फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   लोकायुक्त की जांच में अवैध कब्जों के लिए हुडा के अधिकारी जिम्मेदार, दोनों को किया तलब

लोकायुक्त की जांच में अवैध कब्जों के लिए हुडा के अधिकारी जिम्मेदार, दोनों को किया तलब

Sun, 10 Mar 2019 11:59 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Mar 2019 11:59 PM IST
विज्ञापन
लोकायुक्त की जांच में अवैध कब्जों के लिए हुडा के अधिकारी जिम्मेदार, दोनों को किया तलब
लोकायुक्त की जांच में अवैध कब्जों के लिए हुडा के अधिकारी जिम्मेदार, दोनों को किया तलब
विज्ञापन

पानीपत। हुडा सेक्टर 11 में एक समिति द्वारा हुडा की करोड़ों रूपये की भूमि पर वर्ष 2016 में अवैध कब्जा करके 22 शोरूम बनाने बारे लोकायुक्त रजिस्ट्रार की जांच में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर सहित पानीपत के दो सम्पदा अधिकारी विकास हुडा व दीपक घनघस अवैध कब्जा ना हटवाने व कब्जाधारियों से मिलीभगत का दोषी पाए गए हैं। यह शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने की थी। लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल ने शिकायत व जांच रिपोर्ट पर हुडा के मुख्य प्रशासक व सम्पदा अधिकारियों विकास हुडा व दीपक घनघस से जवाब तलब किया है। केस की सुनवाई नौ अप्रैल को चंडीगढ़ में होगी। स्मरणीय है कि आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने लोकायुक्त को चार जुलाई 2016 को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि माह जनवरी 2016 में हुडा सेक्टर 11 पानीपत में गरीबों के लिए आरक्षित 22 आवासीय प्लाटों पर समिति के दबंग लोगों ने अवैध कब्जा करके 22 शो रूम बना लिए थे। आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक रोहिता रेवड़ी का कथित रूप से संरक्षण प्राप्त होने से हुडा अधिकारियों ने इस अतिक्रमण को नहीं गिराया। तत्कालीन डीसी समीरपाल सरों ने कब्जे गिराने के लिए पुलिस फोर्स को अनुमति नहीं दी। लोकायुक्त को भेजी शिकायत में कपूर ने इन अवैध कब्जों को तत्काल धवस्त करने व कब्जे ना हटवाने के दोषी सभी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की थी। वहीं मुख्य प्रशासक हुडा ने अपनी अंतरिम जांच रिपोर्ट में लोकायुक्त को सूचित किया कि सेक्टर 11 के प्लाट नंबर 516 से 530 के 15 प्लाटों पर जनवरी से मार्च 2016 में अवैध कब्जा करके 22 शोरूम बना दिए। अवैध कब्जों की शिकायत होने पर समिति ने कब्जाई गई भूमि को अलॉट कराने के लिए मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांगपत्र विधायक रोहिता रेवड़ी के माध्यम से सीएम को भिजवाया। इधर, लोकायुक्त रजिस्ट्रार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के दौरान हुडा के मुख्य प्रशासक से इन अवैध कब्जों को गिराने के लिए की गई कार्रवाई बारे बार-बार पूछा गया, लेकिन उन्होंने ना तो कोई सूचना दी और ना ही इस अतिक्रमण को हटवाया। जिससे स्पष्ट है कि वर्ष 2016 से हुडा पानीपत कार्यालय में नियुक्त अधिकारियों की भूमि धर्मार्थ समिति के प्रधान से सांठगांठ थी। क्योंकि इन अवैध कब्जों को हटाने की ड्यूटी हुडा पानीपत के अधिकारियों व मुख्य प्रशासक पंचकूला की थी। इसलिए मुख्य प्रशासक हुडा व वर्ष 2016 से हुडा पानीपत में नियुक्त अधिकारी ड्यूटी से लापरवाही के दोषी हैं। इन सभी के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की लोकायुक्त रजिस्ट्रार ने अपनी जांच रिपोर्ट में लोकायुक्त से सिफारिश की है। लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल ने दोषी पाए गए अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस केस की सुनवाई 9 अप्रैल को चंडीगढ़ में करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed