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Panchkula News: निर्दलीय सदस्यों के हाथ जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी
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चंडीगढ़। हरियाणा में 22 जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी निर्दलीय जीते सदस्यों के हाथ में है। भाजपा-जजपा, आप, इनेलो और बसपा किसी भी जिले में अपने दम पर चेयरमैन बनाने की स्थिति में नहीं है। सिंबल पर इन दलों के कहीं भी इतने सदस्य नहीं जीते हैं कि अपने दम पर चेयरमैन बना लें। गठबंधन सरकार में सहयोगी भाजपा और जजपा ने अपने भरोसेमंद नेताओं को चेयरमैन की कुर्सी पर बिठाने के लिए निर्दलीयों को साधना शुरू कर दिया है। तटस्थ माने जा रहे जिला परिषद सदस्यों से भी संपर्क साधा गया है। उन्हें साथ आने के लिए वाइस चेयरमैन पद की पेशकश की गई है।
भाजपा भले ही 22 सीटें जीती हो, लेकिन पार्टी के मीडिया प्रभारी डॉ. संजय शर्मा ने सोमवार को 300 समर्थित और आजाद उम्मीदवारों के समर्थन का दावा किया है।
जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने 100 नवनिर्वाचित सदस्य जजपा समर्थित या उनकी विचारधारा के होने की बात कही है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि 15 सदस्य सिंबल पर जीते हैं, 28 निर्दलीय सदस्यों ने आप में आस्था जताई है और जल्दी दामन थामेंगे। दो जिलों में आप चेयरमैन बनाने का दावा भी करेगी। इनेलो सिरसा के अलावा अन्य जिलों में निर्दलीयों का साथ देकर भाजपा, जजपा का गणित बिगाड़ने का काम करेगी।
कांग्रेस बेशक सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ी, लेकिन उसके समर्थक भी कई जिलों में जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस का पूरा जोर चेयरमैन की कुर्सी भाजपा, जजपा के खाते में न जाने पर रहेगा। निर्दलीयों के साथ कांग्रेस विधायकों व वरिष्ठ नेताओं ने भी संपर्क किया है। सभी दलों की सक्रियता से साफ है कि चेयरमैन की कुर्सी की जंग किसी भी जिले में आसान नहीं रहने वाली है। हर जगह दो से तीन सदस्य चेयरमैन बनने के प्रमुख दावेदार हैं।
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निर्दलीयों से नजदीकियां बढ़ा रहे रणनीतिकार
भाजपा, जजपा यह मानकार चल रही हैं कि सरकार होने के कारण अधिकतर निर्दलीय उनके साथ आएंगे और 22 जिलों में से अधिकांश में सरकार के ही चेयरमैन बनेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों ने निर्दलीय सदस्यों के साथ नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। जहां कुल सीटों में से भाजपा समर्थित अधिक जीते हैं। वहां चेयरमैन अपना बनाने के साथ वाइस चेयरमैन निर्दलीयों को बनाया जाएगा। जहां निर्दलीय ज्यादा जीते हैं, वहां चेयरमैन उनका बनाकर भाजपा विचारधारा के सदस्य को वाइस चेयरमैन की कुर्सी सौंपने की तैयारी है।
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भाजपा भले ही 22 सीटें जीती हो, लेकिन पार्टी के मीडिया प्रभारी डॉ. संजय शर्मा ने सोमवार को 300 समर्थित और आजाद उम्मीदवारों के समर्थन का दावा किया है।
जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने 100 नवनिर्वाचित सदस्य जजपा समर्थित या उनकी विचारधारा के होने की बात कही है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि 15 सदस्य सिंबल पर जीते हैं, 28 निर्दलीय सदस्यों ने आप में आस्था जताई है और जल्दी दामन थामेंगे। दो जिलों में आप चेयरमैन बनाने का दावा भी करेगी। इनेलो सिरसा के अलावा अन्य जिलों में निर्दलीयों का साथ देकर भाजपा, जजपा का गणित बिगाड़ने का काम करेगी।
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कांग्रेस बेशक सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ी, लेकिन उसके समर्थक भी कई जिलों में जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस का पूरा जोर चेयरमैन की कुर्सी भाजपा, जजपा के खाते में न जाने पर रहेगा। निर्दलीयों के साथ कांग्रेस विधायकों व वरिष्ठ नेताओं ने भी संपर्क किया है। सभी दलों की सक्रियता से साफ है कि चेयरमैन की कुर्सी की जंग किसी भी जिले में आसान नहीं रहने वाली है। हर जगह दो से तीन सदस्य चेयरमैन बनने के प्रमुख दावेदार हैं।
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निर्दलीयों से नजदीकियां बढ़ा रहे रणनीतिकार
भाजपा, जजपा यह मानकार चल रही हैं कि सरकार होने के कारण अधिकतर निर्दलीय उनके साथ आएंगे और 22 जिलों में से अधिकांश में सरकार के ही चेयरमैन बनेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों ने निर्दलीय सदस्यों के साथ नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। जहां कुल सीटों में से भाजपा समर्थित अधिक जीते हैं। वहां चेयरमैन अपना बनाने के साथ वाइस चेयरमैन निर्दलीयों को बनाया जाएगा। जहां निर्दलीय ज्यादा जीते हैं, वहां चेयरमैन उनका बनाकर भाजपा विचारधारा के सदस्य को वाइस चेयरमैन की कुर्सी सौंपने की तैयारी है।