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मांगे मंगवाने के लिए एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए निगम कार्यालय में एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल रखी और सरकार से मांगों को जल्द ही लागू करने की मांग की। रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन ने भी निगम कर्मचारी एसोसिएशन की मांगों का समर्थन दिया। निगम कर्मचारियों की ओर से कार्यालय घेरने के चलते पूरा दिन फरियादी अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाए।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले निगम के 21 कर्मचारी वीरवार को एक दिन की निगम कार्यालय में भूख हड़ताल की। राज्य कार्यकारिणी सदस्य बलदेव बागड़ी ने कहा कि निगम कर्मचारी सरकार और अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं कर रही। यूनियन ने अब मांगे मनवाने तक संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया है। निगम कर्मचारियों का भूख हड़ताल पर बैठना संघर्ष का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में सातवें वेतन आयोग अनुसार वेतन और भत्ते दे दिए गए हैं, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों को अनदेखा किया जा रहा है। जिला प्रशासन जसबीर व ब्लाक प्रधान सतपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने समान काम समान वेतन का फैसला दिया है, लेकिन खुद सरकार ही इसकी धज्जियां उड़ा रही है। महिला विंग प्रधान रीटा रानी ने कहा कि महिला कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को तैयार हैं। उप प्रधान सतबीर ने कहा कि यूनियन का प्रदर्शन निगम के हर कर्मचारी के हक में है और सभी कर्मचारियों को प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कश्मीर सिंह व सचिव तेजपाल ने हा कि निगम कर्मचारियों की सातवें वेतन आयोग अनुसार वेतन व भत्ते की मांग जायज है। सरकार को उनकी मांगों को मानते हुए लाभ देना चाहिए।
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पानीपत। नगर निगम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए निगम कार्यालय में एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल रखी और सरकार से मांगों को जल्द ही लागू करने की मांग की। रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन ने भी निगम कर्मचारी एसोसिएशन की मांगों का समर्थन दिया। निगम कर्मचारियों की ओर से कार्यालय घेरने के चलते पूरा दिन फरियादी अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाए।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले निगम के 21 कर्मचारी वीरवार को एक दिन की निगम कार्यालय में भूख हड़ताल की। राज्य कार्यकारिणी सदस्य बलदेव बागड़ी ने कहा कि निगम कर्मचारी सरकार और अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं कर रही। यूनियन ने अब मांगे मनवाने तक संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया है। निगम कर्मचारियों का भूख हड़ताल पर बैठना संघर्ष का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में सातवें वेतन आयोग अनुसार वेतन और भत्ते दे दिए गए हैं, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों को अनदेखा किया जा रहा है। जिला प्रशासन जसबीर व ब्लाक प्रधान सतपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने समान काम समान वेतन का फैसला दिया है, लेकिन खुद सरकार ही इसकी धज्जियां उड़ा रही है। महिला विंग प्रधान रीटा रानी ने कहा कि महिला कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को तैयार हैं। उप प्रधान सतबीर ने कहा कि यूनियन का प्रदर्शन निगम के हर कर्मचारी के हक में है और सभी कर्मचारियों को प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कश्मीर सिंह व सचिव तेजपाल ने हा कि निगम कर्मचारियों की सातवें वेतन आयोग अनुसार वेतन व भत्ते की मांग जायज है। सरकार को उनकी मांगों को मानते हुए लाभ देना चाहिए।
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