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14 माह बाद हुई बैठक, कोई रोया तो किसी ने दलालों के नाम गिनाए
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:22 AM IST
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पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर की सरकार की 14 माह बाद बैठक हुई। सदन में नगर निगम के ईओ समेत कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कांग्रेस समर्थित ही नहीं भाजपा पार्षदों ने भी अधिकारियों पर जनहित के कामों को लटकाने के आरोप लगाए। किसी पार्षद ने सदन में हंगामा किया तो किसी ने रो-रोकर अपना दुखड़ा रोया। पार्षदों ने कमिश्नर के उनके फोन न उठाने की निंदा की। बैठक में पार्षदों ने नगर निगम में काम करने वाले तीन दलालों के नाम तक उजागर किए। करीब साढ़े तीन घंटे चले सदन में कई बार हंगामा हुआ। एक बार नक्शे की एक फाइल को लेकर पार्षद हरीश शर्मा और एक अधिकारी में बहस तक हो गई। इस पर हरीश शर्मा ने फाइल को सदन में पटक दिया। एक शहरवासी ने भी सदन में आकर हंगामा किया। करीब साढ़े तीन घंटे चले सदन में 20 प्रस्तावित मुद्दों में से तीन को ड्रॉप कर दिया गया जबकि अन्य पर सहमति बनी। नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार और दलालों पर अंकुश लगाने के साथ जांच का आश्वासन दिया।
नगर निगम हाउस की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल स्थित हाल में हुई। इसकी अध्यक्ष मेयर सुरेश वर्मा और संचालन नगर निगम कमिश्नर वीना हुड्डा ने किया। बैठक में 24 में से 21 पार्षद पहुंचे। इस बार डिप्टी मेयर सीमा पाहवा, भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट और वार्ड-15 पार्षद सुरेंद्र गर्ग बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक तीन बजे शुरू हुई। सबसे पहले प्रस्तावित 20 मुद्दों को रखा। लगभग सभी मुद्दों पर पार्षदों से सहमति बनी। बैठक शाम करीब साढ़े छह बजे तक चली। वार्ड-23 पार्षद शीला देवी ने अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए। कहा कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते। वह विकास न होने पर सदन में ही रोने लगीं। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आगे ऐसी शिकायत उनके पास न आए। अन्य पार्षदों के प्रयास के बाद शीला देवी चुप हुईं।
हाउस में ये रखे मुद्दे
1. नगर निगम क्षेत्र में पुराने विकास कार्यों में पीएलसी टाइल की जगह पहले प्रयोग की जाने वाली टाइल लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इसे सदन ने सहमति से पास कर दिया।
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2. सभी वार्डों में कॉलोनी के नाम से साइन बोर्ड लगाए जाएं। पार्षदों ने इसके लिए समय निर्धारित करने की मांग करते हुए सदन में पुन: मंजूरी दी।
3. नगर निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों के पद स्वीकृत करने का प्रस्ताव पास हो गया।
4. नगर निगम क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक वार्ड में सभी कॉलोनियों के घरों के मकान नंबर लगाए जाएं। इस मुद्दे के साथ हाउस टैक्स का भी मुद्दा उठा। सदन में हाउस टैक्स के सर्वे के साथ ही मकानों को नंबर देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात रखी। इसे समय निर्धारित करने की शर्त के साथ मंजूर कर दिया गया।
5. नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में बनने वाली प्रत्येक गली में मुहूर्त के समय संबंधित पार्षद का नाम उद्घाटन पत्थर पर लगाया जाए।
6. शहर के प्रत्येक वार्ड में सौ-सौ स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। क्षेत्र के पार्षदों की मंजूरी के बाद ही स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं।
7. मेयर की गाड़ी कंडम हो चुकी है। मेयर के लिए इनोवा गाड़ी खरीदी जाए। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम के पास पर्याप्त बजट न होने के चलते अगली बैठक में इस मुद्दे को रखने की बात कही। सभी पार्षदों ने इसको ड्रॉप कर दिया।
8. शहर की सभी दिशाओं में प्रवेशद्वार पर वेलकम बोर्ड लगाए जाएं। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी केवल प्रस्ताव बना रहे हैं। अधिकारियों ने जल्द ही बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षदों ने इसे मंजूर कर दिया।
9. सभी वार्डों में हाउस टैक्स का सर्वे दोबारा किया जाए।
10. प्रत्येक वार्ड में विकास शुल्क बैठक का खास मुद्दा रहा। सदन में इसको लेकर सौ गज तक 25 रुपये और इससे ऊपर पचास रुपये करने की बात रखी। पार्षदों ने कहा कि बाहरी कॉलोनियों की रजिस्ट्री खोली जाएं और इस चार्ज को रजिस्ट्री के वक्त ही लिया जाए। पार्षदों ने फीस प्रति वर्ग गज 125 रुपये निर्धारित करने का प्रस्ताव पास किया।
11. नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। सदन ने कुछ हंगामे के बाद इसको मंजूरी दे दी।
12. सभी वार्डों में टावर और एलईडी लाइट पार्षदों की सहमति से लगाई जाएं। पार्षद की मंजूरी के बाद ही ठेकेदार को पेमेंट किया जाए। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
13. नगर निगम में डीसी रेट पर निर्धारित दरों पर लगाए अस्थाई सफाई कर्मियों को वेतन के रूप में भुगतान किया जाए। यह मसला सरकार के स्तर पर होने के चलते ड्रॉप कर दिया गया।
14. नगर निगम के सभी वार्डों में आवारा पशुओं और बंदरों को पकड़ने के टेंडर जारी किए जाएंगे। कई पार्षदों ने इस पर चिंता जताई और इसके ई-टेंडर की बजाय मेनुअल टेंडर जारी किए जाएं।
15. नगर निगम सीमा में बनने वाले सामुदायिक केंद्र और शौचालय पर क्षेत्र के पार्षद के नाम सहित उद्घाटन पत्थर लगाया जाएं। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
16.प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों के किए गए टेंडरों के वर्क ऑर्डर लगाए जाएं। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
17. नगर निगम में लगे भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ठेकेदार प्रथा से डीसीरेट पर परिवर्तित किया जाए। यह मामला भी सरकार के स्तर पर होने के चलते छोड़ दिया गया।
18. नगर निगम के सभी वार्डों में गली और नाली की रिपेयरिंग के टेंडर लगाए जाएं। पार्षदों ने इस पर हंगामा किया और ठेकेदार पर मनमर्जी के आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि ठेकेदार नालों पर स्लैब ही रखते हैं। वे मरम्मत करने से साफ इनकार कर देते हैं। कमिश्नर ने एक्सईएन को पूरा मामला देखने के आदेश दिए।
19. प्रधानमंत्री डिजिटलाइजेशन नीति को बढ़ाने के लिए पार्षदों को वाई फाई प्रोसेसर वाले लैपटॉप के साथ ब्रांडबैंड सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सभी ने इसका समर्थन किया।
20. नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेवेन्यू रास्ते टेंडर कर बनाए जाएं। इसका सभी पार्षदों ने समर्थन दिया।
सभी पार्षदों के मुद्दों पर भी बनाई सहमति
नगर निगम हाउस की बैठक में 20 प्रस्तावित मुद्दों पर चर्चा होने के बाद हर पार्षद के प्रस्ताव को रखा। इस पर सदन ने सहमति जताई। कई पार्षदों ने इस दौरान हंगामा भी किया। अधिकारियों पर काम न करने के आरोप लगाए। बैठक में मरम्मत के कार्यों में ठेकेदार की मनमर्जी और कई ठेकेदारों के काम लेने के बाद काम न करने का भी आरोप लगाया। निगम कमिश्नर ने काम न करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
भ्रष्टाचार और कार्यों में अनदेखी पर हंगामा
हाउस की बैठक शांति से शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में पार्षदों के तेवर बदल गए। तीन घंटे के कई बार हंगामा हुआ। कांग्रेस समर्थित ही नहीं भाजपा पार्षदों ने भी पूरे काम पर सवाल उठाए। भाजपा पार्षद अशोक कटारिया और अशोक नारंग ने कहा कि शहर में काम नहीं हो रहे। बैठक में हाउस टैक्स के सर्वे पर हंगामा हुआ। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने इस पर चिंता व्यक्त की। इसके बाद भाजपा पार्षद भी मैदान में उतर आए। पार्षद हरीश शर्मा और लोकेश नांगरू ने अधिकारियों पर मनमर्जी से नक्शे पास करने के आरोप लगाए। अधिकारियों ने पिछली कमियों को दूर कर नए सिरे से सर्व कराने का फैसला लिया। पहले वाले ठेकेदार का भुगतान रोकने का आश्वासन दिया।
मकान और बिल्डिंगों के नक्शों पर सबसे ज्यादा हंगामा
हाउस की बैठक में सबसे बड़ा हंगामा मकान और बिल्डिंगों के नक्शों पर हुआ। वार्ड-पांच पार्षद जयकुंवार बिंदल ने आरोप लगाया कि नगर निगम में पार्षदों की सुनवाई नहीं है। निगम में तीन दलाल सारे काम कराते हैं। आरोप लगाया कि निगम के ईओ की मिलीभगत है। अनिल, हैप्पी और रिंकू पर नगर निगम में दलाली करने के आरोप लगाए। भाजपा पार्षद लोकेश नांगरू ने भी इसको सही ठहराया। पार्षद हरीश शर्मा और एक अधिकारी के बीच बहस हो गई। पार्षद हरीश शर्मा ने बिल्डिंग के नक्शे की फाइल सदन के बीच फर्श पर पटक दी। इसके बाद एक कर्मी ने उसे उठाया। इसी बीच दलाली में नाम आने पर दो युवक अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाने वाले पार्षद जयकुंवार बिंदल पर ही उल्टे आरोप लगाए। रिंकू ने सदन में ही इसके पर्चे बांट दिए। इसके बाद पुलिस की मदद से इनको बाहर निकाला गया। पार्षद जयकुंवार बिंदल ने ऐसे व्यक्ति पर पुलिस कार्रवाई की मांग की। डीएसपी शहर आत्माराम ने उनके बयान दर्ज किए। नगर निगम कमिश्नर ने इस मामले को लेकर पूरे सदन का उनके साथ रहने का भरोसा दिया।
मेयर बोले, सब जानता हूं
मेयर सुरेश वर्मा बोले मैं सब जानता हूं, लेकिन मैं कुछ एक्शन लूंगा तो पार्षद ही मेरा साथ छोड़ देंगे। पार्षद मेरा साथ दें तो मैं दलालों को निगम की सीढ़ियों तक नहीं आने दूं। पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि वार्डों में पर्याप्त सफाईकर्मी नहीं आते। वार्डों की बजाय अधिकारियों के घरों में ज्यादा सफाईकर्मी हैं।
पार्षद पति बैठक में साथ खड़े रहे
हाउस की बैठक में वार्ड-13 पार्षद सुधा अग्रवाल अपने मांग रखने पहुंची तो उनके पति रामरत्न अग्रवाल भी साथ खड़े हो गए। पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन पार्षद पति माइक पकड़े खड़े रहे। उन्होंने ही सभी जवाब दिए। वार्ड-20 पार्षद सुखविंद्र कौर अपने वार्ड का प्रस्ताव रखने लगी तो पार्षद पति बलजीत सिंह भी साथ चले गए। वार्ड-छह पार्षद संजीता ने अपने वार्ड के प्रस्ताव रखे तो पीछे से पार्षद पति संजीव ने भी अपनी बात रखी। वार्ड-दो पार्षद कमलेश मजोका ने अपने वार्ड के प्रस्ताव रखे। उनके ससुर मदनलाल मजोका ने कई बार सदन में खड़े होकर अपनी समस्याएं रखीं।
वर्जन
नगर निगम हाउस की बैठक में करीब 100 मुद्दों पर सहमति बनी है। इन सबको मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। निगम पार्षदों ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोप लगाए हैं। मेरे पास इनकी कोई लिखित शिकायत आती है तो मैं इसमें सख्त कार्रवाई करुंगी।
वीना हुड्डा, कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।
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पानीपत। शहर की सरकार की 14 माह बाद बैठक हुई। सदन में नगर निगम के ईओ समेत कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कांग्रेस समर्थित ही नहीं भाजपा पार्षदों ने भी अधिकारियों पर जनहित के कामों को लटकाने के आरोप लगाए। किसी पार्षद ने सदन में हंगामा किया तो किसी ने रो-रोकर अपना दुखड़ा रोया। पार्षदों ने कमिश्नर के उनके फोन न उठाने की निंदा की। बैठक में पार्षदों ने नगर निगम में काम करने वाले तीन दलालों के नाम तक उजागर किए। करीब साढ़े तीन घंटे चले सदन में कई बार हंगामा हुआ। एक बार नक्शे की एक फाइल को लेकर पार्षद हरीश शर्मा और एक अधिकारी में बहस तक हो गई। इस पर हरीश शर्मा ने फाइल को सदन में पटक दिया। एक शहरवासी ने भी सदन में आकर हंगामा किया। करीब साढ़े तीन घंटे चले सदन में 20 प्रस्तावित मुद्दों में से तीन को ड्रॉप कर दिया गया जबकि अन्य पर सहमति बनी। नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार और दलालों पर अंकुश लगाने के साथ जांच का आश्वासन दिया।
नगर निगम हाउस की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल स्थित हाल में हुई। इसकी अध्यक्ष मेयर सुरेश वर्मा और संचालन नगर निगम कमिश्नर वीना हुड्डा ने किया। बैठक में 24 में से 21 पार्षद पहुंचे। इस बार डिप्टी मेयर सीमा पाहवा, भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट और वार्ड-15 पार्षद सुरेंद्र गर्ग बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक तीन बजे शुरू हुई। सबसे पहले प्रस्तावित 20 मुद्दों को रखा। लगभग सभी मुद्दों पर पार्षदों से सहमति बनी। बैठक शाम करीब साढ़े छह बजे तक चली। वार्ड-23 पार्षद शीला देवी ने अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए। कहा कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते। वह विकास न होने पर सदन में ही रोने लगीं। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आगे ऐसी शिकायत उनके पास न आए। अन्य पार्षदों के प्रयास के बाद शीला देवी चुप हुईं।
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हाउस में ये रखे मुद्दे
1. नगर निगम क्षेत्र में पुराने विकास कार्यों में पीएलसी टाइल की जगह पहले प्रयोग की जाने वाली टाइल लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इसे सदन ने सहमति से पास कर दिया।
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2. सभी वार्डों में कॉलोनी के नाम से साइन बोर्ड लगाए जाएं। पार्षदों ने इसके लिए समय निर्धारित करने की मांग करते हुए सदन में पुन: मंजूरी दी।
3. नगर निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों के पद स्वीकृत करने का प्रस्ताव पास हो गया।
4. नगर निगम क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक वार्ड में सभी कॉलोनियों के घरों के मकान नंबर लगाए जाएं। इस मुद्दे के साथ हाउस टैक्स का भी मुद्दा उठा। सदन में हाउस टैक्स के सर्वे के साथ ही मकानों को नंबर देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात रखी। इसे समय निर्धारित करने की शर्त के साथ मंजूर कर दिया गया।
5. नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में बनने वाली प्रत्येक गली में मुहूर्त के समय संबंधित पार्षद का नाम उद्घाटन पत्थर पर लगाया जाए।
6. शहर के प्रत्येक वार्ड में सौ-सौ स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। क्षेत्र के पार्षदों की मंजूरी के बाद ही स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं।
7. मेयर की गाड़ी कंडम हो चुकी है। मेयर के लिए इनोवा गाड़ी खरीदी जाए। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम के पास पर्याप्त बजट न होने के चलते अगली बैठक में इस मुद्दे को रखने की बात कही। सभी पार्षदों ने इसको ड्रॉप कर दिया।
8. शहर की सभी दिशाओं में प्रवेशद्वार पर वेलकम बोर्ड लगाए जाएं। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी केवल प्रस्ताव बना रहे हैं। अधिकारियों ने जल्द ही बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षदों ने इसे मंजूर कर दिया।
9. सभी वार्डों में हाउस टैक्स का सर्वे दोबारा किया जाए।
10. प्रत्येक वार्ड में विकास शुल्क बैठक का खास मुद्दा रहा। सदन में इसको लेकर सौ गज तक 25 रुपये और इससे ऊपर पचास रुपये करने की बात रखी। पार्षदों ने कहा कि बाहरी कॉलोनियों की रजिस्ट्री खोली जाएं और इस चार्ज को रजिस्ट्री के वक्त ही लिया जाए। पार्षदों ने फीस प्रति वर्ग गज 125 रुपये निर्धारित करने का प्रस्ताव पास किया।
11. नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। सदन ने कुछ हंगामे के बाद इसको मंजूरी दे दी।
12. सभी वार्डों में टावर और एलईडी लाइट पार्षदों की सहमति से लगाई जाएं। पार्षद की मंजूरी के बाद ही ठेकेदार को पेमेंट किया जाए। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
13. नगर निगम में डीसी रेट पर निर्धारित दरों पर लगाए अस्थाई सफाई कर्मियों को वेतन के रूप में भुगतान किया जाए। यह मसला सरकार के स्तर पर होने के चलते ड्रॉप कर दिया गया।
14. नगर निगम के सभी वार्डों में आवारा पशुओं और बंदरों को पकड़ने के टेंडर जारी किए जाएंगे। कई पार्षदों ने इस पर चिंता जताई और इसके ई-टेंडर की बजाय मेनुअल टेंडर जारी किए जाएं।
15. नगर निगम सीमा में बनने वाले सामुदायिक केंद्र और शौचालय पर क्षेत्र के पार्षद के नाम सहित उद्घाटन पत्थर लगाया जाएं। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
16.प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों के किए गए टेंडरों के वर्क ऑर्डर लगाए जाएं। सभी पार्षदों ने इस पर सहमति जताई।
17. नगर निगम में लगे भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ठेकेदार प्रथा से डीसीरेट पर परिवर्तित किया जाए। यह मामला भी सरकार के स्तर पर होने के चलते छोड़ दिया गया।
18. नगर निगम के सभी वार्डों में गली और नाली की रिपेयरिंग के टेंडर लगाए जाएं। पार्षदों ने इस पर हंगामा किया और ठेकेदार पर मनमर्जी के आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि ठेकेदार नालों पर स्लैब ही रखते हैं। वे मरम्मत करने से साफ इनकार कर देते हैं। कमिश्नर ने एक्सईएन को पूरा मामला देखने के आदेश दिए।
19. प्रधानमंत्री डिजिटलाइजेशन नीति को बढ़ाने के लिए पार्षदों को वाई फाई प्रोसेसर वाले लैपटॉप के साथ ब्रांडबैंड सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सभी ने इसका समर्थन किया।
20. नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेवेन्यू रास्ते टेंडर कर बनाए जाएं। इसका सभी पार्षदों ने समर्थन दिया।
सभी पार्षदों के मुद्दों पर भी बनाई सहमति
नगर निगम हाउस की बैठक में 20 प्रस्तावित मुद्दों पर चर्चा होने के बाद हर पार्षद के प्रस्ताव को रखा। इस पर सदन ने सहमति जताई। कई पार्षदों ने इस दौरान हंगामा भी किया। अधिकारियों पर काम न करने के आरोप लगाए। बैठक में मरम्मत के कार्यों में ठेकेदार की मनमर्जी और कई ठेकेदारों के काम लेने के बाद काम न करने का भी आरोप लगाया। निगम कमिश्नर ने काम न करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
भ्रष्टाचार और कार्यों में अनदेखी पर हंगामा
हाउस की बैठक शांति से शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में पार्षदों के तेवर बदल गए। तीन घंटे के कई बार हंगामा हुआ। कांग्रेस समर्थित ही नहीं भाजपा पार्षदों ने भी पूरे काम पर सवाल उठाए। भाजपा पार्षद अशोक कटारिया और अशोक नारंग ने कहा कि शहर में काम नहीं हो रहे। बैठक में हाउस टैक्स के सर्वे पर हंगामा हुआ। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने इस पर चिंता व्यक्त की। इसके बाद भाजपा पार्षद भी मैदान में उतर आए। पार्षद हरीश शर्मा और लोकेश नांगरू ने अधिकारियों पर मनमर्जी से नक्शे पास करने के आरोप लगाए। अधिकारियों ने पिछली कमियों को दूर कर नए सिरे से सर्व कराने का फैसला लिया। पहले वाले ठेकेदार का भुगतान रोकने का आश्वासन दिया।
मकान और बिल्डिंगों के नक्शों पर सबसे ज्यादा हंगामा
हाउस की बैठक में सबसे बड़ा हंगामा मकान और बिल्डिंगों के नक्शों पर हुआ। वार्ड-पांच पार्षद जयकुंवार बिंदल ने आरोप लगाया कि नगर निगम में पार्षदों की सुनवाई नहीं है। निगम में तीन दलाल सारे काम कराते हैं। आरोप लगाया कि निगम के ईओ की मिलीभगत है। अनिल, हैप्पी और रिंकू पर नगर निगम में दलाली करने के आरोप लगाए। भाजपा पार्षद लोकेश नांगरू ने भी इसको सही ठहराया। पार्षद हरीश शर्मा और एक अधिकारी के बीच बहस हो गई। पार्षद हरीश शर्मा ने बिल्डिंग के नक्शे की फाइल सदन के बीच फर्श पर पटक दी। इसके बाद एक कर्मी ने उसे उठाया। इसी बीच दलाली में नाम आने पर दो युवक अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाने वाले पार्षद जयकुंवार बिंदल पर ही उल्टे आरोप लगाए। रिंकू ने सदन में ही इसके पर्चे बांट दिए। इसके बाद पुलिस की मदद से इनको बाहर निकाला गया। पार्षद जयकुंवार बिंदल ने ऐसे व्यक्ति पर पुलिस कार्रवाई की मांग की। डीएसपी शहर आत्माराम ने उनके बयान दर्ज किए। नगर निगम कमिश्नर ने इस मामले को लेकर पूरे सदन का उनके साथ रहने का भरोसा दिया।
मेयर बोले, सब जानता हूं
मेयर सुरेश वर्मा बोले मैं सब जानता हूं, लेकिन मैं कुछ एक्शन लूंगा तो पार्षद ही मेरा साथ छोड़ देंगे। पार्षद मेरा साथ दें तो मैं दलालों को निगम की सीढ़ियों तक नहीं आने दूं। पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि वार्डों में पर्याप्त सफाईकर्मी नहीं आते। वार्डों की बजाय अधिकारियों के घरों में ज्यादा सफाईकर्मी हैं।
पार्षद पति बैठक में साथ खड़े रहे
हाउस की बैठक में वार्ड-13 पार्षद सुधा अग्रवाल अपने मांग रखने पहुंची तो उनके पति रामरत्न अग्रवाल भी साथ खड़े हो गए। पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन पार्षद पति माइक पकड़े खड़े रहे। उन्होंने ही सभी जवाब दिए। वार्ड-20 पार्षद सुखविंद्र कौर अपने वार्ड का प्रस्ताव रखने लगी तो पार्षद पति बलजीत सिंह भी साथ चले गए। वार्ड-छह पार्षद संजीता ने अपने वार्ड के प्रस्ताव रखे तो पीछे से पार्षद पति संजीव ने भी अपनी बात रखी। वार्ड-दो पार्षद कमलेश मजोका ने अपने वार्ड के प्रस्ताव रखे। उनके ससुर मदनलाल मजोका ने कई बार सदन में खड़े होकर अपनी समस्याएं रखीं।
वर्जन
नगर निगम हाउस की बैठक में करीब 100 मुद्दों पर सहमति बनी है। इन सबको मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। निगम पार्षदों ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोप लगाए हैं। मेरे पास इनकी कोई लिखित शिकायत आती है तो मैं इसमें सख्त कार्रवाई करुंगी।
वीना हुड्डा, कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।