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सीएसआर फंड के नाम पर 22.55 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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22.55 Lakh fraud in the name of CSR Fund
- फोटो : Panipat
दिल्ली के तुगलकाबाद निवासी आनंद योगाश्रम के ट्रस्टी के साथ एक महिला समेत चार आरोपियों ने धोखाधड़ी करते हुए 22.55 लाख रुपये ठग लिए। ट्रस्टी ने बताया कि आरोपियों ने सीएसआर फंड के 1.30 करोड़ रुपये ट्रस्ट के खाते में डलवाने का झांसा दिया था, लेकिन आरोपियों ने स्कीम बताई और उससे 22.55 लाख रुपये लेकर पानीपत एक होटल में बुलाया। जहां पर उससे रुपये ले लिए और उसे 1.30 करोड़ रुपये देने के लिए करनाल ले गए। जहां पर आरोपियों ने नकली नोट से भरा बैग दिया, उसने लेने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की।
पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली के तुगलकाबाद निवासी स्वामी गणेशानंद ने बताया कि वह आनंदा योगाश्रम के नाम से ट्रस्ट चलाता है। वह योग गुरु है और भारत सरकार का पैनलिस्ट है। वह कई साल से ट्रस्ट चला रहा है। गत 2020 में उसके पास कमल मेननआया, जिसने उसको अंजू प्रकाश, उसके पति चमन प्रकाश, भतीजे पवन और जगबीर से मिलवाया। जगबीर ने सीएसआर फंड में ट्रस्ट को 1.30 करोड़ रुपये दान करने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उन्होंने एक स्कीम बताई और कहा कि बदले में उन्हें 25 लाख रुपये उनकी फर्म को देने होंगे। उसने हां कर दी और वह 22.50 लाख रुपये लेकर 14 दिसंबर को पानीपत आ गया। आरोपियों ने उसे बस स्टैंड स्थित सिटी हार्ट नामक होटल में बुलाया। जहां पर 15 लाख रुपये अंजू और बाकी पैसे अन्य आरोपियों ने आपस में बांट लिए। जिसके बाद वह उसे 1.30 करोड़ रुपये लेने के लिए करनाल की सीएचडी सिटी के एक फ्लैट में ले गए। जहां पर आरोपियों ने नकली नोटो से भरा बैग लेकर आए, जिनको लेने से उसने मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे भगा दिया।
स्वामी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे कहा था कि पुराने नोट का उनका पुराना धंधा है, वह चीन से पाकिस्तान से होकर नकली नोट मंगाते हैं। इतना कहते ही वह क्रोधित हुआ और आरोपियों पर देशद्रोह की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। यह बात सुनते ही आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट की।
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स्वामी गणेशानंद ने बताया कि उसने 13 फरवरी 2021 को पानीपत शहर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। अब एसपी के आदेश पर पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। गणेशानंद ने बताया कि उसकी परेशानी बढ़ती गई। उसने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन उसकी पत्नी विनीता ने उसे बचा लिया। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी प्रतिभा और छोटा बेटा रोहन है, जो राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट खिलाड़ी है।
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पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली के तुगलकाबाद निवासी स्वामी गणेशानंद ने बताया कि वह आनंदा योगाश्रम के नाम से ट्रस्ट चलाता है। वह योग गुरु है और भारत सरकार का पैनलिस्ट है। वह कई साल से ट्रस्ट चला रहा है। गत 2020 में उसके पास कमल मेननआया, जिसने उसको अंजू प्रकाश, उसके पति चमन प्रकाश, भतीजे पवन और जगबीर से मिलवाया। जगबीर ने सीएसआर फंड में ट्रस्ट को 1.30 करोड़ रुपये दान करने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उन्होंने एक स्कीम बताई और कहा कि बदले में उन्हें 25 लाख रुपये उनकी फर्म को देने होंगे। उसने हां कर दी और वह 22.50 लाख रुपये लेकर 14 दिसंबर को पानीपत आ गया। आरोपियों ने उसे बस स्टैंड स्थित सिटी हार्ट नामक होटल में बुलाया। जहां पर 15 लाख रुपये अंजू और बाकी पैसे अन्य आरोपियों ने आपस में बांट लिए। जिसके बाद वह उसे 1.30 करोड़ रुपये लेने के लिए करनाल की सीएचडी सिटी के एक फ्लैट में ले गए। जहां पर आरोपियों ने नकली नोटो से भरा बैग लेकर आए, जिनको लेने से उसने मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे भगा दिया।
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स्वामी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे कहा था कि पुराने नोट का उनका पुराना धंधा है, वह चीन से पाकिस्तान से होकर नकली नोट मंगाते हैं। इतना कहते ही वह क्रोधित हुआ और आरोपियों पर देशद्रोह की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। यह बात सुनते ही आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट की।
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स्वामी गणेशानंद ने बताया कि उसने 13 फरवरी 2021 को पानीपत शहर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। अब एसपी के आदेश पर पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। गणेशानंद ने बताया कि उसकी परेशानी बढ़ती गई। उसने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन उसकी पत्नी विनीता ने उसे बचा लिया। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी प्रतिभा और छोटा बेटा रोहन है, जो राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट खिलाड़ी है।