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महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ के हर रोज दर्ज हो रहे तीन केस, 9 माह महिलाओं से छेड़छाड़ व प्रताड़ना के हुए 6

Fri, 12 Oct 2018 12:35 AM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:35 AM IST
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महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ के हर रोज दर्ज हो रहे तीन केस, 9 माह महिलाओं से छेड़छाड़ व प्रताड़ना के हुए 6
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छेड़छाड़ के हर रोज दर्ज हो रहे तीन केस, नौ माह में छेड़छाड़ व प्रताड़ना के हुए 689 केस दर्ज
-नौ माह में नाबालिग से 10 बार गैंगरेप की घटनाएं आईं सामने
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिले की महिलाएं व लड़कियां अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हर रोज औसतन छेड़छाड़ व रेप के तीन मामले दर्ज होते हैं। जबकि महिला थाने में औसतन आठ महिलाएं प्रताड़ना व अपराध के खिलाफ पुलिस थाना में पहुंचती है। इन नौ माह में 689 केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस मुख्यालय ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए कई बार दुर्गा शक्ति टीम भी बनाई, लेकिन पुलिस कर्मी महज औपचारिकता ही पूरी करते रहे। महिलाओं की सुरक्षा केे लिए हेल्प लाइन 1091 में भी शुरू किया गया है। इस पर महिलाओं के हर रोज औसतन 8-10 कॉल आती हैं। महिलाएं इस नंबर पर फोन कर अकसर ये ही शिकायत करती है कि आपराधिक प्रवृति के लोग उनका पीछा कर रहे हैं। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती है आरोपी फरार हो जाते हैं।

यौनाचार के लिए सामाजिक परिस्थितियां जिम्मेदार
समाज में लड़कियों के प्रति बढ़ते यौनाचार जैसे अपराधों के लिए कई सामाजिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। टीवी और मोबाइल के बढ़ते प्रयोग से भी युवाओं के मन में आपराधिक भावनाएं जागृत हुई हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को डराने के बजाय विश्वास में लेकर उनसे विषय विशेष पर खुलकर बात करें और उनकी परेशानियों को समझें।
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- सुनीता शर्मा, प्रधानाचार्या, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल मडलौडा।

लड़कियों की सुरक्षा हेतु समाज को दिखानी होगी एकजुटता
वर्तमान में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हालांकि सरकार की कोशिश समाज को जागरूक करने की रही है लेकिन समाज के कुछ तुच्छ मानसिकता तथा व्यभिचारी प्रवृत्ति के लोगों के कारण बेटियों के प्रति अपराध बढ़े हैं। एंड्रायड फोन के प्रति आजादी और टीवी पर दिखाए जाने वाले कुछ अश्लील दृश्यों का असर युवाओं की मानसिकता पर पड़ता है। अभिभावकों को चाहिए कि विशेषकर किशोर बच्चों द्वारा फोन पर की गई गतिविधियों पर ध्यान दें।
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- कुसुमलता, डी.लिट, हिंदी प्रोफेसर, एसडी कॉलेज

नौ माह में ये मामले आए सामने
10 पॉक्सो- नाबालिग से रेप ( 11 केस )
12 पॉक्सो- 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप ( 11 केस )
4 पॉक्सो- बच्चे के साथ दुष्कर्म या कुकर्म ( 25 केस )
6 पॉक्सो- बच्चों को दुष्कर्म या कुकर्म के बाद गंभीर चोट पहुंचाना ( 25 केस )
8 पॉक्सो- बच्चों के गुप्तांग से छेड़छाड़ करना ( 31 )
-महिलाओं को अश्लील इशारे करने के पांच केस
दहेज हत्या के 8 केस इन नौ माह में सामने आ चुके हैं।
9 माह में 85 लड़कियों का शादी के लिए अपहरण हुआ है।
-73 केस नाबालिगों से देहव्यापार कराने के आए।
-62 महिलाओं व लड़कियों से रेप की घटनाएं हुईं।
-3 केस ऐसे सामने आए जब दोषी ने कोर्ट से सजा मिलने के बाद दोबारा रेप की वारदात की।
-इन 9 माह में 10 गैंगरेप के मामले सामने आए हैं।
- युवतियों को बीच सड़क पर तंग व छेड़छाड़ करने के 43 केस सामने आ चुके हैं।
-51 केस ऐसे सामने आए जब आरोपियों ने महिलाओं व युवतियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा। -22 केस ऐसे सामने आए जब महिलाओं के साथ मारपीट कर उनके कपड़े फाड़े गए।

-1 केस ऐसा सामने आया जब आरोपी गलत नीयत से युवती को घूरता रहा।
-39 केस ऐसे सामने आए जब आरोपियों ने गलत नीयत से महिलाओं व लड़की का पीछा किया।
-दहेज के लिए प्रताड़ना के 184 केस सामने आए।

दुर्गा शक्ति टीम को और मजबूत करेंगे
महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति टीमें बनाई हैं। कॉलेजों व स्कूलों के सामने पुलिस मौजूद रहती है। गश्त बढ़ाई जा रही है। दुर्गा शक्ति टीम को और मजबूत करेंगे। महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।
- मनवीर सिंह, एसपी पानीपत।
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