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लापरवाही से 188 परिवारों के 520 लोग हुए संक्रमित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jan 2022 01:15 AM IST
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520 people from 188 families got infected due to negligence
पानीपत। होम आइसोलेशन का गंभीरता से पालन न करने का नतीजा रहा कि 188 परिवारों के 520 लोग संक्रमित हो गए। यह कहना है स्वास्थ्य विभाग का। इस समय जिले के 99.8 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में हैं लेकिन वे लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग का यह भी मत है कि आइसोलेशन के दौरान संक्रमित लोग परिवार और पड़ोसियों से मिलते रहते हैं, इसलिए संक्रमण फैल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 520 लोगों में बड़ों से संक्रमित हुए 244 बच्चे भी शामिल हैं।
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जिले में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट फिलहाल 22 प्रतिशत से अधिक है। ये पिछली दोनों लहरों से अधिक है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग का मत था कि लोग आइसोलेशन के दौरान गंभीर नहीं होते। यही कारण है कि कोरोना संक्रमण की जद में पूरा परिवार आता है। विभाग ने तीसरी लहर से पहले नोटिफिकेशन जारी कर होम आइसोलेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन मरीजों की संख्या स्वास्थ्य केंद्रों के बेड से चार गुना होने के कारण दोबारा होम आइसोलेशन पर जोर दिया गया।
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रिफाइनरी टॉउनशिप को संक्रमण ने जद में लिया
कोरोना की तीसरी लहर ने रिफाइनरी टॉउनशिप को अपनी चपेट में लिया है। दिसंबर माह के अंत में ही रिफाइनरी टॉउनशिप में कोरोना के मरीज मिलने लगे थे। यहां से हर रोज 20 की औसत से मरीज मिल रहे हैं। इस मात्र एक स्थान से कोरोना के लगभग 275 केस मिल चुके हैं। एक से दूसरा कोरोना संक्रमण का शिकार हो रहा है। यहां के लगभग सभी मरीज होम आइसोलेशन में है। आइसोलेशन के दौरान ही संक्रमण फैल रहा है।
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जिले में निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या:
1698 कुल बेड
535 ऑक्सीजन बेड
880 नॉन ऑक्सीजन बेड
203 आईसीयू बेड
80 वेंटिलेटर बेड
स्वास्थ्य विभाग अब नहीं कर रहा मरीज ट्रेस
स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन है कि जिस क्षेत्र में कोरोना का मरीज मिले, वहां लोगों की स्क्रीनिंग की जाए। उस मरीज के संपर्क में आने वालों को ट्रेस कर उनकी कोविड जांच की जाए और उन्हें आइसोलेट किया जाए। अब स्वास्थ्य विभाग ‘नो सिम्टम्स नो टेस्टिंग’ की नीति पर चल रहा है। परिवार के एक सदस्य के संक्रमित होने के बाद दूसरों की जांच नहीं की जाती है। कुछ समय बाद परिवार के दूसरे लोग बीमार होते हैं तब उनकी जांच होती है। तब तक संक्रमण पूरी सोसाइटी में फैल चुका होता है।

होम आइसोलेशन का गंभीरता से करें पालन
लोगों से अपील है कि वो होम आइसोलेशन का गंभीरता से पालन करें। अगर परिवार में कोई संक्रमित होता है तो परिवार के दूसरे लोगों की भी जांच कराएं। घर जाने से पहले हाथ अच्छे से धोए । परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जिम्मदारी भी हम पर ही है। -डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन
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