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ट्रक की टक्कर से टूटा बेरिकेड्स ओएचई लाइन पर गिरा, छह घंटे पानीपत-दिल्ली रेल लाइन बाधित
Updated Sun, 01 Oct 2017 11:19 PM IST
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ट्रक की टक्कर से टूटा बेरिकेड्स ओएचई लाइन पर गिरा, लाइन भी टूटी
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। समालखा के पास गांव मनाना की फाटक नंबर-44 पर एक अज्ञात ट्रक ने फाटक के बेरिकेड्स को टक्कर मार दी। जिसके बाद बेरिकेड्स टूटकर ओएचई लाइन पर जा गिरा। बेरिकेड्स लोहे का होने के कारण ओएचई लाइन टूट गई और नीचे गिर गई। हादसा कार को बचाने के चक्कर में हुआ। जिसके बाद करीब छह घंटे तक पानीपत से दिल्ली रेलवे मार्ग बाधित रहा। सूचना मिलने के बाद पानीपत स्टेशन से स्टेशन अधीक्षक व ओएचई इंजीनियर चैन सिंह मौके पर टीम के साथ पहुंचे। पानीपत स्टेशन पर सूचना देकर रेलवे मार्ग बंद करवाया। जिस कारण जो ट्रेन जिस स्टेशन पर खड़ी थी, उन्हें करीब तीन घंटे तक वहीं खड़ा करके रखा गया। जिस कारण यात्रियों को कई घंटों तक परेशान होना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि मनाना फाटक पर किसी अज्ञात ट्रक ने करीब 1:40 मिनट पर बेरिकेड्स को टक्कर मार दी थी। जिस कारण बेरिकेड्स टूटकर ओएचई लाइन पर जा गिरा और स्पार्किंग होने के कारण लाइन बीच में से टूट गई और करीब छह घंटे तक रेलवे मार्ग बाधित रहा। उसके बाद पानीपत से दिल्ली की तरफ आने से वाली करीब 10 ट्रेनों को बीच रास्तों में ही रोकना पड़ा। पानीपत स्टेशन पर कटिहार को दो घंटे तक खड़ा करके रखा गया। वहीं पैसेंजर ट्रेन को बाबरपुर स्टेशन पर रोक दिया गया। वहीं ओएचई लाइन को टैम्परेरी ठीक करने में तीन घंटे लग गए। जिसके बाद मनाना फाटक से बीच रास्ते में रोकी गई ट्रेनों को 20 की स्पीड में निकाला गया। पूरी तरह से ओएचई लाइन करीब छह बजे ठीक हो पाई। इस बारे में ओएचई इंजीनियर चैन सिंह ने बताया कि पांच घंटों के बाद पूरी तरफ से लाइन को और बेरिकेड्स को ठीक कर दिया गया। जिसके बाद ही ट्रेनों को सुचारू रूप से निकाला गया।
गांव मनाना की फाटक नंबर-44 पर हुई घटना
फोटो-32
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। समालखा के पास गांव मनाना की फाटक नंबर-44 पर एक अज्ञात ट्रक ने फाटक के बेरिकेड्स को टक्कर मार दी। जिसके बाद बेरिकेड्स टूटकर ओएचई लाइन पर जा गिरा। बेरिकेड्स लोहे का होने के कारण ओएचई लाइन टूट गई और नीचे गिर गई। हादसा कार को बचाने के चक्कर में हुआ। जिसके बाद करीब छह घंटे तक पानीपत से दिल्ली रेलवे मार्ग बाधित रहा। सूचना मिलने के बाद पानीपत स्टेशन से स्टेशन अधीक्षक व ओएचई इंजीनियर चैन सिंह मौके पर टीम के साथ पहुंचे। पानीपत स्टेशन पर सूचना देकर रेलवे मार्ग बंद करवाया। जिस कारण जो ट्रेन जिस स्टेशन पर खड़ी थी, उन्हें करीब तीन घंटे तक वहीं खड़ा करके रखा गया। जिस कारण यात्रियों को कई घंटों तक परेशान होना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि मनाना फाटक पर किसी अज्ञात ट्रक ने करीब 1:40 मिनट पर बेरिकेड्स को टक्कर मार दी थी। जिस कारण बेरिकेड्स टूटकर ओएचई लाइन पर जा गिरा और स्पार्किंग होने के कारण लाइन बीच में से टूट गई और करीब छह घंटे तक रेलवे मार्ग बाधित रहा। उसके बाद पानीपत से दिल्ली की तरफ आने से वाली करीब 10 ट्रेनों को बीच रास्तों में ही रोकना पड़ा। पानीपत स्टेशन पर कटिहार को दो घंटे तक खड़ा करके रखा गया। वहीं पैसेंजर ट्रेन को बाबरपुर स्टेशन पर रोक दिया गया। वहीं ओएचई लाइन को टैम्परेरी ठीक करने में तीन घंटे लग गए। जिसके बाद मनाना फाटक से बीच रास्ते में रोकी गई ट्रेनों को 20 की स्पीड में निकाला गया। पूरी तरह से ओएचई लाइन करीब छह बजे ठीक हो पाई। इस बारे में ओएचई इंजीनियर चैन सिंह ने बताया कि पांच घंटों के बाद पूरी तरफ से लाइन को और बेरिकेड्स को ठीक कर दिया गया। जिसके बाद ही ट्रेनों को सुचारू रूप से निकाला गया।
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गांव मनाना की फाटक नंबर-44 पर हुई घटना
फोटो-32