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म्हारे सुल्तान अखाड़े में सीख् ा रहे कुश्ती के गुर

Sun, 18 Jun 2017 12:32 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:32 AM IST
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म्हारे सुल्तान अखाड़े में सीख्
ा रहे कुश्ती के गुर
म्हारे सुल्तान अखाड़े में सीख रहे कुश्ती के गुर
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अमर उजाला ब्यूरो
इसराना। स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों में बच्चे अक्सर अपने माता-पिता के साथ पिकनिक स्पॉट पर जाना पसंद करते हैं। लेकिन बुआना लाखु का नजारा कुछ और ही है। यहां कुश्ती के जुनूनी नन्हें पहलवान 40 से 45 डिग्री तापमान में अभ्यास कर इतिहास रचने की तैयारी में जुटे हैं। फैला उजियारा फाउंडेशन के तत्वावधान में बुआना लाखु में एक माह के लिए निशुल्क शिविर में नन्हें पहलवानों को कुश्ती के नए गुर सिखाए जा रहे हैं। कोच नरेंद्र मलिक खुद जूडो के भीम अवार्डी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी का मकसद पहलवानों की ऐसी पनीरी तैयार करना है जो अपने बलबूते पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते।

फाउंडेशन अध्यक्ष ने बढ़ाया उत्साह
शिविर के 18वें दिन शनिवार को शिविर में पहुंची फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष रंजीता कौशिक ने कहा कि इन नन्हें सुल्तानों द्वारा किया जा रहा कुश्ती का अभ्यास एक दिन जरूर रंग लाएगा। सरकार को इनकी मेहनत को देखते हुए बुआना लाखु में इंडोर स्टेडियम की स्थापना करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों के लिए कुश्ती हाल बनाने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि शिविर में विभिन्न गांवों की लड़कियां भी अभ्यास करने आती है, जो महिला सशक्तिकरण का संदेश है।
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देश के लिए गोल्ड जीतना मकसद
दस किलोमीटर का सफर तय कर बुआना लाखु अभ्यास के लिए पहुंचने वाली सोनिया निवासी नौल्था का कहना कि उनके जीवन का मकसद एक कामयाब रेसलर बनने के साथ ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है। उन्हें शिविर में बहुत कुछ नया सीखने को मिल रहा है। नन्हीं खिलाड़ी प्रिया कहती है कि वह कुश्ती में आगे बढ़ कर देश का तिरंगा लहराना चाहती है। इसको लेकर वो अभ्यास कर रही हैं। सिकंदर मलिक, दीपक व आकाश कहते हैं कि शिविर में उनको कुश्ती के बेहतर गुर सीखने को मिल रहे हैं। उन्हें इंटर यूनिवर्सिटी गेम की तैयारी में भी मदद मिल रही है।
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लचीलापन का होना जरूरी : कोच
कोच नरेंद्र मलिक कहते हैं कि अच्छा पहलवान बनने के लिए योग्यता के साथ लचीलापन का भी होना जरूरी हैं। शिविर की सारी ट्रेनिंग इसी पर आधारित है। खिलाड़ियों को शनिवार को लंबी रेस, वेट ट्रेनिंग, तकनीक, तीन दिन कुश्ती फाइट के अलावा एक दिन रिकरेशन गेम भी कराया जाता है। यहां शिविर में ड्रिल, स्किल व कुश्ती अभ्यास रोजाना अलग तरह से कराया जाता है। खिलाड़ियों को तीव्रता, योग्यता, दूरस्त व फिजिक्ल फिटनेस, स्पीड वर्क पर पूरा ध्यान दिया जाता है। यहां शिविर में खिलाड़ियों को स्टार खिलाड़ियों के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है।
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