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09rtkpnp19183132453.sty
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:16 AM IST
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बारिश : गेहूं की फसल पर आफत, बाकी के लिए राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
जिले में सोमवार की सुबह आसमान से पानी के रूप में कहर बरपा। बारिश होने के कारण जहां खेतों में गेहूं की खेतों से कटाई व थ्रेसिंग का कार्य बंद हो गया। वहीं पानीपत की 12 मंडियों व खरीद सेंटरों पर बिक्री के लिए लाया गया किसानों का विभिन्न एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं भीग गया। हालांकि दोपहर को मौसम खुल गया। लेकिन बारिश के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। कटाई के लिए खेतों में खड़ी गेहूं की फसल का दाना बारिश की बूंदों की चोट से खेत में ही बिखर गया। जबकि हजारों हेक्टेयर फसल बारिश के बाद चली हवा में भूमि पर गिर गई। पानीपत में सोमवार की सुबह करीब 6.10 मिनट पर बारिश शुरू हुई और सुबह आठ बजे तक कभी तेजी तो कभी धीमी वर्षा हुई। हालांकि बारिश गेहूं को छोड़ कर सभी फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी।
जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर भूमि में बिजी गई गेहूं की फसल के लिए बहुत हानिकारक साबित होगी। वहीं प्रकृति ने रविवार की शाम को ही बादल छाने लगे थे। रात गहराने के साथ बादल भी गहराते चले गए और सुबह बारिश ने किसानों को परेशान कर दिया। अनाजमंडी में काफी अनाज बारिश में बह गया। कई आढ़तियों के पास तिरपाल तक नहीं मिला। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने किसानों को सलाह दी कि वे मौसम के पूरी तरह खुलने के बाद ही खेतों से गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग कार्य करें।
पानीपत की 12 मंडियों व खरीद सेंटरों पर बारिश में भीगा गेहूं को सुखाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिन मंडियों व खरीद सेंटरों पर बारिश का पानी जमा है वहां पर पंप की मदद से जल निकासी की जा रही है। दूसरी ओर, जिला पानीपत में सोमवार की सुबह हुई बारिश से पानीपत व समालखा शहरों समेत सभी गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई। बारिश के साथ तेज हवा बहने के कारण कारण जगह जगह बिजली आपूर्ति में फाल्ट आ गया। सुबह करीब सवा छह बजे जिला भर में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। बिजली के साथ ही पेयजल आपूर्ति भी बंद हो गई। स्मरणीय है कि जनस्वास्थ्य विभाग की सभी ट्यूबवेलों बिजली निगम पर निर्भर है। जिला में दोपहर करीब 12 बजे बिजली की आपूर्ति सुचारु हुई। वहीं सुबह के समय बारिश होने से दैनिक जनजीवन बाधित हो गया। बच्चों, टीचरों, नौकरी पेशा लोगों को अपनी ड्यूटी और स्कूल जाने में खासी परेशानी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
जिले में सोमवार की सुबह आसमान से पानी के रूप में कहर बरपा। बारिश होने के कारण जहां खेतों में गेहूं की खेतों से कटाई व थ्रेसिंग का कार्य बंद हो गया। वहीं पानीपत की 12 मंडियों व खरीद सेंटरों पर बिक्री के लिए लाया गया किसानों का विभिन्न एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं भीग गया। हालांकि दोपहर को मौसम खुल गया। लेकिन बारिश के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। कटाई के लिए खेतों में खड़ी गेहूं की फसल का दाना बारिश की बूंदों की चोट से खेत में ही बिखर गया। जबकि हजारों हेक्टेयर फसल बारिश के बाद चली हवा में भूमि पर गिर गई। पानीपत में सोमवार की सुबह करीब 6.10 मिनट पर बारिश शुरू हुई और सुबह आठ बजे तक कभी तेजी तो कभी धीमी वर्षा हुई। हालांकि बारिश गेहूं को छोड़ कर सभी फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी।
जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर भूमि में बिजी गई गेहूं की फसल के लिए बहुत हानिकारक साबित होगी। वहीं प्रकृति ने रविवार की शाम को ही बादल छाने लगे थे। रात गहराने के साथ बादल भी गहराते चले गए और सुबह बारिश ने किसानों को परेशान कर दिया। अनाजमंडी में काफी अनाज बारिश में बह गया। कई आढ़तियों के पास तिरपाल तक नहीं मिला। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने किसानों को सलाह दी कि वे मौसम के पूरी तरह खुलने के बाद ही खेतों से गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग कार्य करें।
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पानीपत की 12 मंडियों व खरीद सेंटरों पर बारिश में भीगा गेहूं को सुखाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिन मंडियों व खरीद सेंटरों पर बारिश का पानी जमा है वहां पर पंप की मदद से जल निकासी की जा रही है। दूसरी ओर, जिला पानीपत में सोमवार की सुबह हुई बारिश से पानीपत व समालखा शहरों समेत सभी गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई। बारिश के साथ तेज हवा बहने के कारण कारण जगह जगह बिजली आपूर्ति में फाल्ट आ गया। सुबह करीब सवा छह बजे जिला भर में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। बिजली के साथ ही पेयजल आपूर्ति भी बंद हो गई। स्मरणीय है कि जनस्वास्थ्य विभाग की सभी ट्यूबवेलों बिजली निगम पर निर्भर है। जिला में दोपहर करीब 12 बजे बिजली की आपूर्ति सुचारु हुई। वहीं सुबह के समय बारिश होने से दैनिक जनजीवन बाधित हो गया। बच्चों, टीचरों, नौकरी पेशा लोगों को अपनी ड्यूटी और स्कूल जाने में खासी परेशानी है।
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