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Panipat News: छह से 12 साल के 25 बच्चों से फैक्ट्री में कराया जा रहा था काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2024 07:32 AM IST
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25 children aged between six to 12 years were being made to work in the factory.
पानीपत। चांदनी बाग पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत नरेंद्र नगर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अचार की एक फैक्ट्री से 25 बच्चों को रेस्क्यू किया है। इन बच्चों की आयु छह से 12 साल के बीच है। इनको एक क्रेट आम काटने पर 14 रुपये दिए जाते थे। इन बच्चों से 12 घंटे तककाम कराया जाता था। गुप्त सूचना पर यह कार्रवाई की गई । एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने सभी बच्चों का मेडिकल कराकर इन्हें शिशु गृह भेज दिया है। इस मामले की रिपोर्ट श्रम विभाग को दी गई है। अब श्रम विभाग फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई करेगा।
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सब इंस्पेक्टर पवन कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नरेंद्र नगर स्थित जैन फूड्स में बाल श्रमिक हैं। वह सूचना मिलते ही अपनी टीम के साथ फैक्ट्री पहुंचे। यहां छह से 12 साल के बच्चे आम काट रहे थे। अचार तैयार कर रहे थे। उनके यहां आते ही फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। उन्हें फैक्ट्री नहीं मिला। यहां से बच्चों को रिस्क्यू किया गया। इन बच्चों के माता-पिता फैक्ट्री में काम करते हैं। यह सभी प्रवासी बच्चे हैं। यह छह माह से यहां काम करते हैं। इनको एक क्रेट आम काटने के लिए 14 रुपये मिलते हैं। इनसे सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक काम कराया जाता था। बच्चों ने बताया कि वह पढ़ते नहीं है। वह उत्तर प्रदेश व बिहार के रहने वाले हैं। उनके माता-पिता के पास उन्हें पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है। सुबह माता-पिताा फैक्ट्री में चले जाते हैं। वह भी अपने दोस्तों के साथ यहां काम पर आ जाते हैं। वह सुबह से शाम तक काम करके 200-300 रुपये कमा लेते हैं। शाम को उनके माता-पिता उनसे यह पैसे ले लेते हैं। वह भी पढ़ना चाते हैं लेकिन उन्हें स्कूल नहीं भेजा जाता।
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पानीपत में 10 हजार से अधिक बाल श्रमिक

पानीपत में 20 हजार से अधिक फैक्ट्ररियां हैं। इनमें चार लाख से अधिक श्रमिक काम करते हैं। इन फैक्ट्ररियों में 10 हजार से अधिक बाल श्रमिक काम करते हैं। इनके अलावा ईंट भट्ठों, ढाबों , होटल व शोरूम में भी बाल श्रमिक हैं।
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