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कुट्टू का आटा सेवन करने से 11 की बिगड़ी तबीयत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 01:51 AM IST
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11's health deteriorated after consuming buckwheat flour
पानीपत। कुट्टू का आटा खाने से बीमार हुए बच्चे व महिलाएं इलाज के लिए पहुंचे। - फोटो : Panipat
पानीपत। नवरात्र पर फलाहार के रूप में खाए जाने वाला कुट्टू का आटा व्रतधारियों के लिए जान की आफत बन गया। इसके सेवन से बाबरपुर मंडी में 11 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों ने मरीजों की जांच की और उन्हें एंटीबॉयोटिक, उल्टी-दस्त की दवाएं दी। शाम तक सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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पीड़ित लोगों का आरोप है कि मार्केट में कुट्टू का खराब और पुराना आटा सप्लाई हो रहा है। उधर, सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अधिकारी अपनी टीम के साथ बाबरपुर मंडी पहुंचे। यहां पर दुकान से कुट्टू के आटे, सिंगाडे़ के आटे व सावक के आटे के एक-एक सैंपल लिए गए। इसके बाद टीम रिफाइनरी पहुंची। यहां पर एक जनरल स्टोर से कुट्टू के आटे के दो सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए करनाल लैब भेजा गया है। 10 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
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सिविल अस्पताल में दाखिल बाबरपुर मंडी निवासी रेखा ने बताया कि उसने नवरात्रों में व्रत रखा है। वह एक करियाना स्टोर से कुट्टू का आटा लेकर आई थी। रविवार शाम को उसने आटे की पूरी (पूड़ी) बनाई थी। रात को उसकी उसकी बहन कोमल, भाई रिजूक, मां संतोष, भतीजे गर्वित व प्रगति ने भी उसे खाया। खाने के बाद वह आंगन में टहल रही थी तभी उसे सिर में चक्कर महसूस हुए। इसके बाद उल्टी आने लगी। इसके बाद एक के बाद सभी की तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने सभी को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। रात भर अस्पताल में उनका इलाज चला। सोमवार सुबह उन्हें छुट्टी मिल गई। सुबह कचरौली गांव में कुट्टू के आटे के सेवन से पांच लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें तीन महिलाएं व दो पुरुष थे। इन्हें भी प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई।
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कुट्टू के आटे के सेवन से करें परहेज
सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉ. केतन भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रों के दिनों में इस आटे के सेवन से परहेज करना चाहिए। कुट्टू के पुराने आटे में माइक्रो टॉक्सिक विष के कण उत्पन्न हो जाते हैं। ये सेहत के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने अच्छी क्वालिटी का आटा उपयोग करने की अपील की है।

आटे के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं
कुट्टू के आटे के सेवन से लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उनकी टीम बाबरपुर मंडी पहुंच गई थी। यहां से कुट्टू , सिंगाडे व सावक के आटे के सैंपल लिए गए हैं। रिफाइनरी के पास से भी दो दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। सैंपल को जांच के लिए करनाल लैब भेज दिया गया है। उनकी सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। -डॉ.संदीप चौधरी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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