फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   15 percent of the chest and 20 percent of asthma patients increased, the OPD of the eyes also crossed 200

स्वास्थ्य पर प्रदूषण का प्रभाव-

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 02:12 AM IST
विज्ञापन
15 percent of the chest and 20 percent of asthma patients increased, the OPD of the eyes also crossed 200
पानीपत। हवा के दबाव के कारण धुआं व धूल स्मॉग का रूप ले रहे हैं। सुबह शाम पड़ने वाली स्मॉग स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रही है। दमा रोगियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। नेत्र और छाती के रोगी भी एकाएक बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में दमा और छाती रोगियों की ओपीडी 60 से अधिक हो रही है। यह ओपीडी पहले 25-30 थी। वायरल बुखार की ओपीडी भी 300 पार हो चुकी है। स्मॉग से एलर्जी के रोगी भी बढ़ रहे हैं। आंखों में जलन के साथ एलर्जी हो रही है। ऐसे में हर रोज 20-35 मरीज आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में इस वक्त सभी प्रकार की ओपीडी 10 हजार से अधिक हो चुकी है। डॉक्टरों की लोगों को सलाह है कि सुबह व शाम सैर करने से बचें। मास्क का प्रयोग करें। रविवार को फैक्टरियां बंद होने व जाम कम होने के बाद भी एक्यूआई 195 दर्ज किया गया। ये भी स्वास्थ्य के लिए खराब माना जाता है। स्मॉग हार्ट, टीबी व किडनी के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है।
विज्ञापन

स्मॉग का गर्भवतियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरनाक है। स्मॉग ज्यादा होने से प्री-मेच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने गर्भवतियों को सलाह दी है कि वे अधिकतर समय घर पर ही बिताएं। जरूरी काम या डॉक्टरों से परामर्श के लिए ही घर से निकलें।
विज्ञापन

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन दो बार एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को शहर में सड़कों व पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अब तक उनके निर्देशों पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। इसलिए शहर की सड़कों पर धूल उड़ रही है और स्मॉग बन रहा है। यही स्मॉग दमा के रोगियों की संख्या बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्मॉग और मौसम बदलाव से 30 प्रतिशत मरीज बढ़े : डॉ. त्यागी
सिविल अस्पताल के कंसल्टेंट डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि पहले ओपीडी 250 तक रहती थी। अब 300 पार हो चुकी है। 20 प्रतिशत दमा 30 प्रतिशत छाती के रोगी बढ़ गए हैं। टीबी और हार्ट के रोगियों के लिए परेशानी बढ़ रही है। वायरल फीवर की ओपीडी भी बढ़ गई है। लोगों को सलाह है कि वे अधिकतर समय घरों में बिताएं। सुबह शाम की सैर से परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed