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बकरी के दूध की कीमत, किवी और कच्चे नारियल की मांग बढ़ी
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:15 AM IST
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डेंगू की मार : बकरी का दूध 12 सौ रुपये लीटर पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा।
शहरी व ग्रामीण आंचल में बढ़ते बुखार के प्रकोप ने इस बार फिर से बकरी के दूध की कीमत में उछाल ला दिया है। वहीं किवी और कच्चे नारियल की मांग भी बढ़ गई है। दूसरी तरफ अस्पतालों में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। इनमें डेंगू के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है। शहर में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नपा ने फॉगिंग के लिए दवा मंगवा दी है।
डेंगू व वायरल बुखार के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं और निजी व सरकारी अस्पताल में जांच करवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डेंगू का खौफ इतना बढ़ गया है कि वायरल बुखार होने पर भी लोग निजी लैब से डेंगू के टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। जिसका फायदा उठाते हुए प्राईवेट लैब वाले निर्धारित फीस से अधिक वसूल कर चांदी काट रहे हैं और ये सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल में डाक्टर निजी अस्पताल की रिपोर्ट को मान्य नहीं कर रहे हैं।
1200 रुपये लीटर में बिक रहा बकरी का दूध
डेंगू बुखार में कुछ चिकित्सकों द्वारा बकरी का दूध फायदेमंद बताया जा रहा है। जिसके चलते हर बार की तरह बुखार के इस मौसम में बकरी के दूध की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है और ये एक हजार से बारह सौ रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कई लैब के बाहर तो दूध बेचने के लिए लोग पहले से ही मरीजों का इंतजार कर रहे होते हैं और वे उन्हें बकरी वाले के पास भेजकर अपना भी कमीशन बना रहे हैं।
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किवी व कच्चे नारियल की मांग बढ़ी
डेंगू बुखार में डाक्टर द्वार पेय अधिक लेने की सलाह दी जाती है। यही कारण है कि किवी व कच्चे नारियल की मांग भी बढ़ गई है। किवी प्रति पीस चालीस से पचास रुपये में बिक रहा है तो नारियल के दाम भी चालीस से बढ़कर पचास रुपये हो गए हैं।
नगरपालिका चेयरपर्सन निधि मित्तल ने बताया कि शहर में पहले से ही हर गली-मोहल्ले में फॉगिंग करवाई जा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए इमरजेंसी में और दवा मंगवाई गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा।
शहरी व ग्रामीण आंचल में बढ़ते बुखार के प्रकोप ने इस बार फिर से बकरी के दूध की कीमत में उछाल ला दिया है। वहीं किवी और कच्चे नारियल की मांग भी बढ़ गई है। दूसरी तरफ अस्पतालों में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। इनमें डेंगू के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक है। शहर में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नपा ने फॉगिंग के लिए दवा मंगवा दी है।
डेंगू व वायरल बुखार के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं और निजी व सरकारी अस्पताल में जांच करवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डेंगू का खौफ इतना बढ़ गया है कि वायरल बुखार होने पर भी लोग निजी लैब से डेंगू के टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। जिसका फायदा उठाते हुए प्राईवेट लैब वाले निर्धारित फीस से अधिक वसूल कर चांदी काट रहे हैं और ये सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल में डाक्टर निजी अस्पताल की रिपोर्ट को मान्य नहीं कर रहे हैं।
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1200 रुपये लीटर में बिक रहा बकरी का दूध
डेंगू बुखार में कुछ चिकित्सकों द्वारा बकरी का दूध फायदेमंद बताया जा रहा है। जिसके चलते हर बार की तरह बुखार के इस मौसम में बकरी के दूध की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है और ये एक हजार से बारह सौ रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कई लैब के बाहर तो दूध बेचने के लिए लोग पहले से ही मरीजों का इंतजार कर रहे होते हैं और वे उन्हें बकरी वाले के पास भेजकर अपना भी कमीशन बना रहे हैं।
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किवी व कच्चे नारियल की मांग बढ़ी
डेंगू बुखार में डाक्टर द्वार पेय अधिक लेने की सलाह दी जाती है। यही कारण है कि किवी व कच्चे नारियल की मांग भी बढ़ गई है। किवी प्रति पीस चालीस से पचास रुपये में बिक रहा है तो नारियल के दाम भी चालीस से बढ़कर पचास रुपये हो गए हैं।
नगरपालिका चेयरपर्सन निधि मित्तल ने बताया कि शहर में पहले से ही हर गली-मोहल्ले में फॉगिंग करवाई जा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए इमरजेंसी में और दवा मंगवाई गई है।