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मेयर सुरेश वर्मा के भाई के डिपो पर दो थानों की पुलिस ने 5 घंटे तक की कार्रवाई, जांच में डिपो में मिला 11 क्विटंल गेंहू अधिक
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:17 AM IST
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मेयर के भाई और चाचा के डिपो पर छापा, एक जगह 22 कट्टे अधिक तो दूसरी जगह 22 क ट्टे कम मिला गेहूं
- खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर ने गेहूं के कट्टों सहित गोदाम के मॉल की विभाग को लिखित में दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा के भाई के डिपो पर शनिवार देर रात दो थानों की पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर व कंडक्टर को भी हिरासत में ले लिया था। पांच घंटे की लंबी जांच में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर ने डिपो में कम-ज्यादा गेहूं होने की बात कही। इसके बाद इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी। किला थाना पुलिस का कहना है कि विभाग द्वारा रिपोर्ट थाने में आ जाने पर मामले में संज्ञान लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस व विभाग इंस्पेक्टर ने पांच में से दो डिपो के गेहूं की जांच के लिए मंगलवार का समय लिया है। इसके बाद ही पांचों डिपो की रिपोर्ट विभाग को पेश की जाएगी।
दलबीर नगर स्थित मेयर सुरेश वर्मा के भाई आजाद वर्मा व डाबर कॉलोनी स्थित चाचा राजबीर के डिपो पर ट्रक से उतर रहे गेहूं पर थाना चांदनीबाग व किला थाना पुलिस ने छापेमारी की। चांदनीबाग एसएचओ सुरेश सैनी व किला थाना पुलिस एसएचओ बलवान सिंह ने भारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची व ट्रक से उतार रहे गेहूं को रुकवाया। मौके पर पूरे घटनाक्रम की पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी भी की गई। मौके पर ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भी सूचित किया गया। विभाग के इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे व पूरे माल के बिल चेक किए। इसके बाद बिल के आधार पर डिपो में रखे गेहूं के कट्टे गिने गिए। इसमें 22 कट्टों की गड़बड़ी मिली। मेयर के घर में बने दो डिपो में आजाद वर्मा के डिपो में गेहूं के 22 कट्टे ज्यादा मिले। जबकि दूसरे राजबीर के डिपो में 22 कट्टे कम मिले। इसके बाद मेयर के भाई जगदीश कॉलोनी स्थित दलबीर के डिपो में रखे माल की जांच की गई। इसमें तीन कट्टे ज्यादा मिले। इसी जांच में रात 11 बजे से अलसुबह 4 बज गए। इसके बाद बाकी के दो डिपो की जांच को मंगलवार को करने के बारे में कह कर पुलिस व इंस्पेक्टर वहां से चले गए। इसी दौरान ट्रक ड्राइवर व कंडक्टर को ट्रक सहित मौके पर ही छोड़ दिया गया।
इन पांच डिपो की तीन दिन में दो बार हुई जांच
मेयर सुरेश वर्मा के भाई, रिश्तेदार व नजदीकी के नाम पांच डिपो हैं। इनकी तीन दिन में दो बार शिकायत के आधार पर चेकिंग की जा चुकी है। लेकिन कुछ खास गड़बड़ घोटाला सामने नहीं आया है। समालखा, मतलौडा, बाबरपुर, छाजपुर व पानीपत से आता है इन डिपो में गेहूं
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- जगदीश नगर में भाई दलबीर के नाम है डिपो। इसमें 130 कट्टे गेहूं हर माह आता है। दलबीर के नाम पिछले पांच साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- डाबर कॉलोनी में मेयर के चाचा राजबीर के नाम डिपो है, जिसमें 200 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। राजबीर को पिछले 30 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- दलबीर कॉलोनी में मेयर के भाई आजाद वर्मा के नाम से डिपो है। जिसमें 250 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। आजाद वर्मा को पिछले 5 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- राकेश नगर में मेयर की बुआ के लड़के लाल सिंह के नाम से डिपो है। जिसमें 80 कट्टे गेहूं आता है। लाल सिंह को 6 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- कुटानी गांव में मेयर के नजदीकी बिंटू के नाम से डिपो है। इसमें 200 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। बिंटू से पहले उसके पिता रमेश कुमार इस डिपो के संचालक थे। दो साल पहले उनकी मौत के उपरांत उनके बेटे बिंटू के नाम डिपो किया गया। ये डिपो सात साल से लाइसेंसशुदा है।
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मेयर के भाई और चाचा के डिपो पर छापा, एक जगह 22 कट्टे अधिक तो दूसरी जगह 22 क ट्टे कम मिला गेहूं
- खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर ने गेहूं के कट्टों सहित गोदाम के मॉल की विभाग को लिखित में दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा के भाई के डिपो पर शनिवार देर रात दो थानों की पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर व कंडक्टर को भी हिरासत में ले लिया था। पांच घंटे की लंबी जांच में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर ने डिपो में कम-ज्यादा गेहूं होने की बात कही। इसके बाद इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज दी। किला थाना पुलिस का कहना है कि विभाग द्वारा रिपोर्ट थाने में आ जाने पर मामले में संज्ञान लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस व विभाग इंस्पेक्टर ने पांच में से दो डिपो के गेहूं की जांच के लिए मंगलवार का समय लिया है। इसके बाद ही पांचों डिपो की रिपोर्ट विभाग को पेश की जाएगी।
दलबीर नगर स्थित मेयर सुरेश वर्मा के भाई आजाद वर्मा व डाबर कॉलोनी स्थित चाचा राजबीर के डिपो पर ट्रक से उतर रहे गेहूं पर थाना चांदनीबाग व किला थाना पुलिस ने छापेमारी की। चांदनीबाग एसएचओ सुरेश सैनी व किला थाना पुलिस एसएचओ बलवान सिंह ने भारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची व ट्रक से उतार रहे गेहूं को रुकवाया। मौके पर पूरे घटनाक्रम की पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी भी की गई। मौके पर ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भी सूचित किया गया। विभाग के इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे व पूरे माल के बिल चेक किए। इसके बाद बिल के आधार पर डिपो में रखे गेहूं के कट्टे गिने गिए। इसमें 22 कट्टों की गड़बड़ी मिली। मेयर के घर में बने दो डिपो में आजाद वर्मा के डिपो में गेहूं के 22 कट्टे ज्यादा मिले। जबकि दूसरे राजबीर के डिपो में 22 कट्टे कम मिले। इसके बाद मेयर के भाई जगदीश कॉलोनी स्थित दलबीर के डिपो में रखे माल की जांच की गई। इसमें तीन कट्टे ज्यादा मिले। इसी जांच में रात 11 बजे से अलसुबह 4 बज गए। इसके बाद बाकी के दो डिपो की जांच को मंगलवार को करने के बारे में कह कर पुलिस व इंस्पेक्टर वहां से चले गए। इसी दौरान ट्रक ड्राइवर व कंडक्टर को ट्रक सहित मौके पर ही छोड़ दिया गया।
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इन पांच डिपो की तीन दिन में दो बार हुई जांच
मेयर सुरेश वर्मा के भाई, रिश्तेदार व नजदीकी के नाम पांच डिपो हैं। इनकी तीन दिन में दो बार शिकायत के आधार पर चेकिंग की जा चुकी है। लेकिन कुछ खास गड़बड़ घोटाला सामने नहीं आया है। समालखा, मतलौडा, बाबरपुर, छाजपुर व पानीपत से आता है इन डिपो में गेहूं
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- जगदीश नगर में भाई दलबीर के नाम है डिपो। इसमें 130 कट्टे गेहूं हर माह आता है। दलबीर के नाम पिछले पांच साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- डाबर कॉलोनी में मेयर के चाचा राजबीर के नाम डिपो है, जिसमें 200 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। राजबीर को पिछले 30 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- दलबीर कॉलोनी में मेयर के भाई आजाद वर्मा के नाम से डिपो है। जिसमें 250 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। आजाद वर्मा को पिछले 5 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- राकेश नगर में मेयर की बुआ के लड़के लाल सिंह के नाम से डिपो है। जिसमें 80 कट्टे गेहूं आता है। लाल सिंह को 6 साल से डिपो का लाइसेंस प्राप्त है।
- कुटानी गांव में मेयर के नजदीकी बिंटू के नाम से डिपो है। इसमें 200 कट्टे गेहूं प्रतिमाह आता है। बिंटू से पहले उसके पिता रमेश कुमार इस डिपो के संचालक थे। दो साल पहले उनकी मौत के उपरांत उनके बेटे बिंटू के नाम डिपो किया गया। ये डिपो सात साल से लाइसेंसशुदा है।