{"_id":"595a9a374f1c1bea0b8b4640","slug":"201499109943-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल में नहीं, आयुष विंग में हुई ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल में नहीं, आयुष विंग में हुई ओपीडी
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। सिविल अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. रजनी गोयल खरे ने सोमवार को विधिवत रूप से अपना काम शुरू किया। उन्होंने आयुष विभाग की बिल्डिंग में ओपीडी में पहले दिन चर्म रोग के 90 मरीजों की जांच की। जिला अस्पताल में कई साल बाद चर्म रोग विशेषज्ञ मिलने के बाद मरीजों को राहत की सांस मिली।
विदित है कि सिविल अस्पताल से स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. राघवेंद्र का दो साल पहले पानीपत से तबादला हो गया था। इसके बाद सिविल अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट नहीं था। जिसके चलते स्किन रोगियों को पीजीआई या फिर जिले के प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता था। सिविल अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में डॉ. रजनी गोयल खरे आई हैं। वे डीसी पानीपत डॉ. चंद्रशेखर खरे की धर्मपत्नी हैं। डॉ. रजनी गोयल खरे शुक्रवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद सोमवार को पहले दिन आयुष विभाग में पहुंची और ओपीडी देखी। उन्होंने पहले दिन 90 मरीजों की जांच की। डॉ. रजनी गोयल खरे ने बताया कि ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद सोमवार को पहली बार ओपीडी देखी। जिले में स्किन रोगियों की संख्या काफी ज्यादा है। स्किन के मरीजों की ओपीडी के लिए साफ सुथरा स्थान की जरूरत होती है। आयुष विंग में मरीजों की जांच की गई।
विष्णु-जगमहेंद्र
विज्ञापन
विदित है कि सिविल अस्पताल से स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. राघवेंद्र का दो साल पहले पानीपत से तबादला हो गया था। इसके बाद सिविल अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट नहीं था। जिसके चलते स्किन रोगियों को पीजीआई या फिर जिले के प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता था। सिविल अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में डॉ. रजनी गोयल खरे आई हैं। वे डीसी पानीपत डॉ. चंद्रशेखर खरे की धर्मपत्नी हैं। डॉ. रजनी गोयल खरे शुक्रवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद सोमवार को पहले दिन आयुष विभाग में पहुंची और ओपीडी देखी। उन्होंने पहले दिन 90 मरीजों की जांच की। डॉ. रजनी गोयल खरे ने बताया कि ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद सोमवार को पहली बार ओपीडी देखी। जिले में स्किन रोगियों की संख्या काफी ज्यादा है। स्किन के मरीजों की ओपीडी के लिए साफ सुथरा स्थान की जरूरत होती है। आयुष विंग में मरीजों की जांच की गई।
विज्ञापन
विष्णु-जगमहेंद्र