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Panipat News: पक्षियों का आशियाना बनेगा 30 फीट ऊंचा बसेरा टावर
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समालखा। शहरी क्षेत्र में पेड़-पौधों की कमी के कारण पक्षियों के बसेरे कम हो गए हैं। पक्षियों को सहारा देने के लिए शहर में समाजसेवी आगे आ रहे हैं।
समाजसेवी डाॅ. रामनिवास जिंदल ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए नई अनाजमंडी में स्थित पार्क के बगल में पक्षियों के लिए 30 फीट ऊंचा टावर बनवा रहे हंै। इसमें विभिन्न स्तर पर घोंसले लगाए जा रहे हैं। जिसमें पक्षी आसानी से इसमें अपना बसेरा बना सकें। इस पर तकरीबन 5-6 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है।
समाजसेवी डाॅ. रामनिवास जिंदल ने बताया कि शहरी अंचल में पेड़-पौधे कम होते जा रहे हैं। हर जगह कंक्रीट के जंगल फैल गए हैं। इसके कारण पक्षियों के बसेरे भी समाप्त होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले पक्षी लोगों के घरों में बसेरा बना लेते थे लेकिन वहां भी घरों में लोहे के जाली व पूरी तरह से कवर होने के कारण पक्षी को बसेरे नहीं मिल पा रहे।
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इसको देखते हुए वो नई अनाज मंडी में पक्षी बसेरा टावर बना रहे हैं। इसमें काफी घोंसले लगाए गए हैं ताकि पक्षी आसानी से उसमें रह सकें। उनके इस कार्य से सामाजिक लोगों ने उनकी काफी सराहना की है। उनके इस प्रयास को देखकर काफी लोग इससे प्रेरित होकर पक्षियों के लिए कुछ करने का विचार कर रहे है। जगत में पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है। जिसको देखते हुए इस तरह के प्रयास के होने से समाज में पक्षियों को नया स्थान मिल रहा है।
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समाजसेवी डाॅ. रामनिवास जिंदल ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए नई अनाजमंडी में स्थित पार्क के बगल में पक्षियों के लिए 30 फीट ऊंचा टावर बनवा रहे हंै। इसमें विभिन्न स्तर पर घोंसले लगाए जा रहे हैं। जिसमें पक्षी आसानी से इसमें अपना बसेरा बना सकें। इस पर तकरीबन 5-6 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है।
समाजसेवी डाॅ. रामनिवास जिंदल ने बताया कि शहरी अंचल में पेड़-पौधे कम होते जा रहे हैं। हर जगह कंक्रीट के जंगल फैल गए हैं। इसके कारण पक्षियों के बसेरे भी समाप्त होते जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि पहले पक्षी लोगों के घरों में बसेरा बना लेते थे लेकिन वहां भी घरों में लोहे के जाली व पूरी तरह से कवर होने के कारण पक्षी को बसेरे नहीं मिल पा रहे।
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इसको देखते हुए वो नई अनाज मंडी में पक्षी बसेरा टावर बना रहे हैं। इसमें काफी घोंसले लगाए गए हैं ताकि पक्षी आसानी से उसमें रह सकें। उनके इस कार्य से सामाजिक लोगों ने उनकी काफी सराहना की है। उनके इस प्रयास को देखकर काफी लोग इससे प्रेरित होकर पक्षियों के लिए कुछ करने का विचार कर रहे है। जगत में पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है। जिसको देखते हुए इस तरह के प्रयास के होने से समाज में पक्षियों को नया स्थान मिल रहा है।