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स्टाफ ने डिलिवरी के बाद लिए 1 हजार रुपये, परिजनों ने किया हंगामा
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पानीपत। सिविल अस्पताल के लेबर वार्ड में डिलिवरी के बाद वहां के स्टाफ का बधाई के रूप में पैसे लेने का धंधा जारी है। आए दिन वार्ड से ऐसे मामले सामने आते हैं। मंगलवार को भी लेबर वार्ड में कार्यरत महिला स्टाफ ने एक महिला के पति से बधाई के नाम पर एक हजार रुपये ले लिए। इसके बाद दूसरी महिला कर्मचारियों ने भी पैसे मांगे। इससे महिला के परिजनों ने वार्ड में हंगामा किया। बाद में स्टाफ ने माफी मांगी। इसके बाद मामला शांत हुआ।
हुआ यूं कि पुनीता पत्नी नरेश निवासी संजय कॉलोनी सोमवार सुबह डिलिवरी के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल हुई थी। मंगलवार सुबह पुनीता ने बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद लेबर वार्ड में कार्यरत कर्मचारी आशा वर्कर के पास पहुंच गई और कहा कि उन्हें महिला के परिजनों से बधाई दिलाए। आशा वर्कर ने एक महिला कर्मचारी को नरेश से एक हजार रुपये दिलवा दिए। इसके कुछ समय पर बाद दूसरी महिला कर्मचारी भी नरेश के पास पहुंच गई और कहा कि उन्हें भी पैसे दें। इस पर परिजनों ने महिला स्टाफ पर आरोप लगाए। परिजनों ने कहा कि जो लोग इन्हें पैसे दे देते है उसी मरीज की ये सही प्रकार से देखभाल करती है। अगर कोई इन्हें पैसे ना दे तो ये दुर्व्यवहार करती है। उन्होंने बधाई के एक हजार रुपये दे दिए थे। इसके बाद भी उनको बार बार पैसों के लिए परेशान किया। इसके बाद स्टाफ ने परिजनों से माफी मांगी। लोगों ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान का कहना है कि वो एमएस से इस बारे में बात करेंगे। वहां पर सख्ती बरती जाएगी। मामले की जांच में जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
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हुआ यूं कि पुनीता पत्नी नरेश निवासी संजय कॉलोनी सोमवार सुबह डिलिवरी के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल हुई थी। मंगलवार सुबह पुनीता ने बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद लेबर वार्ड में कार्यरत कर्मचारी आशा वर्कर के पास पहुंच गई और कहा कि उन्हें महिला के परिजनों से बधाई दिलाए। आशा वर्कर ने एक महिला कर्मचारी को नरेश से एक हजार रुपये दिलवा दिए। इसके कुछ समय पर बाद दूसरी महिला कर्मचारी भी नरेश के पास पहुंच गई और कहा कि उन्हें भी पैसे दें। इस पर परिजनों ने महिला स्टाफ पर आरोप लगाए। परिजनों ने कहा कि जो लोग इन्हें पैसे दे देते है उसी मरीज की ये सही प्रकार से देखभाल करती है। अगर कोई इन्हें पैसे ना दे तो ये दुर्व्यवहार करती है। उन्होंने बधाई के एक हजार रुपये दे दिए थे। इसके बाद भी उनको बार बार पैसों के लिए परेशान किया। इसके बाद स्टाफ ने परिजनों से माफी मांगी। लोगों ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान का कहना है कि वो एमएस से इस बारे में बात करेंगे। वहां पर सख्ती बरती जाएगी। मामले की जांच में जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
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