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फसल अवशेष जागरूकता को लेकर डीसी ने मोबाइल वैन को दी हरी झंडी

Fri, 28 Sep 2018 12:01 AM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:01 AM IST
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फसल अवशेष जागरूकता को लेकर डीसी ने मोबाइल वैन को दी हरी झंडी
फोटो संख्या- 1
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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक करेगी मोबाइल वैन
डीसी ने दी वैन को हरी झंडी, जिले के 182 गांवों में किसानों को किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय परिसर से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के लिए दो मोबाइल वैनों को रवाना किया।
उपायुक्त ने कहा कि आज जो मोबाइल वैन शुरू की गई है, उसका उद्देश्य प्रत्येक गांव के एक-एक किसान को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करके फसल अवशेषों का कृषि यंत्रों के माध्यम से खेत में ही प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जोर दिया कि यह मोबाइल वैन ऐसे समय में शुरू की जा रही है, जब धान की कटाई का सीजन शुरू हो चुका है और यह गर्म लोहे पर चोट का काम करेंगी।
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कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा व उनकी टीम की हौसलाअफजाई करते हुए उपायुक्त ने कहा कि वैसे तो पिछले कई सालों से फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पिछले वर्ष नवंबर माह से सरकार की ओर से इस दिशा में गंभीर कदम उठाए गए हैं। इसी दिशा में कृषि विभाग पानीपत की ओर से गत तीन माह से इस कार्य को एक विजन के रूप में शुरू किया गया है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम अवश्य ही मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिल्कुल नहीं चाहता कि किसी किसान का पराली जलाने पर जुर्माना किया जाए, परंतु किसानों को स्वयं यह बात विचार करनी चाहिए कि फसल अवशेष न जलाकर कृषि यंत्रों के माध्यम से उनका प्रबंधन करके पर्यावरण का बचाव व भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने का काम करना चाहिए।
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उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे फसलों के अवशेष न जलाकर उनका खेत में ही कृषि यंत्रों के माध्यम से प्रबंधन करें। जो छोटे किसान हैं, वे अपने निकट स्थित सीएचसी के बहुत ही कम किराए पर कृषि यंत्र लेकर फसल अवशेषों का प्रबंधन करवा सकते हैं। इसके अलावा चारे के रूप में भी पराली व गेहूं के फानों का प्रयोग किया जा सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि यह जागरूकता रथ 27 सितंबर से शुरू होकर 28 अक्तूबर तक एक माह के दौरान जिले के सभी 182 गांवों में जाएंगे और किसानों को फसल अवशेष न जलाने की अपील करने के साथ-साथ विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी टेलीफिल्म के माध्यम से दी जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह, उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुनील मान, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश भारद्वाज, तकनीकी सहायक डॉ. देवेंद्र कुहाड़ व डॉ. सतेंद्र मलिक, कृषि विकास अधिकारी बलवान सिंह, अमरजीत सिंह, मनोज, जेएसएस तेलूराम, सोनू कुमार, प्रताप, प्रवीन कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।


जल्द ही शुरू होगा टोल फ्री नंबर
जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर शुरू किया जाएगा ताकि इस फोन पर कोई भी किसान अपनी समस्या कृषि विभाग के अधिकारियों को बता सके। उनका प्रयास होगा कि किसानों की समस्या का समय पर समाधान करवाया जाए।
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