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खाद की काला बाजारी व तस्करी पर लगेगी रोक

Thu, 21 Dec 2017 01:09 AM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:09 AM IST
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खाद की काला बाजारी व तस्करी पर लगेगी रोक
अब खाद की बिक्री के लिए भी ‘आधार’, कुछ रिटेलर को ऑपरेट करने में आ रही दिक्कत
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अमर उजाला ब्यूूरो
पानीपत। अब पानीपत में भी आधार की मदद से ही खाद की बिक्री की जाएगी। इससे बिक्री भी शुरू हो गई है और खाद की सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में जा रही है। इसके लिए जिले के सभी 270 दुकानदारों (रिटेलर्स) को पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से जोड़ा जा चुका है, हालांकि कुछ रिटेलर्स को जानकारी न होने पर पीओएस मशीन ऑपरेट करने में कुछ दिक्कत आ रही है। कृषि विभाग ने पीओएस सिस्टम को ब्लैक मार्केटिंग रोकने वाला बताया है।
जिले में रबी के सीजन में इस बार 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। किसानों ने गेहूं की अगैती फसल में पहला पानी दे दिया है और कुछ एरिया में यूरिया खाद भी दे दिया गया है। वहीं पछैती फसल में आने वाले समय में पहला पानी दिया जाएगा। विभाग के अनुसार इस बार अनुमानत: 25,900 एमटी यूरिया खाद की जरूरत है। कृषि विभाग के मुताबिक, यूरिया खाद की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए इस बार प्वाइंट ऑफ सेल से खाद बिक्री शुरू किया गया है। इसके तहत किसानों को आधार कार्ड दिखाने पर ही खाद दिया जाएगा और खाद की सब्सिडी उसके खाते में जाएगी। जिले में कुल 270 पंजीकृत खाद एवं बीज भंडार की दुकान हैं और इनमें सभी दुकान पीओएस मशीन लगवा ली हैं।
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खाद की तस्करी पर भी लगेगी रोक
ऑनलाइन खाद की खरीद होने से खाद की तस्करी पर रोक लगेगी। रिटेलर पीओएस मशीन द्वारा जिले के ही किसानों को खाद दिया जाएगा। पहले किसी भी जिले का किसान और साथ लगते उत्तर-प्रदेेश तक के किसान सब्सिडी वाली खाद खरीद कर ले जाते थे और सीधा नुकसान जिले के किसानों को होता था। वहीं रिटेेलर दुकानदार भी अधिकारियों के साथ साठ-गांठ कर खाद को कई बार पहले ही बेच देते थेे। अब पीओएस मशीन में पहले किसान को अंगूठा लगाना होगा, उसके बाद ही उसे खाद मिलेगा, वहीं एक किसान के बार-बार थोड़े समय में खाद लेने पर भी रोक लगेगी।
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यूरिया को आधार से जोड़ने से कई रिटेलर परेशान
सब्जी मंडी में स्थित कृष्ण खाद एवं बीज भंडार संचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि अब किसानों को पीओएस मशीन के द्वारा खाद दी जा रही है। पहले किसान का आधार-कार्ड देखा जाता है और उसके बाद किसान का पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाया जाता है। उसका अंगूठा लगने के तुरंत बाद किसान के जरूरत के अनुुसार मशीन में खाद के कट्टो की संख्या भरी जाती है और उसके बाद एक पर्ची मशीन से निकल कर सामने आती है, जिस पर कुल कट्टो की संख्या व मूल्य लिखा होता है। पर्ची देखने के बाद किसान दुकानदार का भुगतान कर देता है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें अब तक पीओएस मशीन को चलाने की पूूरी जानकारी नहीं है और वे ऑफलाइन किसानों को खाद बेचते थेे, अब ऑनलाइन खाद बेचनी पड़ रही है। दुकानदारों को पीओएस की पूूरी जानकारी देने के लिए खाद कंपनियों को सेमिनार का आयोजन करना चाहिए, ताकि दुकानदार इस मशीन से पूरी तरह से अवगत हो सकें।
किसान बोले मिल रहा है यूरिया
किसान इस बार रबी के सीजन में पर्याप्त खाद मिलने से राहत में हैं। गढ़ी भल्लौर निवासी इंद्र सिंह ने बताया कि पीओएस मशीन से बिक्री का सिस्टम लागू होने के बाद खाद लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। खाद की खरीद की लिमिट है, लेकिन आसानी से खाद मिल रहा है। पहले खाद लेने में परेशानी उठानी पड़ती थी। पूठर गांव निवासी कुलदीप ने बताया कि खाद लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। उसकी सब्सिडी भी सीधे बैंक खाते में आ रही है।

वर्जन
जिले में रबी के चालू सीजन में यूरिया खाद की किसी तरह की किल्लत नहीं है। किसानों को आधार कार्ड के बाद ही यूरिया दिया जाता है। खाद की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में जा रही है। जिले के सभी 270 दुकानदारों ने इस सिस्टम को अपना लिया है। इससे ब्लैक मार्केटिंग भी बंद हुई है।
डॉ. सुनील मान, एसडीए, कृषि विभाग, पानीपत।
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