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गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुराना दो मंजिला भवन धंसा, एक की मौत, आठ घायल, करीब चार के दबे होने की आशंका
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुराना दो मंजिला भवन एक साथ धंस गया। इससे पूरा गुरुद्वारा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि सेवादार और दो बच्चों समेत करीब आठ लोग घायल हो गए। मलबे में करीब चार लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गुरुद्वारा धंसने से आसपास की करीब आधा दर्जन दुकान और एक निजी स्कूल की बिल्डिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे का कारण पुराने भवन के अंदर चल रहा निर्माण कार्य बताया जा रहा है। एक्सपर्ट ने बिल्डिंग के धंसने का कारण ओवरवेट बताया है। गुरुद्वारे में रातभर बचाव कार्य चलता रहा।
हादसा सोमवार दोपहर बाद करीब 4:25 बजे हुआ। गुरुद्वारा पहली पातशाही के पुराने भवन में निर्माण चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा धंस गया। कुछ ही मिनटों में दो मंजिला गुरुद्वारा धंस गया। गुरुद्वारे का गुबंद भी गिर गया। गुरुद्वारे के भवन के धंसते ही आसपास के बाजार और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। सिख समुदाय के लोगों प्रशासनिक अमले के साथ बचाव कार्य शुरू किया। इसकी जानकारी लगते ही सीपीएस बख्शीश सिंह, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी, करनाल एसपी जेएस रंधावा समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
सीतापुर निवासी युवक की मौत
भवन के मलबे के नीचे दबने से धीरज (40) निवासी छेलिया, सीतापुर यूपी की मौत हो गई। जबकि सेवादार जरनैल सिंह अज्ञैर हरसिमरण सिंह निवासी इंसार बाजार, सरजात अहमद निवासी दिल्ली, अहमद निवासी दिल्ली, कृष्ण निवासी उत्तम नगर दिल्ली, पांच साल का बच्चा लोकेश कुमार, छह साल की मोनिका, माया देवी निवासी वधावाराम कॉलोनी पानीपत और पंकज निवासी खेतिया सीतापुर यूपी, राम शर्मा घायल हो गए। राम शर्मा हादसे के वक्त गुरुद्वारे के पास से गुजर रहा था। घायलों में हरसिमरण को हल्की चोट लगी हैं, जबकि बाकी को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से जरनैल सिंह को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और पंकज को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे के मलबे के नीचे करीब चार और लोगों के दबने की आशंका है। सोमवार देर रात तक बचाव कार्य चलता रहा।
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सबसे पहले ढहा गुंबद का हिस्सा
गुरुद्वारे के पुराने भवन में निर्माण कार्य चल रहा था। करीब चार श्रमिक काम कर रहे थे। सेवादार सेवा की तैयारी में लगे थे। गुरुद्वारे में कुछ लोग आराम करने आए थे। इसी समय गुरुद्वारे की गुबंद का एक हिस्सा बाजार की तरफ गिर गया। इसके बाद गुरुद्वारे की दो मंजिला इमारत और उसके ऊपर का गुंबद धंस गया। यह देखते हुए लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया। रिफाइनरी के दस्ते के आने के बाद बचाव कार्य तेज हुआ।
गुरु गोबिंद सिंह एक रात ठहरे थे गुरुद्वारे
बताया जा रहा है कि गुरु गोबिंद सिंह दिल्ली जाते समय एक रात जीटी रोड स्थित इस गुरुद्वारे में ठहरे थे। इसके बाद ही इसका नाम गुरुद्वारा पहली पातशाही रखा गया। गुरुद्वारे का पुराना भवन करीब पचास साल पुराना है। इसका अगला हिस्सा 1984 के दंगों के बाद बनाया गया था। गुरुद्वारा सिख पंथ में आस्था रखने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही के भवन का बड़ा हिस्सा धंस गया है। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए हैं। करीब चार लोगों की मलबे में दबा होने की सूचना है। गुरुद्वारे के अंदर बचाव कार्य चल रहा है।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
गुरुद्वारा पहली पातशाही का भवन धंसा है। प्राथमिक दृष्टि में सामने आया है कि गुरुद्वारे के भवन के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुद्वारे के धंसने का यही मुख्य कारण लगता है। गुरुद्वारे में बचाव कार्य चल रहा है। इसके बाद मौका मुआयना किया जाएगा और इसके असल कारणों का भी पता लगाया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इन सब कमियों को शहर के बाकी हिस्सों में भी दूर कराया जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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पानीपत। जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुराना दो मंजिला भवन एक साथ धंस गया। इससे पूरा गुरुद्वारा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि सेवादार और दो बच्चों समेत करीब आठ लोग घायल हो गए। मलबे में करीब चार लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गुरुद्वारा धंसने से आसपास की करीब आधा दर्जन दुकान और एक निजी स्कूल की बिल्डिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे का कारण पुराने भवन के अंदर चल रहा निर्माण कार्य बताया जा रहा है। एक्सपर्ट ने बिल्डिंग के धंसने का कारण ओवरवेट बताया है। गुरुद्वारे में रातभर बचाव कार्य चलता रहा।
हादसा सोमवार दोपहर बाद करीब 4:25 बजे हुआ। गुरुद्वारा पहली पातशाही के पुराने भवन में निर्माण चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा धंस गया। कुछ ही मिनटों में दो मंजिला गुरुद्वारा धंस गया। गुरुद्वारे का गुबंद भी गिर गया। गुरुद्वारे के भवन के धंसते ही आसपास के बाजार और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। सिख समुदाय के लोगों प्रशासनिक अमले के साथ बचाव कार्य शुरू किया। इसकी जानकारी लगते ही सीपीएस बख्शीश सिंह, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी, करनाल एसपी जेएस रंधावा समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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सीतापुर निवासी युवक की मौत
भवन के मलबे के नीचे दबने से धीरज (40) निवासी छेलिया, सीतापुर यूपी की मौत हो गई। जबकि सेवादार जरनैल सिंह अज्ञैर हरसिमरण सिंह निवासी इंसार बाजार, सरजात अहमद निवासी दिल्ली, अहमद निवासी दिल्ली, कृष्ण निवासी उत्तम नगर दिल्ली, पांच साल का बच्चा लोकेश कुमार, छह साल की मोनिका, माया देवी निवासी वधावाराम कॉलोनी पानीपत और पंकज निवासी खेतिया सीतापुर यूपी, राम शर्मा घायल हो गए। राम शर्मा हादसे के वक्त गुरुद्वारे के पास से गुजर रहा था। घायलों में हरसिमरण को हल्की चोट लगी हैं, जबकि बाकी को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से जरनैल सिंह को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और पंकज को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे के मलबे के नीचे करीब चार और लोगों के दबने की आशंका है। सोमवार देर रात तक बचाव कार्य चलता रहा।
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सबसे पहले ढहा गुंबद का हिस्सा
गुरुद्वारे के पुराने भवन में निर्माण कार्य चल रहा था। करीब चार श्रमिक काम कर रहे थे। सेवादार सेवा की तैयारी में लगे थे। गुरुद्वारे में कुछ लोग आराम करने आए थे। इसी समय गुरुद्वारे की गुबंद का एक हिस्सा बाजार की तरफ गिर गया। इसके बाद गुरुद्वारे की दो मंजिला इमारत और उसके ऊपर का गुंबद धंस गया। यह देखते हुए लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया। रिफाइनरी के दस्ते के आने के बाद बचाव कार्य तेज हुआ।
गुरु गोबिंद सिंह एक रात ठहरे थे गुरुद्वारे
बताया जा रहा है कि गुरु गोबिंद सिंह दिल्ली जाते समय एक रात जीटी रोड स्थित इस गुरुद्वारे में ठहरे थे। इसके बाद ही इसका नाम गुरुद्वारा पहली पातशाही रखा गया। गुरुद्वारे का पुराना भवन करीब पचास साल पुराना है। इसका अगला हिस्सा 1984 के दंगों के बाद बनाया गया था। गुरुद्वारा सिख पंथ में आस्था रखने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही के भवन का बड़ा हिस्सा धंस गया है। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए हैं। करीब चार लोगों की मलबे में दबा होने की सूचना है। गुरुद्वारे के अंदर बचाव कार्य चल रहा है।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
गुरुद्वारा पहली पातशाही का भवन धंसा है। प्राथमिक दृष्टि में सामने आया है कि गुरुद्वारे के भवन के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुद्वारे के धंसने का यही मुख्य कारण लगता है। गुरुद्वारे में बचाव कार्य चल रहा है। इसके बाद मौका मुआयना किया जाएगा और इसके असल कारणों का भी पता लगाया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इन सब कमियों को शहर के बाकी हिस्सों में भी दूर कराया जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।