औद्योगिक नगरी की सड़कें हो रही खून से लाल, लापरवाही में बढ़ रहे सड़क हादसे

Rohtak Bureau Updated Wed, 14 Feb 2018 12:09 AM IST
सड़क हादसों में प्रदेश में पानीपत का सातवां स्थान, 2017 में जिले में हुए 583 सड़क हादसों में गई 303 लोगों की जान
पानीपत।
औद्योगिक नगरी में वाहन चालकों की ओर से यातायात के नियमों का पालन न करने व अनसेफ ड्राइविंग के कारण जिले में सड़क हादसों का ग्राफ दिन प्रतिदिन चढ़ रहा है। हर रोज शहर की सड़कें खून से लाल हो रही हैं। लेकिन लोग ट्रैफिक नियमों पर ध्यान देने की बजाए, जल्दी के चक्कर में हादसों को न्योता दे रहे हैं।
प्रदेश के सड़क हादसों पर गौर किया जाए तो 2017 में 11,258 सड़क हादसे हुए थे। इनमें 5,120 लोगों की जान चली गई थी और 10,339 लोग घायल हुए थे। प्रदेश के सड़क हादसों में देखा जाए तो पानीपत जिले का सातवां स्थान है। जिले में 2017 में 583 सड़क हादसे हुए, जिनमें 303 लोगों की जान गई। इन हादसों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों की हैं। इन हादसों का मुख्य कारण जागरूकता का अभाव है। लोग हेलमेट सिर पर लगाने की बजाए हाथ में लेकर चलते हैं। असल कारण है कि लोग हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए पहनते हैं। यहीं नहीं जब दोपहिया वाहन चालक पुलिस के नाके को क्रॉस कर लेते हैं तो दोबारा से हेलमेट हाथ में आ जाता है। इसके अलावा पुलिस की सख्ताई होने पर महिलाएं हेलमेट लेकर चलती हैं, लेकिन अधिकतर महिलाएं हेलमेट सिर पर लगाने की बजाए स्कूटी की डिग्गी में रखती हैं। जिसकी कीमत हादसा होने के बाद पता चलती है। ऐसी छोटी-छोटी लापरवाही के कारण ही लोगों की जान जा रही है।
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ये हैं सड़क हादसों के मुख्य कारण
- यातायात के नियमों का पालन न करना।
- वाहन चालकों में जागरूकता का अभाव।
- जीटी रोड, स्टेट हाईवे व अन्य मार्गों पर बने अवैध कट।
- वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर न होना।
- सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे ओवरलोड वाहन।
- जीटी रोड व सड़क किनारे अधूरे पड़े निर्माण कार्यों के कारण।
- यातायात प्रबंधन के लिए पुख्ता पुलिस बल की तैनाती न होना।
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ओवरस्पीड़ दौड़ते हैं ट्रक और ट्रॉले
जीटी रोड व शहर की मुख्य सड़कों पर रात को ट्रक व ट्रॉले ओवरस्पीड़ में चलते हैं। मुख्य सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण वाहनों की आमने-सामने की टक्कर हो जाती है। ओवरस्पीड के कारण ट्रक व ट्रॉला चालक किसी दूसरे वाहन की ओर कोई ध्यान नहीं देते, क्योंकि रात को लगभग सभी ट्रक चालक नशा कर ट्रक चलाते हैं। वहीं ओवरस्पीड के साथ ओवरलोड वाहन भी लोगों की जान ले रहे हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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दो साल में जिले में हुए सड़क हादसे
वर्ष : दुर्घटना के मामले दर्ज : दुर्घटना में लोगो की मौत : दुर्घटना में हुए घायल
2016 : 566 : 292 : 501
2017 : 583 : 303 : 512
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गुरुग्राम में हुए सबसे ज्यादा सड़क हादसे
प्रदेशभर में 2016 में 11 हजार 234 सड़क हादसे हुए थे। इनमें 5 हजार 24 लोगों की जान गई थी और 10 हजार 531 लोग घायल हुए थे। इसी प्रकार 2017 में 11 हजार 258 सड़क हादसे हुए, जिनमें 5 हजार 120 लोगों की जान गई व 10 हजार 339 लोग घायल हुए। प्रदेश में सबसे ज्यादा सड़क हादसे गुरुग्राम में हुए। जिनकी संख्या 1213 है। इन हादसों में 461 लोगों की मौत हुई है। जोकि सबसे ज्यादा है। सड़क हादसे में पानीपत जिला सातवें स्थान पर है। जबकि पानीपत जिला सड़क हादसे में हुई लोगों की मौत के मामले में चौथे स्थान पर है। जबकि पंचकूला में सबसे कम सड़क हादसे हुए हैं।
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वर्जन
यातायात के नियमों को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वाहन चेकिंग अभियान के दौरान भी वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए समाज को भी आगे आना चाहिए।
संजय कुमार, आईजी, ट्रैफिक एंड हाईवे।

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