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कंगारू मदर केयर यूनिट से बचेगी नवजातों की जान, स्पेशल गाउन से बढ़ेगा मां का बच्चे से लगाव

Sat, 04 May 2019 12:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 12:58 AM IST
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कंगारू मदर केयर यूनिट से बचेगी नवजातों की जान, स्पेशल गाउन से बढ़ेगा मां का बच्चे से लगाव
पानीपत। नवजातों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में कंगारू मदर केयर यूनिट को स्वीकृति दी है। महिलाओं को अपने बच्चों को कंगारू की तरह बच्चे को अपने सीने से लगाकर तापमान देना, अपना दूध पिलाना सिखाया जाएगा। महिलाओं को स्पेशल गाउन दिया जाएगा। इससे बच्चों में मां के प्रति लगाव बढ़ेगा। कंगारू पद्घति से बच्चे को तापमान मिलेगा और उसकी जान बचाई जाएगी। सही प्रकार से नवजात को तापमान दिए जाने से पानीपत में हर माह दो बच्चों की मौत हो जाती है। सरकार ने केएमसी (कंगारू मदर केयर यूनिट) के लिए सवा तीन लाख रुपए पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। अब बाल रोग विभाग की इंचार्ज डॉ. निहारिका ने हाल में कंगारू मदर केयर यूनिट के लिए संसाधनों की डिमांड भेजी है। जून माह तक कंगारू मदर केयर यूनिट के शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले पंचकुला, अंबाला व फरीदाबाद में ये यूनिट शुरू हो चुकी है।
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एसएनसीयू वार्ड इंचार्ज डॉ. निहारिका कोहली ने बताया केएमसी में उन नवजातों को दाखिल किया जाता है, जिनका एसएनसीयू वार्ड से इलाज पूरा हो चुका होता है। जिन बच्चों का वजन 2 किग्रा से कम होता है और वह ग्रोथ नहीं कर पाते। डॉक्टर उस यूनिट में मां बच्चे दोनों को कम से कम 3 से 4 दिन रखते हैं। महिला को एक स्पेशल गाउन दिया जाता है। नवजात को मां की त्वचा के साथ लगाया जाता है। ताकि बच्चे को मां से तापमान मिल सके। बच्चे के रोने के बाद उसे मां का ही दूध पिलाया जाता है। इससे बच्चा जल्द ग्रोथ करता है और मां बच्चे का लगाव भी बढ़ता है।
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ये सुविधाएं मिलेंगी, 4 जिलों में शुरू होगी केएमसी यूनिट
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर एसएनसीयू वार्ड के पास ही कंगारू मदर केयर यूनिट बनाई जाएगी। एसएनसीयू वार्ड में सी पैप, डबल सरफेस फोटो थेरेपी लगाई जाएगी। केएमसी में 10 बेड होंगे। दो बेड बढ़ाने के लिए जगह रखी जाएगी जिसमें चार स्टाफ नर्स काम करेंगी। स्पेशल बेड, स्पेशल बेड लॉकर और महिलाओं के लिए खास तौर पर बनी कुर्सियां मंगवाई जाएंगी। इन पर बैठकर ही महिलाएं अपने बच्चों को तापमान देंगी और दूध पिलाएंगी। 50 प्रतिशत बच्चे सामान्य से कम वजन के जन्म लेते हैं। इधर, केएमसी यूनिट के निर्माण के लिए पानीपत, चरखीदादरी, कैथल मेवात को चुना गया है। पंचकुला, अंबाला, फरीदाबाद व यमुनानगर में यह यूनिट पहले ही शुरू हुई है। जबकि खानपुर मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा पहले से है। पानीपत में इस यूनिट के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं में काफी इजाफा होगा।
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नवजात की जान बचेगी: डॉ. जैन
केएमसी यूनिट से स्वास्थ्य सेवाओं में काफी इजाफा होगा। नवजातों की जान बचेगी। इसके लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल पानीपत
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