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रोडवेज हड़ताल के तीसरे दिन दोगुने हुए हड़ताली, सरकार के हाथ पांव फूले, पुलिस के जवान बनेंगे रोडवेज में चालक व परिचालक, 25 साल बा
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:18 PM IST
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हड़ताल के तीसरे दिन 192 कर्मचारियों को नोटिस, 18 सस्पेंड
आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गए
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन वीरवार को स्थिति और खराब हो गई। पहले दिन 70 परिचालक हड़ताल पर थे जिनकी संख्या तीसरे दिन 136 तक पहुंच गई। वहीं चालकों की संख्या पहले दिन 79 थी जो अब 111 तक पहुंच गई। प्रशासन ने 192 हड़तालियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गिरफ्तार 18 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। एक यूनियन नेता को भी परिसर से गिरफ्तार किया गया। जीएम ने उपायुक्त से परिचालक के रूप में 30 होमगार्ड तो उन्होंने 33 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) को यह जिम्मा दिया। उधर, रोडवेज विभाग की ओर से आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गये। परंतु कर्मचारियों की व्यस्तता के चलते शाम तक फार्म नहीं भरे गए। सभी युवाओं को शुक्रवार सुबह 11 बजे का समय दिया गया।
हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत केस दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद भी हड़ताल पर बढ़ते कर्मचारियों को देख प्रशासन ने सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग फरमान जारी किए। इसके बाद प्रशासन ने स्कूली बसों में यात्रियों को ढोने का फैसला लिया। वहीं बसों पर परिचालक के रूप में पुलिस वालों को रखने का फैसला लिया। 33 पुलिस कर्मचारी अब टिकट काटते और बस चलाते नजर आएंगे। साथ में हड़ताल को कमजोर करने के लिए नए चालक व परिचालकों की भर्ती भी निकाल दी है। वहीं प्रशासन ने कर्मचारियों पर सख्ती दिखाते हुए 192 हड़तालियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गिरफ्तार 18 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।
25 साल बाद हुआ ऐसा, पुलिस वाले काटेंगे टिकट
मनोहर सरकार ने 25 साल पुराना इतिहास दोहरा दिया है। इससे पहले रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल आठ दिन तक चली थी। उस दौरान भजनलाल सरकार ने पुलिस में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को चालक व परिचालक का जिम्मा दे दिया था। उन्हें बाद में रोडवेज में ही पक्का कर दिया गया। अब प्रशासन ने कर्मचारियों की कमी के कारण एसपीओ को चालक व परिचालक का जिम्मा दे दिया है। वहीं प्रशासन ने अबकी बार समझदारी दिखाते हुए पक्के कर्मचारियों को यह जिम्मदारी दी है।
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हड़ताल के तीसरे दिन का घटनाक्रम
-हड़ताल के पहले दिन 70 परिचालक स्ट्राइक पर थे जो अब 136 तक पहुंच चुके हैं। वहीं चालकों की संख्या पहले दिन 79 थी जो अब 111 तक पहुंच गई है।
-एस्मा के तहत नामजद एफआईआर के आधार पर विजय ढोंचक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
-प्रशासन ने हड़ताल के तीसरे दिन परिचालकों की कमी होने के कारण जनता को सुविधा देने के लिए केवल ड्राइवरों को बसे देकर फ्री मेें बसें चलाने का फैसला किया। इसके बाद प्रशासन ने अपने फैसले को बदल दिया।
-जीएम की ओर से परिचालक के रूप में 30 होमगार्ड की मांग के बाद दोपहर एक बजे उपायुक्त ने उनके बदले 33 एसपीओ यानि स्पेशल पुलिस ऑफिसर को यह जिम्मा दिया।
-स्कूल की बसों को लोकल रूट पर यात्रियों को सुविधा में चलाने का फैसला लिया। यह बसें 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलाई जाएंगी।
-शाम को 192 हड़तालियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वहीं 18 गिरफ्तार हुए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
-बस स्टैंड से निकलीं 38 बसें, गेट पर भरी सवारियां
रोडवेज विभाग की ओर से आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गये। परंतु कर्मचारियों की व्यस्तता के चलते शाम तक फार्म नहीं भरे गये। सभी युवाओं को आज सुबह 11 बजे का टाइम दे दिया गया।
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हड़ताल के तीसरे दिन 192 कर्मचारियों को नोटिस, 18 सस्पेंड
आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गए
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन वीरवार को स्थिति और खराब हो गई। पहले दिन 70 परिचालक हड़ताल पर थे जिनकी संख्या तीसरे दिन 136 तक पहुंच गई। वहीं चालकों की संख्या पहले दिन 79 थी जो अब 111 तक पहुंच गई। प्रशासन ने 192 हड़तालियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गिरफ्तार 18 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। एक यूनियन नेता को भी परिसर से गिरफ्तार किया गया। जीएम ने उपायुक्त से परिचालक के रूप में 30 होमगार्ड तो उन्होंने 33 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) को यह जिम्मा दिया। उधर, रोडवेज विभाग की ओर से आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गये। परंतु कर्मचारियों की व्यस्तता के चलते शाम तक फार्म नहीं भरे गए। सभी युवाओं को शुक्रवार सुबह 11 बजे का समय दिया गया।
हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत केस दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद भी हड़ताल पर बढ़ते कर्मचारियों को देख प्रशासन ने सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग फरमान जारी किए। इसके बाद प्रशासन ने स्कूली बसों में यात्रियों को ढोने का फैसला लिया। वहीं बसों पर परिचालक के रूप में पुलिस वालों को रखने का फैसला लिया। 33 पुलिस कर्मचारी अब टिकट काटते और बस चलाते नजर आएंगे। साथ में हड़ताल को कमजोर करने के लिए नए चालक व परिचालकों की भर्ती भी निकाल दी है। वहीं प्रशासन ने कर्मचारियों पर सख्ती दिखाते हुए 192 हड़तालियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गिरफ्तार 18 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।
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25 साल बाद हुआ ऐसा, पुलिस वाले काटेंगे टिकट
मनोहर सरकार ने 25 साल पुराना इतिहास दोहरा दिया है। इससे पहले रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल आठ दिन तक चली थी। उस दौरान भजनलाल सरकार ने पुलिस में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को चालक व परिचालक का जिम्मा दे दिया था। उन्हें बाद में रोडवेज में ही पक्का कर दिया गया। अब प्रशासन ने कर्मचारियों की कमी के कारण एसपीओ को चालक व परिचालक का जिम्मा दे दिया है। वहीं प्रशासन ने अबकी बार समझदारी दिखाते हुए पक्के कर्मचारियों को यह जिम्मदारी दी है।
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हड़ताल के तीसरे दिन का घटनाक्रम
-हड़ताल के पहले दिन 70 परिचालक स्ट्राइक पर थे जो अब 136 तक पहुंच चुके हैं। वहीं चालकों की संख्या पहले दिन 79 थी जो अब 111 तक पहुंच गई है।
-एस्मा के तहत नामजद एफआईआर के आधार पर विजय ढोंचक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
-प्रशासन ने हड़ताल के तीसरे दिन परिचालकों की कमी होने के कारण जनता को सुविधा देने के लिए केवल ड्राइवरों को बसे देकर फ्री मेें बसें चलाने का फैसला किया। इसके बाद प्रशासन ने अपने फैसले को बदल दिया।
-जीएम की ओर से परिचालक के रूप में 30 होमगार्ड की मांग के बाद दोपहर एक बजे उपायुक्त ने उनके बदले 33 एसपीओ यानि स्पेशल पुलिस ऑफिसर को यह जिम्मा दिया।
-स्कूल की बसों को लोकल रूट पर यात्रियों को सुविधा में चलाने का फैसला लिया। यह बसें 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलाई जाएंगी।
-शाम को 192 हड़तालियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वहीं 18 गिरफ्तार हुए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
-बस स्टैंड से निकलीं 38 बसें, गेट पर भरी सवारियां
रोडवेज विभाग की ओर से आकस्मिक भर्ती निकालने का पता चलते ही लगभग 500 युवा फार्म भरने के लिए रोडवेज परिसर पहुंच गये। परंतु कर्मचारियों की व्यस्तता के चलते शाम तक फार्म नहीं भरे गये। सभी युवाओं को आज सुबह 11 बजे का टाइम दे दिया गया।