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अप्रैल माह तक सिविल अस्पताल में मिलेगी ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर, एमआरआई व डायलिसिस की सुविधा
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अप्रैल माह तक सिविल अस्पताल में मिलेगी ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर, एमआरआई व डायलिसिस की सुविधा
पानीपत।
जिले के अस्पताल के बनने के 50 साल बाद अब मुख्य स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिलेगी। अप्रैल माह तक लोगों को सिविल अस्पताल में डायलिसिस, ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर व एमआरआई सुविधाएं मिलेगी। ब्लड बैंक नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब डायलिसिस, ट्रामा सेंटर व एमआरआई शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जनवरी माह के अंत तक डायलिसिस शुरू होने की संभावनाएं हैं। अगर ये सुविधाएं सिविल अस्पताल में जल्द शुरू होती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। ट्रामा सेंटर व आईसीयू के अभाव में यहां से 80 प्रतिशत मरीज खानपुर मेडिकल रेफर कर दिए जाते हैं।
ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक व आईसीयू ना होने के कारण एक साल में इतने मरीज हुए रेफर:
मरीजों को रेफर करना बड़ा कारण डॉक्टरों की कमी भी बना हुआ है। इस साल 1033 मरीजों को सड़क हादसे के बाद सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, इनमें से 187 मरीजों को मामूली चोट के कारण छुट्टी की गई तो वहीं 846 घायलों को रेफर करना पड़ा। वहीं इस साल 7974 गर्भवती महिलाएं को सिविल अस्पताल लाया गया तो इनमें से करीब 1350 गर्भवती महिलाओं को रेफर किया गया।
सिविल अस्पताल में इन मशीनों की बहुत कमी
सिविल अस्पताल की बिल्डिंग बनाने पर सरकार ने करीब 42 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। लेकिन लाखों रुपए की एक अल्ट्रासाउंड मशीन तक नहीं दे रही। बिल्डिंग बनने से पहले स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वेंटीलेटर, एनआरसी सेंटर, ई-उपचार, मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट एलाइजा टेस्ट करने वाली मशीन की काफी कमी है।
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15 जनवरी तक नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगा ऑपरेशन थियेटर:
फिलहाल पुरानी बिल्डिंग में ही ऑपरेशन थियेटर चल रहा है। इसको शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। नई बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर बनाया जा रहा है। ये ऑपरेशन थियेटर मॉडर्न बनाए गए हैं।
12 डॉक्टर देख रहे ओपीडी
साल दर साल डॉक्टरों की संख्या घट रही है। इस साल में तीन डॉक्टरों का यहां से तबादला तो एक को सस्पेंड किया जा चुका है। तो करीब 9 डॉक्टर छुट्टी पर चल रहे हैं। सिविल अस्पताल की डेली की ओपीडी औसतन 700 से 800 होती है और इन्हें मात्र 12 डॉक्टर ही संभाल रहे है। अस्पताल में कई माह से फिजिशियन की नियुक्ति नहीं है। 14 सितंबर को सरकार द्वारा जारी लिस्ट में सोनीपत से डॉ. योगेश को आना था, लेकिन दो दिन बाद ही लिस्ट रद्द हो गई।
जल्द अस्पताल में सुविधाएं मिलनी शुरू होगी: डॉ. पोरिया
15 जनवरी तक अस्पताल की नई बिल्डिंग में ऑपरेशन थियेटर शुरू हो जाएगा। ब्लड बैंक, डायलिसिस व एमआरआई की प्रोसेस भी चल रही है। अप्रैल माह तक ये सुविधाएं भी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अस्पताल में मशीनों की कमी है।
डॉ. अमित पोरिया, इंचार्ज सिविल अस्पताल बिल्डिंग
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पानीपत।
जिले के अस्पताल के बनने के 50 साल बाद अब मुख्य स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिलेगी। अप्रैल माह तक लोगों को सिविल अस्पताल में डायलिसिस, ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर व एमआरआई सुविधाएं मिलेगी। ब्लड बैंक नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब डायलिसिस, ट्रामा सेंटर व एमआरआई शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जनवरी माह के अंत तक डायलिसिस शुरू होने की संभावनाएं हैं। अगर ये सुविधाएं सिविल अस्पताल में जल्द शुरू होती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। ट्रामा सेंटर व आईसीयू के अभाव में यहां से 80 प्रतिशत मरीज खानपुर मेडिकल रेफर कर दिए जाते हैं।
ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक व आईसीयू ना होने के कारण एक साल में इतने मरीज हुए रेफर:
मरीजों को रेफर करना बड़ा कारण डॉक्टरों की कमी भी बना हुआ है। इस साल 1033 मरीजों को सड़क हादसे के बाद सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, इनमें से 187 मरीजों को मामूली चोट के कारण छुट्टी की गई तो वहीं 846 घायलों को रेफर करना पड़ा। वहीं इस साल 7974 गर्भवती महिलाएं को सिविल अस्पताल लाया गया तो इनमें से करीब 1350 गर्भवती महिलाओं को रेफर किया गया।
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सिविल अस्पताल में इन मशीनों की बहुत कमी
सिविल अस्पताल की बिल्डिंग बनाने पर सरकार ने करीब 42 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। लेकिन लाखों रुपए की एक अल्ट्रासाउंड मशीन तक नहीं दे रही। बिल्डिंग बनने से पहले स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वेंटीलेटर, एनआरसी सेंटर, ई-उपचार, मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट एलाइजा टेस्ट करने वाली मशीन की काफी कमी है।
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15 जनवरी तक नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगा ऑपरेशन थियेटर:
फिलहाल पुरानी बिल्डिंग में ही ऑपरेशन थियेटर चल रहा है। इसको शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। नई बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर बनाया जा रहा है। ये ऑपरेशन थियेटर मॉडर्न बनाए गए हैं।
12 डॉक्टर देख रहे ओपीडी
साल दर साल डॉक्टरों की संख्या घट रही है। इस साल में तीन डॉक्टरों का यहां से तबादला तो एक को सस्पेंड किया जा चुका है। तो करीब 9 डॉक्टर छुट्टी पर चल रहे हैं। सिविल अस्पताल की डेली की ओपीडी औसतन 700 से 800 होती है और इन्हें मात्र 12 डॉक्टर ही संभाल रहे है। अस्पताल में कई माह से फिजिशियन की नियुक्ति नहीं है। 14 सितंबर को सरकार द्वारा जारी लिस्ट में सोनीपत से डॉ. योगेश को आना था, लेकिन दो दिन बाद ही लिस्ट रद्द हो गई।
जल्द अस्पताल में सुविधाएं मिलनी शुरू होगी: डॉ. पोरिया
15 जनवरी तक अस्पताल की नई बिल्डिंग में ऑपरेशन थियेटर शुरू हो जाएगा। ब्लड बैंक, डायलिसिस व एमआरआई की प्रोसेस भी चल रही है। अप्रैल माह तक ये सुविधाएं भी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अस्पताल में मशीनों की कमी है।
डॉ. अमित पोरिया, इंचार्ज सिविल अस्पताल बिल्डिंग