Haryana: पानीपत में 440 रईसों पर 93 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, नोटिस जारी; पुलिस की ओर 84 लाख रुपये बकाया
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 34 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का टारगेट निर्धारित किया था लेकिन नगर निगम 50 प्रतिशत टारगेट भी पूरा नहीं कर पाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकारी विभाग भी प्रॉपर्टी टैक्स भरने में फिसड्डी ही हैं। 13 सरकारी विभागों की ओर भी नगर निगम का करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। सबसे अधिक पुलिस की ओर 84 लाख रुपये बकाया है। वन विभाग पर आठ लाख रुपये बकाया है। इन सभी विभागों को भी नोटिस जारी किया गया है। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 34 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का टारगेट निर्धारित किया था लेकिन नगर निगम 50 प्रतिशत टारगेट भी पूरा नहीं कर पाया है। अब मार्च तक नगर निगम अधिक से अधिक टैक्स वसूल अपने टारगेट के आसपास आने का प्रयास कर रहा है।
इन पर सबसे अधिक बकाया
मुख्य बकायेदार- बकाया
- आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल - 21765610
- पीयूष मितल- 5153495
- खादी आश्रम- 4865896
- गुंजन आहूजा- 4539748
- रीना श्रीवास्त्व- 44171537
- जानकी- 4447291
- महाराजा अग्रसैन- 3924315
- सरोज गोयल- 2119249
- पिस्किस बियूल्ड टेक- 1623377
- अक्षय जैन- 4489160
- वीणा सुनील कुमार- 955673
- एसडी एजुकेशन सोसायटी- 18937445
- जय प्रकाश गुप्ता- 13557891
- संजय गुप्ता- 17461251
- किसान भवन- 17378724
- दिनेश जैन 6373990
- दिल्ली गुजरात फीट करिअर 15479000
- वीरेंद्र- 15403386
- रविंद्र- 15092313
- धर्मबीर गुलाटी- 13591521
किस एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई
- नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कॉरपोरेशन एक्ट में एरियर ऑफ लैंड रेवेन्यू के तहत टैक्स जमा न करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- ऐसे मामलों को कोर्ट में ले जाया जाता है। इससे पहले दो नोटिस देकर प्रॉपर्टी मालिक को चांस दिए जाते हैं।
- इन नोटिस के बाद अगली कार्रवाई इनकी संपत्ति अटैच कर सील की जा सकती है। पहले रिकॉर्ड ठीक किया जाएगा। 31 मार्च के बाद बड़े बकायादारों की लिस्ट बनाकर उन्हें नोटिस देंगे और सिलिंग की कार्रवाई शुरू करेंगे।
- प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वाले मामले में नगर निगम कोर्ट में केस डाल सकता है। काेर्ट इस मामले में सजा तक सुना सकती है। ऐसे में अगर मालिक दोषी पाया जाता है तो उसे कैद काटनी पड़ सकती है।
- इसके अलावा प्रॉपर्टी अटैच कर जब तक टैक्स बिल न भरे उसे सील किया जा सकता है।
अधिकारी के अनुसार
नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी ने बताया कि अभी बकायेदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे पहले भी उनको नोटिस दिए गए थे। अब रिमाइंडर भेजा जा रहा है। अगर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो प्रॉपर्टी को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोगों से अपील है कि वह अपना टैक्स जमा करा दें। अगर किसी की कोई त्रुटि है तो वह ठीक करवा लें।