फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   डिलीवरी के 12 घंटे के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, देर से पहुंची एंबुलेंस, डॉक्टर और फ्लीट मैनेजर उलझे

डिलीवरी के 12 घंटे के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, देर से पहुंची एंबुलेंस, डॉक्टर और फ्लीट मैनेजर उलझे

Thu, 21 Sep 2017 12:40 AM IST
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
डिलीवरी के 12 घंटे के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, देर से पहुंची एंबुलेंस, डॉक्टर और फ्लीट मैनेजर उलझे
डिलीवरी के 12 घंटे बाद बिगड़ी महिला के तबीयत, देर से पहुंची एंबुलेंस, डॉक्टर और फ्लीट मैनेजर उलझे
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में एक महिला की लड़की के जन्म के 12 घंटे बाद ही तनाव के चलते ब्लीडिंग शुरू हो गई। डॉक्टर ने महिला की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उसे पीजीआई खानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस को फोन कर सूचना भी दी, लेकिन एंबुलेंस करीब 26 मिनट देरी से पहुंची। इस दौरान महिला की तबीयत और बिगड़ गई। एंबुलेंस अधिकारियों या डॉक्टर की लापरवाही के चलते किसी मरीज की तबीयत बिगड़ना यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह ही एक गर्भवती महिला की इलाज की कमी में मौत हो गई थी। डॉक्टर ने एंबुलेंस कर्मियों पर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है। जबकि फ्लीट मैनेजर ने डॉक्टर पर उल्टे ही बात डालकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
बरसत रोड निवासी प्रवीण ने मंगलवार शाम को सिविल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म से पहले व बाद में महिला सामान्य थी, लेकिन बुधवार सुबह महिला तनाव में आ गई। उसको कुछ ही देर में ब्लीडिंग शुरू हो गई। डॉक्टर लितिका व स्टाफ ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टर ने एंबुलेंस के लिए फोन कर सूचित किया। आरोप है कि ड्राइवर करीब 26 मिनट देरी से एंबुलेंस लेकर पहुंचा। इस दौरान महिला की तबीयत और बिगड़ गई। जिसके चलते उसकी जान पर बन आई।
विज्ञापन


डॉक्टर व फ्लीट मैनेजर ने एक दूसरे पर डाला मामला
डॉ. लितिका ने बताया कि महिला की तबीयत नियंत्रण से बाहर होते ही उसे पीजीआई खानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस देरी से पहुंची। उधर, फ्लीट मैनेजर ऋषिपाल शर्मा ने डॉक्टर द्वारा दोबारा फोन पर सूचना देने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिविल अस्पताल में लापरवाही का पहला मामला नहीं
सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला या फिर जच्ची की मौत का यह पहला मामला नहीं है। सिविल अस्पताल में तीन दिन पहले कच्चा कैंप निवासी एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार महिला को सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए दाखिल कराया था। महिला की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। डॉक्टरों व स्टाफ ने परिवार से किसी तरह की कार्रवाई न कराने की बात लिखवाकर ले ली थी।

महिला ने दिया है दूसरी बेटी को जन्म
नूरवाला निवासी ऋषि ने बताया कि उसको एक लड़की पहले है। उसकी पत्नी प्रवीण ने मंगलवार को सिविल अस्पताल में दूसरी लड़की को जन्म दिया। वह लड़की के जन्म के बाद सामान्य थी, लेकिन उसकी बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों का मानना है कि महिला बच्ची पैदा होने के कुछ ही देर बाद तनाव में हो गई। जिसके चलते उसको ब्लीडिंग शुरू हो गई। महिला की स्थिति कंट्रोल होने की बजाय बिगड़ती चली गई।

डॉक्टरों व मरीजों को नई बिल्डिंग का इंतजार
सिविल अस्पताल के नए भवन की बिल्डिंग लगभग बनकर तैयार हो गई। जिसमें आधुनिक सुविधाओं को लैस करने का दावा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ डॉक्टरों को भी अस्पताल के उद्घाटन का इंतजार है। इसके बाद मरीजों की नहीं डॉक्टरों को भी बैठने की पर्याप्त जगह मिल सकेगी। अब सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में हर समय भीड़ नजर रहती है। माइनर ओपीडी व चेकअप रूम भी बहुत छोटा पड़ता है। माइनर ओटी में तो दो ही मरीज एक साथ आ सकते हैं।


अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। एंबुलेंस सूचना देने के बाद भी न मिलने की जानकारी नहीं है। ऐसा कुछ हुआ है तो बहुत ही चिंता का विषय है। मैं खुद मामले को देखकर आगामी कार्रवाई करूंगा।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed