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मंडी में नहीं हो रही बाजारे की खरीद, कंपनी व तहसील को नहीं जानकारी के क्षेत्र में कितने एकड़ है बाजरे की फसल
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:10 AM IST
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मंडी में बाजरा छोड़ पटवारी से वेरिफाई फर्द लेने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा किसान मंडी में नहीं हो रही बाजरे की खरीद, कंपनी और तहसील को नहीं जानकारी के क्षेत्र में कितने एकड़ है बाजरे की फसल
फोटो संख्या :-1
अमर उजाला ब्यूरो
इसराना। बिना तैयारी और पूरी जानकारी के अभाव में बाजरे की खरीद सरकारी एजेंसियों के लिए गले की फांस बनी हुई है। बाजरा मंडी में पहुंच गया लेकिन मार्केट कमेटी अधिकारियों के साथ खरीद एजेंसियों के पास अभी तक क्षेत्र में उगाई गई बाजरे का न तो सही ब्योरा है व ना ही कोई रिपोर्ट। आढ़ती की दुकान के सामने बाजरा पड़ा है खरीद एजेंसियों के अधिकारी दुकान के अंदर इस चर्चा में समगुल रहे कि कैसे की जाए खरीद। दूसरी मंडियों में संपर्क साध कर बाजरा खरीद की गाइड लाइन पूछ रहे हैं। बाजरा लेकर आया किसान अपनी फसल मंडी में छोड़ पटवारी से वैरीफाई फर्द लेने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है। इसराना मंडी में आई बाजरे की फसल नहीं बिक पाई।
इसराना मंडी में बाजरे की फसल लेकर आए किसान सुरजीत वासी बुआना लाखु का कहना है कि वह अपनी बाजरे की फसल लेकर इसराना मंड़ी में आया हुआ था। आते ही उसे कहा गया कि तहसील जाओ व पटवारी से वेरिफाई फर्द लेकर आओ तभी बाजरा बिकेगा। वह तहसील कार्यालय गया लेकिन संबंधित अधिकारी ना होने पर उसे फर्द नहीं मिल पाई। उसे बाजरे की रखवाली के लिए मंडी में ही रात काटनी पड़ी। तहसील में जाने पर बताया गया कि बुआना लाखु में अभी बाजरे का सर्वे नहीं किया गया। किसान सुरजीत का कहना है कि सरकार व खरीद एजेंसियों की अधुरी तैयारी से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जब तक खरीद नहीं हो जाती तब तक उसे मंडी में बाजरे के पास ही रहना पड़ेगा।
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किस के पास है बाजरा रजिस्ट्रेशन का पूरा रिकार्ड नहीं मिल रहा जवाब।
इसराना ब्लाक में कितने एकड़ में बाजरे की फसल है, कितने एकड़ का रजिस्ट्रेशन हुआ है, सर्वे किसने किया है या नहीं किया इसकी रिपोर्ट पर मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आए। अगर कृषि विभाग की माने तो उक्त आंकड़ा ×42 एकड़ का हो सकता है। विभाग का कहना है कि सही जानकारी तहसील कार्यालय से मिल सकती है।
सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर रणधीर सिंह ने बताया कि किसान मंडी में बाजरा लेकर आए तो अपने साथ तहसील कार्यालय से वेरिफाई फर्द, आधार कार्ड, बैंक खाते की कापी व रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट लेकर आए। एक किसान का एक एकड़ से आठ क्विंटल बाजरा ही खरीदा जाएगा।
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फोटो संख्या :-1
अमर उजाला ब्यूरो
इसराना। बिना तैयारी और पूरी जानकारी के अभाव में बाजरे की खरीद सरकारी एजेंसियों के लिए गले की फांस बनी हुई है। बाजरा मंडी में पहुंच गया लेकिन मार्केट कमेटी अधिकारियों के साथ खरीद एजेंसियों के पास अभी तक क्षेत्र में उगाई गई बाजरे का न तो सही ब्योरा है व ना ही कोई रिपोर्ट। आढ़ती की दुकान के सामने बाजरा पड़ा है खरीद एजेंसियों के अधिकारी दुकान के अंदर इस चर्चा में समगुल रहे कि कैसे की जाए खरीद। दूसरी मंडियों में संपर्क साध कर बाजरा खरीद की गाइड लाइन पूछ रहे हैं। बाजरा लेकर आया किसान अपनी फसल मंडी में छोड़ पटवारी से वैरीफाई फर्द लेने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है। इसराना मंडी में आई बाजरे की फसल नहीं बिक पाई।
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इसराना मंडी में बाजरे की फसल लेकर आए किसान सुरजीत वासी बुआना लाखु का कहना है कि वह अपनी बाजरे की फसल लेकर इसराना मंड़ी में आया हुआ था। आते ही उसे कहा गया कि तहसील जाओ व पटवारी से वेरिफाई फर्द लेकर आओ तभी बाजरा बिकेगा। वह तहसील कार्यालय गया लेकिन संबंधित अधिकारी ना होने पर उसे फर्द नहीं मिल पाई। उसे बाजरे की रखवाली के लिए मंडी में ही रात काटनी पड़ी। तहसील में जाने पर बताया गया कि बुआना लाखु में अभी बाजरे का सर्वे नहीं किया गया। किसान सुरजीत का कहना है कि सरकार व खरीद एजेंसियों की अधुरी तैयारी से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जब तक खरीद नहीं हो जाती तब तक उसे मंडी में बाजरे के पास ही रहना पड़ेगा।
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किस के पास है बाजरा रजिस्ट्रेशन का पूरा रिकार्ड नहीं मिल रहा जवाब।
इसराना ब्लाक में कितने एकड़ में बाजरे की फसल है, कितने एकड़ का रजिस्ट्रेशन हुआ है, सर्वे किसने किया है या नहीं किया इसकी रिपोर्ट पर मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आए। अगर कृषि विभाग की माने तो उक्त आंकड़ा ×42 एकड़ का हो सकता है। विभाग का कहना है कि सही जानकारी तहसील कार्यालय से मिल सकती है।
सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर रणधीर सिंह ने बताया कि किसान मंडी में बाजरा लेकर आए तो अपने साथ तहसील कार्यालय से वेरिफाई फर्द, आधार कार्ड, बैंक खाते की कापी व रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट लेकर आए। एक किसान का एक एकड़ से आठ क्विंटल बाजरा ही खरीदा जाएगा।