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स्वास् थ्य विभाग के कंट्रोल से बाहर गया डेंगू, डीसी को खुद आना पड़ा आगे

Tue, 24 Oct 2017 12:38 AM IST
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:38 AM IST
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थ्य विभाग के कंट्रोल से बाहर गया डेंगू, डीसी को खुद आना पड़ा आगे
स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल से बाहर गया डेंगू, डीसी को खुद आना पड़ा आगे
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मौसम बदलने के साथ डेंगू स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल से बाहर हो गया है। जिले में हर रोज डेंगू पॉजिटिव मामले सामने आने लगे हैं। सिविल अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पतालों की लैब में ब्लड सैंपल जांच कराने की लंबी लाइन लगी हुई है। जिले में डेंगू का प्रकोप होने के बाद खुद डीसी को आगे आना पड़ा। डीसी ने डेंगू को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम व पंचायत विभाग को मिलकर काम करने की हिदायत दी है और जिले में जरूरत वाले स्थानों पर फिर से फॉगिंग कराने के आदेश दिए हैं। वहीं विभाग को डेंगू को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग थ्योरी पर काम करने की हिदायत दी है।
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने सोमवार को लघु सचिवालय में जिला के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने हाल फिलहाल में बुखार खासकर डेंगू ज्वर व मलेरिया के केस ज्यादा आने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिले में फॉगिंग को प्रभावी ढंग से किया जाएं तो डेंगू व दूसरे बुखारों को कंट्रोल किया जा सकता है। संबंधित अधिकारी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार फॉगिंग करवाना सुनिश्चित करें।
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लोगों को जागरूक करें, स्कूलों में दें मैसेज
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि इस तरह के बुखार व बीमारियों के फैलने पर लोगों को जागरूक करना भी बहुत जरूरी है। जिला के सभी स्कूलों, नगर निगम, नगरपालिका और प्रत्येक गांव में लोगों को पानी व मच्छर से फैलने वाली बीमारियों के प्रति और अधिक जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पूरी बाजू और पैरों तक ढके हुए कपड़े पहनाएं ताकि शरीर पर मच्छर काटने का प्रभाव न होने पाएं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूलों में आदेश प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए। स्कूल में शरीर को पूर्ण रूप से ढ़ककर रखने वाले कपड़े या वर्दी पहनकर आना सुनिश्चित करें।
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एंटी लार्वा टीम फिर से होगी सक्रिय
जिले में एंटी लार्वा टीम फिर से सक्रिय होगी। यह टीम घर-घर जाकर पानी की टंकियों व कूलर आदि को चैक करेगी। यहां लार्वा मिलने पर संबंधित व्यक्ति या विभागाध्यक्ष को नोटिस जारी किया जाएगा। डीसी ने बताया कि प्राय: देखने में आया है कि सर्दियां शुरू हो जाती हैं और लोग कुलर इत्यादि में पहले से भरा हुआ पानी छोड़ देते हैं और पूरी तरह से कुलर की सफाई भी नहीं करते हैं, जिससे मच्छर पनपने का अंदेशा बना रहता है। वहीं घरों में रखे गए गमलों में भी पानी ठहरने से इस तरह का मच्छर पैद हो जाता है। वहीं लोग घरों के आसपास साफ सफाई का भी पूरा ध्यान दें। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि एंटी लार्वा टीम अब तक साढ़े छह लाख घरों को चैक कर चुकी है। टीम दोबारा से सर्वे कार्य शुरू करेगी।

विभागाधिकारियों को देनी होगी रिपोर्ट
डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने इसको लेकर निगम आयुक्त शिव प्रसाद शर्मा, सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा और डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक को निर्देश दिए कि इस बारे सभी पार्षदों व पंचायतों को भी जागरूक करना सुनिश्चित करें और इस बारे जिला प्रशासन को अनुपालना रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही मिली तो संबंधित विभागाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट अस्पतालों व लैब में मरीजों की भरमार
मौसमी बुखार से प्राइवेट अस्पतालों व लैबों में मरीजों की भरमार है। अकेले सिविल अस्पताल की लैब में सैंपल जांच का काम तीन गुना बढ़ गया है। प्लेटलेट्स के सैंपल लेने के बाद करनाल लैब में भेजे जाते हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद इलाज शुरू किया जाता है। सिविल अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है। जिसमें डेंगू के संदिग्ध मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों व लैब में आने वाले मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल से दो से तीन गुना अधिक है।

विभाग का दावा रजापुर निवासी महिला की मौत डेंगू से नहीं हुई
स्वास्थ्य विभाग ने रजापुर निवासी आरती की मौत का कारण डेंगू न होना बताया है। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि आरती की मौत के बाद परिजनों से पूरी जानकारी ली गई। परिजनों ने बताया कि आरती को बुखार था और उसका कई दिन तक गांव में इलाज कराया गया था। यहां पर लगाए गए इंजेक्शन से इंफेक्शन हो गया। उसको बाद में करनाल के एक संस्था के अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर उसकी मौत हो गई। विभाग की एक टीम ने संबंधित अस्पताल में जाकर पूरी रिपोर्ट को जांचा। अस्पताल की जांच रिपोर्ट में डेंगू होना नहीं पाया गया।


मौसमी बुखार व डेंगू के कई मरीज सामने आए हैं। लोगों को इस तरह की बीमारियों से घबराने की बजाय इलाज पर ध्यान देना चाहिए। वे इस तरह का बुखार होने पर सिविल अस्पताल की लैब में अपनी जांच कराएं। प्राइवेट अस्पतालों की लैब में डेंगू बताने पर सरकारी डॉक्टर से रिपोर्ट सांझा करें। स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर निगम, नगरपालिका व पंचायत विभाग को फोगिंग करने की हिदायत दी गई है।
डॉ. चंद्रशेखर खे, डीसी, पानीपत।


-स्कूल व कॉलेजों में भी दिए जाएंगे आवश्यक दिशा निर्देश
-एंटी लार्वा कमेटी फिर से लार्वा के सैंपल का करेगी काम शुरू
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