ट्रासाउंड का रजिस्ट्रेशन नहीं था। अस्पताल संचालक ने एक रजिस्ट्रेशन दिखाया। वह नरेंद्र गर्ग के नाम का मिला। डिप्टी सीएमओ डॉ. सुधीर बतरा ने वीरवार को जिला एडवाइजरी कमेटी के सामने पूरी रिपोर्ट पेश की। एडवाइजरी कमेटी के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने थाना मतलौडा पुलिस को लिखित शिकायत दी। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले में अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपति डॉ. नरेंद्र गहलावत, डॉ. सुमन गहलावत व डॉ. नरेंद्र गर्ग को आरोपी माना है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों पर पीएनडीटी एक्ट की धारा 3, 23 व 25 के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
डॉक्टर दंपति समेत तीनों फरार
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी इज्जत बचाने के लिए पॉलिटिकल प्रेशर को मानने से इनकार कर दिया। अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपति को इसकी जानकारी लग गई। डॉक्टर दंपति समेत तीनों आरोपी मुकदमा दर्ज करने की सूचना मिलते ही फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते ही तीनों की धरपकड़ तेज कर दी। पीएनडीटी एक्ट की धारा तीन में बिना रजिस्टर्ड कोई भी काम करना। धारा 23 में एक्ट की उल्लंघना करना व धारा 25 में अस्पताल संचालक के संरक्षण में अवैध काम होना शामिल है। इसमें आरोपी को कम से कम तीन साल की कैद व जुर्माने का प्रावधान है।
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वर्जन
स्वास्थ्य विभाग ने मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड करते डॉक्टर दंपति को पकड़ा था। उन्होंने जिला एडवाइजरी कमेटी के सामने पूरे मामले की रिपोर्ट पेश कर दी थी। इस मामले में आरोपी दंपति समेत तीन डॉक्टरों पर आरोप तय हुए हैं। तीनों पर कानूनी कार्रवाई को लेकर थाना मतलौडा पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. सुधीर बतरा, सीएमओ, पानीपत।
वर्जन
पुलिस को स्वास्थ्य विभाग की अमर अस्पताल के संचालक डॉक्टर दंपति समेत तीन डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत मिली है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अस्पताल संचालक डॉक्टर डॉ. नरेंद्र गहलावत, उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत व डॉ. नरेंद्र गर्ग पर विभिन्न तीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
राजेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना मतलौडा, पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/मतलौडा। स्वास्थ्य विभाग मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन अल्ट्रासाउंड करते पकड़े जाने के मामले में अस्पताल संचालक पर कार्रवाई करने के लिए आगे आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने थाना मतलौडा पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल संचालक डॉक्टर नरेंद्र गहलावत, उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत व तीसरे डॉक्टर डॉ. नरेंद्र गर्ग पर पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। थाना मतलौडा पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर अस्पताल संचालक दंपति समेत तीन डॉक्टरों पर तीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विदित है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार दोपहर बाद मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में डिकॉय की मदद से दबिश दी थी। टीम ने अस्पताल संचालिका डॉक्टर नरेंद्र गहलावत व उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत को एक का अल्ट्रासाउंड करते पकड़ा था। डॉक्टरों के अनुसार डॉ. सुमन गहलावत महिला के नीचले हिस्से की जांच कर चुकी थी और ऊपरी हिस्से में आ रही थी। डॉक्टर नरेंद्र गहलावत उनके साथ खड़े थे, जबकि अस्पताल के पास अल्ट्रासाउंड का रजिस्ट्रेशन नहीं था। अस्पताल संचालक ने एक रजिस्ट्रेशन दिखाया। वह नरेंद्र गर्ग के नाम का मिला। डिप्टी सीएमओ डॉ. सुधीर बतरा ने वीरवार को जिला एडवाइजरी कमेटी के सामने पूरी रिपोर्ट पेश की। एडवाइजरी कमेटी के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने थाना मतलौडा पुलिस को लिखित शिकायत दी। स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले में अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपति डॉ. नरेंद्र गहलावत, डॉ. सुमन गहलावत व डॉ. नरेंद्र गर्ग को आरोपी माना है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों पर पीएनडीटी एक्ट की धारा 3, 23 व 25 के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
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डॉक्टर दंपति समेत तीनों फरार
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी इज्जत बचाने के लिए पॉलिटिकल प्रेशर को मानने से इनकार कर दिया। अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपति को इसकी जानकारी लग गई। डॉक्टर दंपति समेत तीनों आरोपी मुकदमा दर्ज करने की सूचना मिलते ही फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते ही तीनों की धरपकड़ तेज कर दी। पीएनडीटी एक्ट की धारा तीन में बिना रजिस्टर्ड कोई भी काम करना। धारा 23 में एक्ट की उल्लंघना करना व धारा 25 में अस्पताल संचालक के संरक्षण में अवैध काम होना शामिल है। इसमें आरोपी को कम से कम तीन साल की कैद व जुर्माने का प्रावधान है।
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स्वास्थ्य विभाग ने मतलौडा स्थित अमर अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड करते डॉक्टर दंपति को पकड़ा था। उन्होंने जिला एडवाइजरी कमेटी के सामने पूरे मामले की रिपोर्ट पेश कर दी थी। इस मामले में आरोपी दंपति समेत तीन डॉक्टरों पर आरोप तय हुए हैं। तीनों पर कानूनी कार्रवाई को लेकर थाना मतलौडा पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. सुधीर बतरा, सीएमओ, पानीपत।
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पुलिस को स्वास्थ्य विभाग की अमर अस्पताल के संचालक डॉक्टर दंपति समेत तीन डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत मिली है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अस्पताल संचालक डॉक्टर डॉ. नरेंद्र गहलावत, उनकी पत्नी डॉ. सुमन गहलावत व डॉ. नरेंद्र गर्ग पर विभिन्न तीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
राजेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना मतलौडा, पानीपत।