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चार सर्जन समेत 15 डॉक्टर संक्रमित, बंद हुई गैरजरूरी सर्जरी
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पानीपत। जिले में कोरोना संक्रमण की दर रफ्तार पकड़ रही है। तीसरी लहर में 15 सरकारी डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। मंगलवार और बुधवार को छह सरकारी डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। सिविल अस्पताल के दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए, जबकि एक डेंटल सर्जन एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। ऐसे में, स्वास्थ्य विभाग ने सभी गैर जरूरी सर्जरी पर रोक लगा दी है।
सरकार के अगले निर्देशों तक सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद, हड्डियों और दांतों की सर्जरी बंद रहेगी, क्योंकि सर्जरी करने से डॉक्टरों सीधे तौर पर मरीजों के संपर्क में आते हैं और उनका संक्रमित होने का भय अधिक रहता है। कोरोना के कारण पिछले दो सालों में सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद की महज 150 ही सर्जरी हुई है। मरीजों को सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इस बारे में सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि गैरजरूरी सर्जरी को फिलहाल रोका गया है। गर्भवतियों में सर्जरी की आवश्यकता पर रोक नहीं है। सर्जरी के दौरान डॉक्टर सीधा मरीज के संपर्क में आते हैं, इसलिए टाली जा सकने वाली सर्जरी बंद की गई हैं।
लापरवाही : रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर भी अस्पताल में घूमते दिखे डॉक्टर
सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमित कुछ डॉक्टरों की लापरवाही भी सामने आई। मंगलवार सुबह ही नेत्र रोग विशेषज्ञ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। बावजूद इसके वह अपने कक्ष में ही बैठे रहे और डॉक्टरों से बातचीत जारी रही। इसके बाद चार डॉक्टरों समेत नौ स्वास्थ्य कर्मचारियों की आरटीपीसीआर जांच हुई। इसमें तीन डॉक्टर कोरोना संक्रमित मिले। इनमें दूसरी नेत्र रोग विशेषज्ञ भी शामिल है।
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तीन स्वास्थ्य केंद्रों के इंचार्ज संक्रमित
सिविल अस्पताल के अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। समालखा अस्पताल, नौल्था सामुदायिक केंद्र व काबड़ी पीएचसी की इंचार्ज की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है।
ईएनटी, मनोरोगियों एवं नेत्र रोगियों को नहीं मिला इलाज
बुधवार को ईएनटी स्पेशलिस्ट ने अपनी कोविड जांच कराई है, इसलिए वह आइसोलेट हैं। मनोरोग विशेषज्ञ बुधवार को छुट्टी पर थी, जबकि दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए इन तीनों विभागों के मरीजों को बुधवार को इलाज नहीं मिला।
मरीज नहीं लगाते मास्क, इसलिए डॉक्टर हो रहे संक्रमित
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम टूटते हैं। मरीज बिन मास्क लगाए ही डॉक्टरों के कक्ष में घुस जाते हैं। मरीजों के सीधा संपर्क में आने से डॉक्टर संक्रमित हो रहे हैं।
तीनों लहर में 64 डॉक्टर हुए संक्रमित
कोरोना की तीनों लहर में अब तक जिले के 64 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। सिविल सर्जन व पीएमओ भी संक्रमित हो चुके है। 33 सरकारी डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
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सरकार के अगले निर्देशों तक सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद, हड्डियों और दांतों की सर्जरी बंद रहेगी, क्योंकि सर्जरी करने से डॉक्टरों सीधे तौर पर मरीजों के संपर्क में आते हैं और उनका संक्रमित होने का भय अधिक रहता है। कोरोना के कारण पिछले दो सालों में सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद की महज 150 ही सर्जरी हुई है। मरीजों को सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इस बारे में सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि गैरजरूरी सर्जरी को फिलहाल रोका गया है। गर्भवतियों में सर्जरी की आवश्यकता पर रोक नहीं है। सर्जरी के दौरान डॉक्टर सीधा मरीज के संपर्क में आते हैं, इसलिए टाली जा सकने वाली सर्जरी बंद की गई हैं।
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लापरवाही : रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर भी अस्पताल में घूमते दिखे डॉक्टर
सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमित कुछ डॉक्टरों की लापरवाही भी सामने आई। मंगलवार सुबह ही नेत्र रोग विशेषज्ञ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। बावजूद इसके वह अपने कक्ष में ही बैठे रहे और डॉक्टरों से बातचीत जारी रही। इसके बाद चार डॉक्टरों समेत नौ स्वास्थ्य कर्मचारियों की आरटीपीसीआर जांच हुई। इसमें तीन डॉक्टर कोरोना संक्रमित मिले। इनमें दूसरी नेत्र रोग विशेषज्ञ भी शामिल है।
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तीन स्वास्थ्य केंद्रों के इंचार्ज संक्रमित
सिविल अस्पताल के अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। समालखा अस्पताल, नौल्था सामुदायिक केंद्र व काबड़ी पीएचसी की इंचार्ज की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है।
ईएनटी, मनोरोगियों एवं नेत्र रोगियों को नहीं मिला इलाज
बुधवार को ईएनटी स्पेशलिस्ट ने अपनी कोविड जांच कराई है, इसलिए वह आइसोलेट हैं। मनोरोग विशेषज्ञ बुधवार को छुट्टी पर थी, जबकि दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए इन तीनों विभागों के मरीजों को बुधवार को इलाज नहीं मिला।
मरीज नहीं लगाते मास्क, इसलिए डॉक्टर हो रहे संक्रमित
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम टूटते हैं। मरीज बिन मास्क लगाए ही डॉक्टरों के कक्ष में घुस जाते हैं। मरीजों के सीधा संपर्क में आने से डॉक्टर संक्रमित हो रहे हैं।
तीनों लहर में 64 डॉक्टर हुए संक्रमित
कोरोना की तीनों लहर में अब तक जिले के 64 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। सिविल सर्जन व पीएमओ भी संक्रमित हो चुके है। 33 सरकारी डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।