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लुढ़का पारा दिन भी होने लगे ठंडे, सुबह धुंध रोकने लगी राह
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:47 PM IST
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लुढ़का पारा दिन भी होने लगे ठंडे, सुबह धुंध रोकने लगी राह
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रात के साथ अब दिन का भी तापमान धीरे-धीरे घटने लगा है। इस कारण रात और दिन में लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा है। वहीं दूसरी और सुबह करीब दस बजे तक फॉग(धुंध) भी आसमान में दिखाई देने लगी है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस कड़ी में वीरवार दिन का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि जब आसमान में बादल गहरा जाते हैं तो धूप नीचे नहीं आ पाती। ऐसे में ठंड भी जमीन से अधिक ऊपर नहीं जा पाती। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान लगभग एक समान हो जाते हैं। कभी-कभी एक या दो डिग्री का फर्क दोनों तापमान के बीच में रहता है। इससे सर्दी बढ़ती है। इस मौसम का प्रभाव यातायात व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। अभी से ही ट्रेन लेट होनी शुरू हो गईं हैं। ठंड के कारण कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से छह से सात घंटे देरी से चल रही हैं। इस बारे में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जो गाड़ी एक स्थान से अपने गतंव्य तक लेट पहुंच रही है वह गाड़ी वापसी में भी लेट चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक तो दो या तीन ट्रेन ही लेट चल रहीं हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे ट्रेनों की गति धीमी होने के कारण लेट होने शुरू हो जाएगी। वहीं हर बार सर्दी में ऊंचाहार एक्सप्रेस ट्रेन को एक माह के लिए बंद कर दिया जाता है। चूंकि इसका लंबा रूट है। यह गाड़ी कई बार अपने निर्धारित समय से एक या दिन बाद पहुंचती है। जिस कारण इसे बंद कर दिया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रात के साथ अब दिन का भी तापमान धीरे-धीरे घटने लगा है। इस कारण रात और दिन में लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा है। वहीं दूसरी और सुबह करीब दस बजे तक फॉग(धुंध) भी आसमान में दिखाई देने लगी है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस कड़ी में वीरवार दिन का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि जब आसमान में बादल गहरा जाते हैं तो धूप नीचे नहीं आ पाती। ऐसे में ठंड भी जमीन से अधिक ऊपर नहीं जा पाती। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान लगभग एक समान हो जाते हैं। कभी-कभी एक या दो डिग्री का फर्क दोनों तापमान के बीच में रहता है। इससे सर्दी बढ़ती है। इस मौसम का प्रभाव यातायात व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। अभी से ही ट्रेन लेट होनी शुरू हो गईं हैं। ठंड के कारण कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से छह से सात घंटे देरी से चल रही हैं। इस बारे में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जो गाड़ी एक स्थान से अपने गतंव्य तक लेट पहुंच रही है वह गाड़ी वापसी में भी लेट चलेगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक तो दो या तीन ट्रेन ही लेट चल रहीं हैं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे ट्रेनों की गति धीमी होने के कारण लेट होने शुरू हो जाएगी। वहीं हर बार सर्दी में ऊंचाहार एक्सप्रेस ट्रेन को एक माह के लिए बंद कर दिया जाता है। चूंकि इसका लंबा रूट है। यह गाड़ी कई बार अपने निर्धारित समय से एक या दिन बाद पहुंचती है। जिस कारण इसे बंद कर दिया जाता है।
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