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पहले 23.5 करोड़ में बनाया एस्टीमेट, अब 1.14 में होगा जीर्णोद्धार
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पानीपत। नगर निगम ने आठ माह पहले जिन पार्कों की मरम्मत के लिए 23.5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया था, अब उन्हीं पार्कों का 1.14 करोड़ रुपये में टेंडर लगाए गए हैं। वार्ड के पार्षदों ने मिलकर सीएम से इन एस्टीमेट को रद्द करने के लिए गुहार लगाई थी। इसके बाद सीएम ने इस एस्टीमेट को रद्द कर दिया था। अब निगम ने इन टेंडरों को री-टेंडर कर दिया है। अब नए टेंडर के मुताबिक कम कीमत में पार्कों का विकास कार्य होगा।
अक्तूबर में नगर निगम की तरफ से 19 पार्कों का 23.5 करोड़ रुपये के एस्टीमेट को पास करवाने के लिए सीएम को पत्र भेज दिया था। इसके बाद पार्षदों ने विधायकों पर पार्कों के टेंडर में घोटाला करने का आरोप लगाया और उसे रद्द करवाने के लिए सीएम को पत्र लिखा था। उनका आरोप था कि विधायक रोहिता रेवड़ी के पीए ने टेंडर के एस्टीमेट को तैयार किया। विधायक एवं निगम के अधिकारियों ने मिलकर उसे सीएम के पास भेजा था। सीएम ने उनकी मांग को मानते हुए टेंडर को रद्द करने के साथ-साथ आरोपी को सामने लाने के लिए तकनीक विशेषज्ञ विशाल को बुलाया और उन्हें जांच सौंप दी गई। हालांकि उस जांच में अभी तक कोई भी दोषी सामने नहीं आ पाया है। अब निगम ने उन्हीं पार्कों के टेंडर दोबारा निकाले हैं, जिसकी लागत अब 1.14 करोड़ रुपये ही है। कई माह से चली आ रही समस्या को अब जाकर हल किया जा सका है। इसके साथ ही सड़कों के भी टेंडर निकाले गए हैं, जिनकी लागत 20 से 30 लाख रुपये है। सड़क और पार्क के साथ साथ डीडब्ल्यूसी पाइप भी बिछवाई जाएगी।
तीन माह में पूरे करने हैं 2.34 करोड़ रुपये के कार्य : नगर निगम ने 2.34 करोड़ रुपये के टेंडर निकाल दिए हैं। इनकी समय सीमा तीन माह तक है। तीन माह तक यह काम ठेकेदार को पूरा कर निगम को देने हैं। इन टेंडरों में पार्क, सड़क व पाइपलाइन के विकास कार्य किए जाएंगे। ये वहीं टेंडर हैं जो सीएम द्वारा रद्द कर दिए गए थे, जिन्हें अब कम लागत में दोबारा लगाया गया है।
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इसी घोटाले में कमिश्नर का हुआ था तबादला : पार्कों के घोटाले में कमिश्नर प्रदीप डागर का भी तबादला कर दिया गया था। उनके बाद प्रियंका सोनी को नया कमिश्नर बनाया गया था। सीएम के पास घोटाले की शिकायत जाते ही उन्होंने कमिश्नर का तुरंत तबादला कर दिया था। एस्टीमेट बनाने में घोटाला-मॉडल टाउन वार्ड 19 के निवर्तमान पार्षद लोकेश नांगरू ने बताया कि पार्कों में जरूरत के हिसाब से विकास किया जाए। एस्टीमेट गलत बनाए गए थे। जहां जरूरत 26 लाख रुपये की थी, वहां का एस्टीमेट एक करोड़ से अधिक का बनाया गया था। हीरो पार्क का 20 लाख का एस्टीमेट बना था, जो मंजूर नहीं किया गया। उसके स्थान पर एक करोड़ 07 लाख रुपये का बनाया गया। फ्रेंड्स कॉलोनी पार्क का एस्टीमेट 1.13 करोड़ बनाया गया, जबकि इस पार्क में 25 लाख रुपये भी खर्च नहीं होंगे। जांच टीम में नगर निगम सोनीपत के अधीक्षण अभियंता महीपाल सिंह, एसडीओ निदेशालय पंचकुला और रोहतक निगम के एक्सईएन शामिल रहे। जांच टीम ने माना कि एस्टीमेट ज्यादा रकम के बनाए गए थे।
नगर निगम के अधिकारियों के साथ इसी मामले को लेकर बैठक की है। अधिकारियों ने वीरवार को उन्हें इसी टेंडर की कॉपी भेजी है, जिस पर पार्षद की सहमति से यह टेंडर ठेकेदार को दिए जाएंगे। अगर इस बार भी कोई घोटाला सामने आता है तो वह ठेकेदार के किया जाने वाला भुगतान रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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अक्तूबर में नगर निगम की तरफ से 19 पार्कों का 23.5 करोड़ रुपये के एस्टीमेट को पास करवाने के लिए सीएम को पत्र भेज दिया था। इसके बाद पार्षदों ने विधायकों पर पार्कों के टेंडर में घोटाला करने का आरोप लगाया और उसे रद्द करवाने के लिए सीएम को पत्र लिखा था। उनका आरोप था कि विधायक रोहिता रेवड़ी के पीए ने टेंडर के एस्टीमेट को तैयार किया। विधायक एवं निगम के अधिकारियों ने मिलकर उसे सीएम के पास भेजा था। सीएम ने उनकी मांग को मानते हुए टेंडर को रद्द करने के साथ-साथ आरोपी को सामने लाने के लिए तकनीक विशेषज्ञ विशाल को बुलाया और उन्हें जांच सौंप दी गई। हालांकि उस जांच में अभी तक कोई भी दोषी सामने नहीं आ पाया है। अब निगम ने उन्हीं पार्कों के टेंडर दोबारा निकाले हैं, जिसकी लागत अब 1.14 करोड़ रुपये ही है। कई माह से चली आ रही समस्या को अब जाकर हल किया जा सका है। इसके साथ ही सड़कों के भी टेंडर निकाले गए हैं, जिनकी लागत 20 से 30 लाख रुपये है। सड़क और पार्क के साथ साथ डीडब्ल्यूसी पाइप भी बिछवाई जाएगी।
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तीन माह में पूरे करने हैं 2.34 करोड़ रुपये के कार्य : नगर निगम ने 2.34 करोड़ रुपये के टेंडर निकाल दिए हैं। इनकी समय सीमा तीन माह तक है। तीन माह तक यह काम ठेकेदार को पूरा कर निगम को देने हैं। इन टेंडरों में पार्क, सड़क व पाइपलाइन के विकास कार्य किए जाएंगे। ये वहीं टेंडर हैं जो सीएम द्वारा रद्द कर दिए गए थे, जिन्हें अब कम लागत में दोबारा लगाया गया है।
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इसी घोटाले में कमिश्नर का हुआ था तबादला : पार्कों के घोटाले में कमिश्नर प्रदीप डागर का भी तबादला कर दिया गया था। उनके बाद प्रियंका सोनी को नया कमिश्नर बनाया गया था। सीएम के पास घोटाले की शिकायत जाते ही उन्होंने कमिश्नर का तुरंत तबादला कर दिया था। एस्टीमेट बनाने में घोटाला-मॉडल टाउन वार्ड 19 के निवर्तमान पार्षद लोकेश नांगरू ने बताया कि पार्कों में जरूरत के हिसाब से विकास किया जाए। एस्टीमेट गलत बनाए गए थे। जहां जरूरत 26 लाख रुपये की थी, वहां का एस्टीमेट एक करोड़ से अधिक का बनाया गया था। हीरो पार्क का 20 लाख का एस्टीमेट बना था, जो मंजूर नहीं किया गया। उसके स्थान पर एक करोड़ 07 लाख रुपये का बनाया गया। फ्रेंड्स कॉलोनी पार्क का एस्टीमेट 1.13 करोड़ बनाया गया, जबकि इस पार्क में 25 लाख रुपये भी खर्च नहीं होंगे। जांच टीम में नगर निगम सोनीपत के अधीक्षण अभियंता महीपाल सिंह, एसडीओ निदेशालय पंचकुला और रोहतक निगम के एक्सईएन शामिल रहे। जांच टीम ने माना कि एस्टीमेट ज्यादा रकम के बनाए गए थे।
नगर निगम के अधिकारियों के साथ इसी मामले को लेकर बैठक की है। अधिकारियों ने वीरवार को उन्हें इसी टेंडर की कॉपी भेजी है, जिस पर पार्षद की सहमति से यह टेंडर ठेकेदार को दिए जाएंगे। अगर इस बार भी कोई घोटाला सामने आता है तो वह ठेकेदार के किया जाने वाला भुगतान रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।