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Panipat News: रिश्तेदार बनकर दिव्यांग से ठगे 4.20 लाख
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पानीपत। सिवाह गांव के एक दिव्यांग कबाड़ी को ठग ने अपने जाल में फंसाकर उससे 4.20 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने कहा कि वह विदेश से उसका जानकार बोल रहा है। उसने खाते में 16 लाख रुपये डाले है, वह आकर ले लेगा। उसके बाद आरोपी ने दोस्त को पांच लाख रुपये देने का झांसा देकर 4.20 लाख रुपये ले लिए और नंबर बंद कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
सिवाह गांव निवासी दिव्यांग बिजेंद्र ने बताया कि आठ दिसंबर को उसके मोबाइल पर काल आई। उसने कहा कि वह विदेश से बोल रहा है। वह युवक उसकी पहचान में नहीं आया। युवक ने कहा कि वह उनके खाते में 16 लाख रुपये डाल रहा है, वह मार्च 2024 में भारत आएगा तो ले लेगा। युवक ने उसके व्हाट्सएप नंबर पर बैंक की पर्ची भेजी। इससे उसे विश्वास हो गया। इसके बाद आरोपी ने दोबारा फोन कर कहा कि उसके दोस्त की पत्नी गंगाराम अस्पताल में भर्ती है। उसके गुर्दे का ऑपरेशन होना है, इसके लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता है। जब खाते में 16 लाख रुपये आ जाएंगे, तब उनमें से पांच लाख रुपये काट लेना, लेकिन तब तक आप दोस्त को पांच लाख रुपये दे दो।
उधार लेकर दिए 4.20 लाख रुपये
बिजेंद्र ने बताया कि वह आरोपी के झांसे में आ गया और उसने रिश्तेदारों से उधार रुपये लेकर 3.80 लाख रुपये गांव के सीएससी सेंटर संचालक को दिए और आरोपी के दिए गए खातों में ट्रांसफर कराए। इसके अलावा उसने 40 हजार रुपये आरोपी की तरफ से भेजे स्केनर पर ट्रांसफर किए।
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रुपये नहीं आए तो हुआ खुलासा
बिजेंद्र ने बताया कि आरोपी ने कहा था कि 24 घंटे में 16 लाख रुपये खाते में आ जाएंगे, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बावजूद खातें में राशि नहीं आई तो उसे धोखाधड़ी का शक हुआ। उसने आरोपी के नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। जिसके बाद उसने मामले की शिकायत साइबर अपराध थाना पुलिस को दी।
वर्जन
पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिस नंबर से फोन आया है और जिस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए है, उन दोनों की पुलिस जांच कर रही है।
- इंस्पेक्टर अंकित, प्रभारी, साइबर अपराध थाना
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सिवाह गांव निवासी दिव्यांग बिजेंद्र ने बताया कि आठ दिसंबर को उसके मोबाइल पर काल आई। उसने कहा कि वह विदेश से बोल रहा है। वह युवक उसकी पहचान में नहीं आया। युवक ने कहा कि वह उनके खाते में 16 लाख रुपये डाल रहा है, वह मार्च 2024 में भारत आएगा तो ले लेगा। युवक ने उसके व्हाट्सएप नंबर पर बैंक की पर्ची भेजी। इससे उसे विश्वास हो गया। इसके बाद आरोपी ने दोबारा फोन कर कहा कि उसके दोस्त की पत्नी गंगाराम अस्पताल में भर्ती है। उसके गुर्दे का ऑपरेशन होना है, इसके लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता है। जब खाते में 16 लाख रुपये आ जाएंगे, तब उनमें से पांच लाख रुपये काट लेना, लेकिन तब तक आप दोस्त को पांच लाख रुपये दे दो।
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उधार लेकर दिए 4.20 लाख रुपये
बिजेंद्र ने बताया कि वह आरोपी के झांसे में आ गया और उसने रिश्तेदारों से उधार रुपये लेकर 3.80 लाख रुपये गांव के सीएससी सेंटर संचालक को दिए और आरोपी के दिए गए खातों में ट्रांसफर कराए। इसके अलावा उसने 40 हजार रुपये आरोपी की तरफ से भेजे स्केनर पर ट्रांसफर किए।
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रुपये नहीं आए तो हुआ खुलासा
बिजेंद्र ने बताया कि आरोपी ने कहा था कि 24 घंटे में 16 लाख रुपये खाते में आ जाएंगे, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बावजूद खातें में राशि नहीं आई तो उसे धोखाधड़ी का शक हुआ। उसने आरोपी के नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। जिसके बाद उसने मामले की शिकायत साइबर अपराध थाना पुलिस को दी।
वर्जन
पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिस नंबर से फोन आया है और जिस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए है, उन दोनों की पुलिस जांच कर रही है।
- इंस्पेक्टर अंकित, प्रभारी, साइबर अपराध थाना