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बिल्डिंग अधूरी होने के कारण राज्य में ई-उपचार में सबसे पीछे चल रहा सिविल अस्पताल

Sun, 13 May 2018 11:40 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 11:40 PM IST
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बिल्डिंग अधूरी होने के कारण राज्य में ई-उपचार में सबसे पीछे चल रहा सिविल अस्पताल

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संदीप भौरिया
पानीपत। जिले का सिविल अस्पताल बिल्डिंग का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण ई- उपचार सेवा में सबसे पीछे चल रहा है। जबकि राज्य के दूसरे सभी जिलो में ई-उपचार का कार्य जोरों पर है। राज्य के लगभग सभी अस्पतालों में जून-जुलाई तक ई-उपचार सेवा का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जबकि पानीपत के सिविल अस्पताल में जून 2018 के बाद ही ई-उपचार का कार्य शुरू हो पाएगा और अगले साल अगस्त माह तक यह सिरे चढ़ पाएगा। ई-उपचार सेवा के तहत सिविल अस्पताल की दवाईयों का रिकार्ड, एक्स रे अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व एमएलआर ऑन लाइन होनी है। ताकि मरीजों का पूरा डाटा डॉक्टरों के कंप्यूटर में सेव रहे।
सिविल अस्पताल में 30 डॉक्टरों की एमएलआर, ओपीडी रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, एक्स रे व अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को ऑनलाइन करने के लिए अस्पताल में सिर्फ दो ही कंप्यूटर उपलब्ध है। जिस कारण डॉक्टर अपना पूरा डाटा ऑनलाइन नहीं कर पा रहे है। इस कारण अस्पताल प्रशासन ने नई बिल्डिंग चालू होने के बाद ही ई-उपचार सेवा को चालू करने का निर्णय लिया है।
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ऐसे होगा ई-उपचार योजना का फायदा
योजना शुरू होने के बाद सिविल अस्पताल में इलाज करवाने वाले मरीजों को एक्स-रे रिपोर्ट फिल्म शीट पर नहीं मिलेगी, बल्कि सीधे डॉक्टर के पास कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल रिपोर्ट पहुंचेगी। इससे रिपोर्ट संभालने और रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी। एक्स-रे गुम होने पर इलाज न मिल पाने का खतरा नहीं रहेगा। एक्स रे के दौरान फिल्म पर होने वाला खर्चा भी बच सकेगा। साथ ही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को भी इसी तरह प्रक्रिया में लाए जाने का प्रयास है। इस योजना से मरीज और डॉक्टर दोनों को ही लाभ मिलेगा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीज संबंधी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में भी जान सकेंगे। डॉक्टरों को कोर्ट के चक्कर से मुक्त करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी ऑनलाइन की जाएगी। इसके तहत दवाइयां भी ऑनलाइन फीड की जाएगी। कई बार मरीज दवाइयां या रिपोर्ट गुम कर देते हैं। इससे चलाया गया इलाज प्रभावित होता है। योजना के तहत डॉक्टर जैसे ही मरीज का यूनिक कोड कंप्यूटर में डालेंगे तो पता लग जाएगा कि मरीज किस बीमारी का कब से इलाज ले रहा है। साथ ही इस संबंध में टेस्ट कितने और कब हुए हैं। मगर इस सब के बीच सबसे खास बात यह है कि अगर मरीज को किसी कारणवश शहर छोड़ अन्य जिले में जाना पड़े तो वहां भी उसकी मेडिकल हिस्ट्री देखी जा सकती है। ऑनलाइन रिकार्ड से इस समस्या से निजात मिलेगा। ई-उपचार सेवा के तहत सभी सिविल अस्पताल में सभी डॉक्टरों के दफ्तरों में कंप्यूटर लगाए जाएंगे व इन्हें इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसका अब विस्तार किया जा रहा है।
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बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। एक माह तक बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, इसके बाद अस्पताल का पूरा काम ऑनलाइन हो जाएगा।
डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।

बिल्डिंग अधूरी होने के कारण राज्य में ई-उपचार में सबसे पीछे चल रहा सिविल अस्पताल
अस्पताल की बिल्डिंग चालू होने के बाद ही होगी ई-उपचार सेवा शुरू
स्क्रीन पर ही देख सकेंगे डॉक्टर एक्स-रे
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दवाइयों और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट होगी ऑनलाइन
दवाइयां और पोस्टमार्टम का रिकार्ड भी होगा ऑनलाइन
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